⚡ 10-शब्द त्वरित गाइड: 10वीं व ITI पास युवाओं हेतु रहना-खाना सहित 100% फ्री सोलर कोर्स।
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भारत में नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) और केंद्र सरकार की ऐतिहासिक ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के शुभारंभ के बाद पूरे देश में सोलर एनर्जी क्षेत्र में क्रांति आ चुकी है। देश भर के 1 करोड़ घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने और बड़े पैमाने पर अल्ट्रा-मेगा सोलर पार्कों के रखरखाव के लिए भारत को लाखों कुशल सोलर तकनीशियनों की आवश्यकता है।
इसी राष्ट्रीय आवश्यकता को पूरा करने के लिए भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (NISE) के तत्वावधान में ‘सूर्यमित्र कौशल विकास कार्यक्रम’ (Suryamitra Skill Development Program) संचालित किया जा रहा है।
सबसे खास बात यह है कि यह कोई साधारण कोर्स नहीं है, बल्कि यह 100% निःशुल्क (Free Tuition), पूर्णतः आवासीय (Free Hostel & Meals) और 600 घंटे (90 दिन) का सघन प्रैक्टिकल प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसके पूरा होने पर भारत सरकार का प्रतिष्ठित ‘स्किल इंडिया’ और ‘NISE’ प्रमाणित सरकारी प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है।
शिक्षातक (sikshatak.com) के इस संपूर्ण पिलर गाइड में हम सूर्यमित्र ट्रेनिंग की अनिवार्य पात्रता, मिलने वाली मुफ्त सुविधाएं, 90 दिन का सघन प्रैक्टिकल सिलेबस, अधिकृत ट्रेनिंग सेंटर्स की सूची, आवेदन प्रक्रिया और जॉब व सैलरी के अवसरों का प्रामाणिक विवरण साझा कर रहे हैं।
📌 त्वरित सारांश तालिका: सूर्यमित्र योजना 2026 एक नज़र में
| मुख्य पहलू | प्रामाणिक तथ्य / सरकारी नियम |
|---|---|
| कार्यक्रम का नाम | सूर्यमित्र कौशल विकास कार्यक्रम (Suryamitra Skill Development Program) |
| नोडल मंत्रालय | नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE, भारत सरकार) |
| कार्यान्वयन संस्था | राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (NISE – National Institute of Solar Energy) |
| कोर्स की अवधि | 600 घंटे (लगभग 90 कार्य दिवस / 3 महीने) |
| कोर्स का स्वरूप | पूर्णतः आवासीय (Residential — हॉस्टल, भोजन व यूनिफॉर्म 100% फ्री) |
| प्रशिक्षण शुल्क | ₹0 (पूर्णतः निःशुल्क) — समस्त व्यय भारत सरकार वहन करती है |
| अनिवार्य योग्यता | 10वीं पास + ITI (इलेक्ट्रीशियन, वायरमैन, फिटर, इलेक्ट्रॉनिक्स) अथवा 12वीं / डिप्लोमा |
| आयु सीमा | न्यूनतम 18 वर्ष (कोई ऊपरी कठोर सीमा नहीं, सामान्यतः 18 से 30 वर्ष) |
| सर्टिफिकेट | स्किल इंडिया (Skill India / NSDC) व NISE अधिकृत सरकारी प्रमाण पत्र |
| आधिकारिक पोर्टल | suryamitra.nise.res.in |
☀️ 1. सूर्यमित्र स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम क्या है? (What is Suryamitra Scheme?)
‘सूर्यमित्र’ भारत सरकार द्वारा प्रायोजित एक प्रमुख कौशल संवर्धन पहल है, जिसका उद्देश्य देश के ग्रामीण और कस्बाई युवाओं को रूफटॉप सोलर पीवी (Solar PV) सिस्टम की स्थापना, वायरिंग, ग्रिड इंटीग्रेशन, टेस्टिंग और कमिशनिंग का उच्चस्तरीय व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है।
इस योजना की 3 सबसे बड़ी विशेषताएं:
- शून्य वित्तीय भार (Zero Cost): छात्र से ट्रेनिंग, हॉस्टल, मेस या परीक्षा के नाम पर एक भी रुपया नहीं लिया जाता। प्रशिक्षण केंद्र को प्रति छात्र संपूर्ण अनुदान सीधे केंद्र सरकार द्वारा जारी किया जाता है।
- सघन व्यावहारिक अनुभव (Hands-on Practical Training): कुल 600 घंटों में से 400 घंटे से अधिक का समय सीधे फील्ड, वर्कशॉप और लाइव सोलर रूफटॉप प्रोजेक्ट्स पर काम करने में व्यतीत होता है।
- सरकारी मान्यता व प्लेसमेंट सहायता: प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर मानकीकृत थ्योरी व प्रैक्टिकल परीक्षा होती है, जिसके बाद छात्रों को प्रमुख सोलर कंपनियों, डिस्कॉम (DISCOM) व सोलर वेंडरों में रोजगार सहायता प्रदान की जाती है।
📋 2. सूर्यमित्र बनने के लिए अनिवार्य पात्रता शर्तें (Eligibility Criteria)
सूर्यमित्र प्रशिक्षण में प्रवेश लेने के लिए उम्मीदवार को निम्नलिखित बुनियादी शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:
- शैक्षणिक योग्यता (कोई एक):
- मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं कक्षा उत्तीर्ण + किसी भी एनसीवीटी/एससीवीटी अधिकृत संस्थान से ITI डिप्लोमा (इलेक्ट्रीशियन, वायरमैन, फिटर, इंस्ट्रूमेंटेशन या इलेक्ट्रॉनिक्स ट्रेड में)।
- अथवा इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल या इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में 3-वर्षीय पॉलिटेक्निक डिप्लोमा।
- अथवा 12वीं कक्षा (भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित – PCM वर्ग) के साथ न्यूनतम 50% अंक।
- आयु सीमा: आवेदन के समय अभ्यर्थी की आयु न्यूनतम 18 वर्ष पूर्ण होनी चाहिए। युवाओं को प्राथमिकता देने के लिए सामान्यतः 18 से 28 वर्ष के अभ्यर्थियों का चयन तेजी से होता है।
- विशेष प्राथमिकता: ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवाओं, आईटीआई पास बेरोजगार छात्रों, महिला शिक्षार्थियों और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि (EWS/BPL) के आवेदकों को चयन में विशेष वरीयता दी जाती है।
- शारीरिक स्वास्थ्य: चूंकि सोलर पैनल्स का इंस्टॉलेशन छतों, शेड्स और ऊंचाई पर होता है, इसलिए उम्मीदवार का शारीरिक रूप से स्वस्थ होना और ऊंचाई पर कार्य करने (Height Safety) में सक्षम होना आवश्यक है।
🏨 3. प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाली 100% मुफ्त सुविधाएं
सूर्यमित्र योजना के तहत चयनित प्रत्येक शिक्षार्थी को 90 दिनों की संपूर्ण अवधि के लिए निम्नलिखित सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की जाती हैं:
- मुफ्त हॉस्टल आवास (Free Boarding & Lodging): प्रशिक्षण केंद्र के परिसर में ही स्वच्छ कमरे, बिस्तर और सुरक्षित आवासीय सुविधा।
- मुफ्त भोजन व मेस व्यवस्था (Free Daily Meals): सुबह का नाश्ता, पौष्टिक दोपहर का भोजन, शाम की चाय और रात्रि भोजन।
- पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE Kit): सेफ्टी हेलमेट, इंसुलेटेड ग्लव्स (दस्ताने), सेफ्टी गॉगल्स (चश्मा) और सेफ्टी शूज।
- व्यावहारिक टूलकिट व अध्ययन सामग्री: सोलर वायरिंग टूल्स, डिजिटल मल्टीमीटर, क्लैंप मीटर और सचित्र हिंदी/अंग्रेजी संदर्भ पुस्तकें।
- यूनिफॉर्म व आईडी कार्ड: सूर्यमित्र लोगो युक्त आधिकारिक एप्रन/टी-शर्ट और पहचान पत्र।
🛠️ 4. सूर्यमित्र का 90-दिन (600 घंटे) का सघन प्रैक्टिकल पाठ्यक्रम
सूर्यमित्र का पाठ्यक्रम राष्ट्रीय व्यावसायिक मानक (NOS – National Occupational Standards) के अनुरूप तैयार किया गया है, जो 7 प्रमुख मॉड्यूल्स में विभाजित है:
मॉड्यूल 1: विद्युत व सौर ऊर्जा के बुनियादी सिद्धांत (Basic Electrical & Solar Radiation)
- एसी (AC) और डीसी (DC) करंट का अंतर, वोल्टेज, एम्पीयर, प्रतिरोध और ओम का नियम।
- सौर विकिरण (Solar Irradiation), पीक सन आवर्स (PSH) और सूर्य की दिशा (Tilt Angle & Azimuth Angle) का मापन।
- विद्युत सुरक्षा मानक, प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) और शॉक प्रिवेंशन तकनीक।
मॉड्यूल 2: सोलर फोटोवोल्टाइक पैनल्स एवं टेक्नोलॉजी (Solar PV Modules)
- मोनोक्रिस्टलाइन (Monocrystalline), पॉलीक्रिस्टलाइन और नवीनतम बाइफेशियल (Bifacial) व TOPCon पैनल्स की कार्यप्रणाली।
- सोलर सेल्स का संयोजन (Series & Parallel Connections) और स्ट्रिंग वोल्टेज की गणना।
- शैडो एनालिसिस (Shadow Analysis): सोलर पाथफाइंडर और मोबाइल ऐप्स से छाया का सटीक आंकलन।
मॉड्यूल 3: सोलर इन्वर्टर व बैलेंस ऑफ सिस्टम (Inverters & BOS)
- ऑन-ग्रिड (On-grid / Grid-tied), ऑफ-ग्रिड (Off-grid) और हाइब्रिड (Hybrid) इन्वर्टर्स का आंतरिक ढांचा और इंस्टॉलेशन।
- चार्ज कंट्रोलर्स (PWM एवं MPPT टेक्नोलॉजी) की दक्षता और ट्यूनिंग।
- डीसी जंक्शन बॉक्स (DCDB) और एसी जंक्शन बॉक्स (ACDB) की वायरिंग, एमसीबी (MCB), एसपीडी (SPD) व फ्यूज चयन।
मॉड्यूल 4: सोलर बैटरी बैंक व रखरखाव (Solar Battery Systems)
- लेड-एसिड, ट्यूबलर और आधुनिक लिथियम-आयन (LiFePO4) बैटरियों का रख-रखाव और चार्जिंग साइकिल।
- बैटरी प्रबंधन प्रणाली (BMS) और बैकअप समय की सटीक गणना।
मॉड्यूल 5: रूफटॉप सिविल व मैकेनिकल स्ट्रक्चर इंस्टॉलेशन (Mounting Structure)
- कंक्रीट की छत (RCC Roof), टीन शेड और टाइल रूफ पर सोलर स्ट्रक्चर की ड्रिलिंग व केमिकल फास्टनिंग।
- हवा के दबाव (Wind Load Analysis) के अनुसार स्ट्रक्चर की स्थिरता और वॉटरप्रूफिंग।
- कॉपर व जीआई अर्थिंग (Earthing Pit) बनाना और लाइटनिंग अरेस्टर (Lightning Arrester / तड़ित चालक) लगाना।
मॉड्यूल 6: ग्रिड इंटीग्रेशन, नेट मीटरिंग व डिस्कॉम औपचारिकताएं (Net Metering)
- स्थानीय बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) के नियमों के अनुसार द्विदिशीय मीटर (Bi-directional / Net Meter) की स्थापना।
- सोलर प्लांट की ग्रिड सिंक्रोनाइजेशन प्रक्रिया और लोड टेस्टिंग।
- पीएम सूर्य घर योजना के नेशनल पोर्टल पर रूफटॉप प्लांट की कमीशनिंग रिपोर्ट और फोटो अपलोड करना।
मॉड्यूल 7: ट्रबलशूटिंग, मेंटेनेंस व कस्टमर हैंडलिंग (Operation & Maintenance)
- थर्मल इमेजिंग कैमरे और क्लैंप मीटर से हॉटस्पॉट व फॉल्ट खोजना।
- सोलर पैनल्स की वैज्ञानिक सफाई (Dry & Wet Cleaning Technique)।
- ग्राहक संवाद, वारंटी क्लेम और प्लांट परफॉर्मेंस मॉनिटरिंग सिस्टम (RMS – Remote Monitoring System)।
📝 5. सूर्यमित्र ट्रेनिंग में एडमिशन कैसे लें? (Step-by-Step Registration Process)
सूर्यमित्र में प्रवेश की प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी और सरल है। प्रत्येक बैच में अधिकतम 30 सीटें होती हैं:
- आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान के आधिकारिक पोर्टल suryamitra.nise.res.in पर विजिट करें।
- अधिकृत ट्रेनिंग सेंटर्स की सूची देखें: होमपेज पर “Training Centers / Partners” सेक्शन में जाकर अपने राज्य (जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान) और जिले के अधिकृत संस्थान का चयन करें।
- संस्थान से संपर्क अथवा ऑफलाइन आवेदन: प्रत्येक राज्य में राजकीय आईटीआई (Govt ITI), नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) और सरकार द्वारा चयनित निजी इंजीनियरिंग कॉलेज सूर्यमित्र बैच आयोजित करते हैं। आप सीधे संस्थान में जाकर ‘सूर्यमित्र आवेदन पत्र’ प्राप्त कर सकते हैं।
- दस्तावेज़ सत्यापन (Document Verification): आवेदन फॉर्म के साथ अपनी 10वीं की मार्कशीट, आईटीआई सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक और 4 पासपोर्ट फोटो संलग्न करें।
- साक्षात्कार व मेरिट चयन: सीटों की संख्या सीमित (30 प्रति बैच) होने के कारण संस्थान द्वारा एक संक्षिप्त लिखित परीक्षा अथवा साक्षात्कार आयोजित किया जाता है, जिसके आधार पर अंतिम चयन सूची जारी होती है।
- हॉस्टल में उपस्थिति: चयनित छात्र को निर्धारित तिथि पर हॉस्टल में रिपोर्ट करना होता है, जहाँ से 90 दिन की निःशुल्क ट्रेनिंग शुरू हो जाती है।
🏛️ 6. उत्तर प्रदेश व हिंदी पट्टी के प्रमुख अधिकृत सूर्यमित्र प्रशिक्षण संस्थान
हिंदी भाषी राज्यों में निम्नलिखित शीर्ष संस्थानों में सूर्यमित्र के नियमित बैच संचालित होते हैं:
- उत्तर प्रदेश (UP):
- राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (NSTI), गोविंद नगर, कानपुर।
- राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (Government ITI), अलीगंज, लखनऊ।
- राजकीय आईटीआई, पांडू नगर, कानपुर।
- उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (UPNEDA) प्रशिक्षण केंद्र, देवा रोड, चिनहट, लखनऊ।
- राजकीय आईटीआई, नैनी, प्रयागराज एवं करौंदी, वाराणसी।
- बिहार (Bihar):
- राजकीय आईटीआई, दीघा घाट, पटना।
- बिहार नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (BREDA) पार्टनर सेंटर्स (मुजफ्फरपुर, भागलपुर व गया)।
- मध्य प्रदेश (MP):
- ऊर्जा विकास निगम (MPUVNL) अधिकृत वोकेशनल सेंटर्स (भोपाल, इंदौर व जबलपुर)।
- शासकीय आईटीआई, गोविंदपुरा, भोपाल।
- राजस्थान (Rajasthan):
- राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम (RREC) अधिकृत तकनीकी केंद्र (जयपुर, जोधपुर व कोटा)।
💼 7. ट्रेनिंग के बाद करियर स्कोप, जॉब रोल्स एवं सैलरी पैकेज
सूर्यमित्र का कोर्स पूरा करने के बाद छात्रों के पास नौकरी और स्वरोजगार दोनों के बेहतरीन रास्ते खुल जाते हैं:
1. प्रमुख जॉब रोल्स (Job Opportunities):
- सोलर पीवी इंस्टॉलर (Solar PV Installer): टाटा पावर सोलर, वारी एनर्जीज (Waaree), अदानी सोलर, लूम सोलर जैसी बड़ी कंपनियों में साइट इंस्टॉलर।
- ओ एंड एम सुपरवाइजर (Operation & Maintenance): स्थापित सोलर प्लांट्स और व्यावसायिक इमारतों के मेंटेनेंस सुपरवाइजर।
- सोलर सेल्स व साइट सर्वेक्षक: छतों का तकनीकी सर्वे करने और लोड की गणना करने वाले विशेषज्ञ।
- डिस्कॉम वेंडर असिस्टेंट: बिजली विभागों के साथ मिलकर नेट-मीटरिंग लगाने वाली प्रमाणित एजेंसियों में तकनीकी विशेषज्ञ।
2. वेतन संरचना (Salary Expectations):
- प्रारंभिक वेतन (Fresher Package): ₹18,000 से ₹25,000 प्रति माह + साइट अलाउंस व ईएसआई/पीएफ।
- 2 वर्ष के अनुभव के बाद: ₹30,000 से ₹45,000 प्रति माह + इंसेंटिव।
3. स्वरोजगार व सरकारी वेंडर बनने का मौका (Self-Employment):
सूर्यमित्र सर्टिफिकेट धारक युवा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMAY) या स्टैंड-अप इंडिया के तहत बैंक से आसान ऋण लेकर अपना खुद का सोलर इंस्टॉलेशन स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं और पीएम सूर्य घर पोर्टल पर पंजीकृत वेंडर बनकर प्रति किलोवाट ₹5,000 से ₹8,000 की शुद्ध सेवा कमाई कर सकते हैं।
🏆 8. सूर्यमित्र परीक्षा हेतु 5 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय अभ्यास प्रश्न (MCQs)
प्रश्न 1: ‘सूर्यमित्र कौशल विकास कार्यक्रम’ किस केंद्रीय मंत्रालय द्वारा संचालित किया जाता है?
(A) श्रम एवं रोजगार मंत्रालय
(B) नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE)
(C) भारी उद्योग मंत्रालय
(D) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
उत्तर: (B) नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE)
व्याख्या: सूर्यमित्र कार्यक्रम का संचालन MNRE के राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (NISE) द्वारा 100% केंद्रीय अनुदान पर किया जाता है।
प्रश्न 2: सूर्यमित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम की कुल मानक समयावधि कितनी होती है?
(A) 300 घंटे (45 दिन)
(B) 600 घंटे (लगभग 90 दिन)
(C) 1200 घंटे (1 वर्ष)
(D) 150 घंटे (1 महीना)
उत्तर: (B) 600 घंटे (लगभग 90 दिन)
व्याख्या: यह 600 घंटे का आवासीय कोर्स होता है, जिसमें थ्योरी, लैब और फील्ड प्रैक्टिकल शामिल हैं।
प्रश्न 3: सोलर पैनल्स की क्षमता (रेटिंग) सामान्यतः किस इकाई में मापी जाती है?
(A) हॉर्सपावर (HP)
(B) वॉट पीक (Watt Peak – Wp)
(C) ल्यूमेन (Lumen)
(D) एम्पीयर-आवर (Ah)
उत्तर: (B) वॉट पीक (Watt Peak – Wp)
व्याख्या: मानक परीक्षण परिस्थितियों (STC) में सोलर पैनल के अधिकतम आउटपुट को वॉट-पीक (Wp) में व्यक्त किया जाता है।
प्रश्न 4: ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम में बिजली को ग्रिड में भेजने और खपत मापने के लिए कौन सा मीटर प्रयुक्त होता है?
(A) स्मार्ट प्रीपेड मीटर
(B) एनालॉग मीटर
(C) नेट मीटर (बाय-डायरेक्शनल मीटर)
(D) टैकोमीटर
उत्तर: (C) नेट मीटर (बाय-डायरेक्शनल मीटर)
व्याख्या: नेट मीटर आयातित (खपत की गई) और निर्यातित (ग्रिड को भेजी गई) दोनों बिजली की सही गणना करता है।
प्रश्न 5: सूर्यमित्र में प्रवेश हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता क्या निर्धारित है?
(A) 8वीं पास
(B) 10वीं पास + आईटीआई (इलेक्ट्रीशियन/फिटर/इलेक्ट्रॉनिक्स)
(C) बी.टेक कंप्यूटर साइंस
(D) स्नातकोत्तर (M.Sc)
उत्तर: (B) 10वीं पास + आईटीआई (इलेक्ट्रीशियन/फिटर/इलेक्ट्रॉनिक्स)
व्याख्या: 10वीं के साथ मान्यता प्राप्त आईटीआई ट्रेड वाले छात्र सूर्यमित्र प्रशिक्षण हेतु प्राथमिक रूप से पात्र होते हैं।
❓ 9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: क्या सूर्यमित्र ट्रेनिंग के दौरान खाने और रहने के पैसे देने पड़ते हैं?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। सूर्यमित्र पूरी तरह से 100% सरकारी आवासीय योजना है। इसमें प्रशिक्षण शुल्क, हॉस्टल में रहने का खर्च, दोनों समय का भोजन, नाश्ता और स्टेशनरी सब कुछ भारत सरकार द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।
Q2: क्या लड़कियां भी सूर्यमित्र कोर्स कर सकती हैं?
उत्तर: हाँ, बिल्कुल। सरकार महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए छात्राओं और महिला आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को सूर्यमित्र में प्रवेश के लिए विशेष प्राथमिकता देती है।
Q3: क्या बिना आईटीआई (ITI) किए केवल 10वीं या 12वीं पास छात्र यह कोर्स कर सकते हैं?
उत्तर: यदि आपने 12वीं कक्षा विज्ञान वर्ग (PCM) से उत्तीर्ण की है, तो आप आवेदन कर सकते हैं। केवल सामान्य 10वीं पास छात्रों को पहले आईटीआई अथवा संबंधित वोकेशनल कोर्स करने का परामर्श दिया जाता है।
Q4: कोर्स पूरा करने के बाद सरकारी सर्टिफिकेट कैसे मिलता है?
उत्तर: 90 दिन की ट्रेनिंग के पश्चात NISE और स्किल काउंसिल फॉर ग्रीन जॉब्स (SCGJ) द्वारा थ्योरी और प्रैक्टिकल परीक्षा ली जाती है। सफल शिक्षार्थियों को ऑनलाइन डिजिटल क्यूआर-कोडेड सरकारी ‘सूर्यमित्र सर्टिफिकेट’ प्रदान किया जाता है।
Q5: सूर्यमित्र का नया बैच कब शुरू होता है?
उत्तर: देश भर के अधिकृत संस्थानों में वर्ष भर आवश्यकतानुसार नए बैच (प्रति बैच 30 छात्र) शुरू होते रहते हैं। आप आधिकारिक पोर्टल suryamitra.nise.res.in पर सक्रिय बैचों की जानकारी देख सकते हैं।
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महत्वपूर्ण आधिकारिक सत्यापन नोट:
यह आलेख पूर्ण सतर्कता, तथ्यात्मक निष्ठा और सरकारी प्रावधानों के आधार पर विद्यार्थियों के मार्गदर्शन हेतु तैयार किया गया है। यद्यपि सभी नियमों, योग्यताओं और प्रक्रियाओं की शत-प्रतिशत प्रामाणिकता सुनिश्चित की गई है, फिर भी किसी भी अंतिम निर्णय, प्रवेश प्रक्रिया या आवेदन से पूर्व संबंधित मंत्रालय/संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट (suryamitra.nise.res.in) अथवा जारी मूल विज्ञापन (Official PDF) का अवलोकन व मिलान अवश्य कर लें। किसी भी प्रशासनिक अथवा नीतिगत बदलाव की स्थिति में संबंधित अधिकृत संस्था का निर्णय ही अंतिम एवं सर्वोपरि मान्य होगा।
सभी आईटीआई और तकनीकी छात्रों को यह सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अनाधिकृत एजेंट या बिचौलिए को सूर्यमित्र प्रवेश के नाम पर कोई शुल्क न दें। सूर्यमित्र कार्यक्रम पूरी तरह से 100% निःशुल्क है। प्रवेश केवल आधिकारिक पोर्टल अथवा अधिकृत राजकीय संस्थानों के माध्यम से ही प्राप्त करें। शिक्षातक (sikshatak.com) युवाओं को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए सदैव समर्पित है।

