⚡ 10-शब्द त्वरित गाइड: 10वीं पास छात्रों हेतु DGT का 2-वर्षीय फ्यूचर-रेडी इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रेड।
दैनिक शिक्षा समाचार, सरकारी नौकरी अपडेट्स, बोर्ड परीक्षा व फ़्री PDF नोट्स सबसे पहले पाने के लिए जॉइन करें:
भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (Electric Mobility Revolution) और हरित परिवहन की दिशा में आई अभूतपूर्व क्रांति ने पारंपरिक ऑटोमोबाइल क्षेत्र की पूरी कार्यप्रणाली को बदल दिया है। आज देश की सड़कों पर लाखों इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (Ola, Ather, TVS), ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक कारें (Tata, Mahindra) और ‘पीएम ई-बस सेवा’ के तहत हजारों इलेक्ट्रिक बसें दौड़ रही हैं।
पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों में इंजन, कार्बोरेटर, स्पार्क प्लग और गियरबॉक्स होते थे, जबकि इलेक्ट्रिक वाहन पूरी तरह से हाई-वोल्टेज लिथियम-आयन बैटरी पैक, बीएमएस (Battery Management System), बीएलडीसी व पीएमएसएम इलेक्ट्रिक मोटर्स और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोलर्स पर कार्य करते हैं।
पारंपरिक मैकेनिकों के पास इस आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-वोल्टेज सुरक्षा का तकनीकी ज्ञान न होने के कारण ऑटोमोबाइल उद्योग में कुशल ईवी तकनीशियनों की भारी कमी पैदा हो गई है। इसी विशाल मांग को पूरा करने के लिए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के अधीन प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT NCVT) ने नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NSQF Level-4) के अंतर्गत 2-वर्षीय आधिकारिक ‘Mechanic Electric Vehicle’ (MEV) ट्रेड शुरू किया है।
शिक्षातक (sikshatak.com) के इस संपूर्ण पिलर गाइड में हम 10वीं पास छात्रों के लिए ITI MEV ट्रेड की पात्रता, 2-वर्षीय सेमेस्टर-वाइज नया DGT सिलेबस, सरकारी ITI कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया, अप्रेंटिसशिप और शीर्ष ऑटोमोबाइल कंपनियों में सैलरी पैकेज का प्रामाणिक विवरण प्रस्तुत कर रहे हैं।
📌 त्वरित सारांश तालिका: ITI MEV ट्रेड 2026 एक नज़र में
| मुख्य बिंदु | प्रामाणिक नियम / DGT दिशा-निर्देश |
|---|---|
| ट्रेड का आधिकारिक नाम | मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल (Mechanic Electric Vehicle – MEV) |
| पाठ्यक्रम कोड व स्तर | DGT / NCVT अनुमोदित (NSQF Level-4 इंजीनियरिंग ट्रेड) |
| कोर्स की समयावधि | 2 वर्ष (4 सेमेस्टर / कुल 2400 घंटे का प्रैक्टिकल व थ्योरी) |
| अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता | मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं कक्षा उत्तीर्ण (विज्ञान एवं गणित विषय अनिवार्य) |
| आयु सीमा | न्यूनतम 14 वर्ष (प्रवेश वर्ष की 1 अगस्त को); अधिकतम आयु सीमा का कोई कठोर बंधन नहीं |
| सरकारी ITI फीस | ₹1,500 से ₹3,000 प्रति वर्ष (अत्यंत किफायती व छात्रवृत्ति उपलब्ध) |
| जारी होने वाला प्रमाण पत्र | नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट (NTC – National Trade Certificate) |
| उच्च शिक्षा का अवसर | 2-वर्षीय MEV के बाद सीधे पॉलिटेक्निक डिप्लोमा द्वितीय वर्ष में लैटरल एंट्री (Lateral Entry) |
⚡ 1. ITI मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल (MEV) ट्रेड क्या है?
‘Mechanic Electric Vehicle’ एक 2-वर्षीय नियमित इंजीनियरिंग ट्रेड है, जिसे विशेष रूप से आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण, असेंबली, डायग्नोस्टिक्स, वायरिंग, बैटरी मेंटेनेंस और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की देखरेख के लिए तैयार किया गया है।
पारंपरिक ‘मैकेनिक मोटर व्हीकल’ (MMV) और ‘MEV’ में क्या अंतर है?
- पारंपरिक MMV ट्रेड: इसमें इंटरनल कंबशन इंजन (ICE – पेट्रोल/डीजल), फ्यूल इंजेक्शन पंप, पिस्टन, सिलेंडर, रेडिएटर और एग्जॉस्ट सिस्टम की रिपेयरिंग सिखाई जाती है।
- नया MEV ट्रेड: इसमें इंजन के बजाय हाई-वोल्टेज डीसी सिस्टम (48V से 800V), लिथियम-आयन बैटरी सेल बैलेंसिंग, इनवर्टर ड्राइव्स, बीएलडीसी मोटर वाइंडिंग, रीजेनरेटिव ब्रेकिंग और कंप्यूटर आधारित ओबीडी-2 (OBD-II) फॉल्ट कोड स्कैनिंग का गहन तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाता है।
📋 2. MEV ट्रेड में एडमिशन हेतु पात्रता व नियम (Eligibility Criteria)
यदि आप 10वीं कक्षा के बाद इस आधुनिक ट्रेड में प्रवेश लेना चाहते हैं, तो निम्नलिखित पात्रता शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:
- शैक्षणिक योग्यता: अभ्यर्थी का किसी भी मान्यता प्राप्त राज्य शिक्षा बोर्ड (जैसे UPMSP, RBSE, BSEB, MPBSE) अथवा केंद्रीय बोर्ड (CBSE/ICSE) से 10वीं कक्षा (हाईस्कूल) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। 10वीं में गणित (Mathematics) और विज्ञान (Science) विषय का होना अनिवार्य है।
- आयु सीमा: प्रवेश वर्ष की 1 अगस्त को अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 14 वर्ष होनी चाहिए। सरकारी आईटीआई में सामान्यतः अधिकतम आयु 40 वर्ष (भूतपूर्व सैनिकों व दिव्यांगों हेतु 45 वर्ष) तक स्वीकार्य होती है।
- शारीरिक मानक: छात्र का मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक है। विशेष रूप से कलर ब्लाइंडनेस (वर्णांधता) न होना जरूरी है, क्योंकि इलेक्ट्रिक वायरिंग में विभिन्न रंगों के तारों की सटीक पहचान अनिवार्य होती है।
- आरक्षण लाभ: प्रत्येक राज्य के नियमों के अनुसार अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और महिला अभ्यर्थियों को सीटों में वैधानिक आरक्षण मिलता है।
🛠️ 3. 2-वर्षीय (4 सेमेस्टर) विस्तृत DGT नया पाठ्यक्रम (Syllabus Breakdown)
DGT द्वारा अनुमोदित नया पाठ्यक्रम थ्योरी के साथ 70% प्रैक्टिकल वर्कशॉप ट्रेनिंग पर केंद्रित है:
प्रथम वर्ष (Year 1: Basic Electrical, Electronics & Mechanical Subsystems)
- विद्युत एवं सुरक्षा के बुनियादी सिद्धांत: हाई-वोल्टेज सुरक्षा, शॉक प्रिवेंशन, क्लास-C व D अग्निशामक यंत्र, इंसुलेटेड टूल्स (1000V रेटेड) का उपयोग।
- इलेक्ट्रिकल मेजरमेंट व वायरिंग: एनालॉग व डिजिटल मल्टीमीटर, क्लैंप मीटर, ऑसिलोस्कोप का उपयोग; ऑटोमोबाइल वायरिंग हार्नेस, रिले, फ्यूज और सोल्डरिंग तकनीक।
- इलेक्ट्रिक मोटर्स की कार्यप्रणाली: ब्रशरहित डीसी मोटर (BLDC Motor), परमानेंट मैग्नेट सिंक्रोनस मोटर (PMSM) और थ्री-फेज इंडक्शन मोटर का परीक्षण, स्टैटर वाइंडिंग व रोटर असेंबली।
- ईवी मैकेनिकल चेसिस व ट्रांसमिशन: सिंगल-स्पीड रिडक्शन गियरबॉक्स, डिफरेंशियल, स्टीयरिंग मैकेनिज्म, डिस्क ब्रेक और रीजेनरेटिव ब्रेकिंग (ऊर्जा पुनःप्राप्ति प्रणाली)।
- कूलिंग व थर्मल सिस्टम: बैटरी पैक और मोटर कंट्रोलर के लिए लिक्विड कूलिंग (Liquid Coolant Circuit) और एयर कूलिंग सिस्टम की सर्विसिंग।
द्वितीय वर्ष (Year 2: Advanced Batteries, BMS, Charging & Diagnostics)
- लिथियम-आयन बैटरी टेक्नोलॉजी: सिलेंड्रिकल (18650, 21700), प्रिज़्मैटिक और पाउच सेल्स की केमिस्ट्री (NMC, LFP – Lithium Iron Phosphate); सेल बैलेंसिंग व थर्मल रनअवे से बचाव।
- बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS): बीएमएस हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर, स्टेट ऑफ चार्ज (SOC) और स्टेट ऑफ हेल्थ (SOH) का आंकलन, ओवर-वोल्टेज व शॉर्ट सर्किट प्रोटेक्शन सर्किट्री।
- ईवी चार्जिंग स्टेशन व प्रोटोकॉल: एसी स्लो चार्जिंग (Type-2), डीसी सुपरफास्ट चार्जिंग (CCS-2 और CHAdeMO मानक); ऑन-बोर्ड चार्जर (OBC) और डीसी-टू-डीसी कन्वर्टर की रिपेयरिंग।
- कैन बस कम्युनिकेशन (CAN Bus): कंट्रोलर एरिया नेटवर्क प्रोटोकॉल, इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU) और सेंसर कम्युनिकेशन।
- उन्नत फॉल्ट डायग्नोस्टिक्स (Diagnostic Scan Tools): ओबीडी-II (OBD-II) स्कैनर से डीटीसी (DTC – Diagnostic Trouble Codes) पढ़ना, लाइव डेटा मॉनिटरिंग और कंट्रोलर री-कैलिब्रेशन।
📝 4. सरकारी ITI में एडमिशन कैसे लें? (Step-by-Step Admission Process)
प्रत्येक राज्य में आईटीआई प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और मेरिट आधारित होती है:
- ऑनलाइन आवेदन (State ITI Portal): प्रत्येक वर्ष मई से जुलाई के बीच राज्य के व्यावसायिक शिक्षा परिषद पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म जारी होते हैं:
- उत्तर प्रदेश: राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (scvtup.in)
- बिहार: बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगी परीक्षा पर्षद (bceceboard.bihar.gov.in)
- मध्य प्रदेश: एमपी ऑनलाइन आईटीआई पोर्टल (iti.mponline.gov.in)
- राजस्थान: कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग पोर्टल
- मेरिट सूची का प्रकाशन: 10वीं बोर्ड परीक्षा में प्राप्त अंकों (High School Marks) के आधार पर राज्य स्तरीय व जिला स्तरीय मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है।
- ट्रेड एवं कॉलेज का चयन (Choice Filling): च्वाइस फिलिंग के दौरान अपने जिले के प्रमुख राजकीय आईटीआई में ‘Mechanic Electric Vehicle’ को प्रथम वरीयता पर चुनें।
- सीट आवंटन व दस्तावेज़ सत्यापन: मेरिट के आधार पर सीट आवंटित होने पर आवंटित आईटीआई कॉलेज में जाकर मूल दस्तावेजों (10वीं मार्कशीट, आधार, जाति व निवास प्रमाण पत्र, टीसी) का सत्यापन कराएं और नाममात्र की सरकारी फीस जमा करके प्रवेश सुनिश्चित करें।
🏛️ 5. उत्तर प्रदेश व हिंदी पट्टी के प्रमुख राजकीय ITI कॉलेज जहाँ MEV ट्रेड उपलब्ध है
भारत सरकार द्वारा आईटीआई आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत प्रमुख राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में अत्याधुनिक ईवी लैब्स स्थापित की गई हैं:
- उत्तर प्रदेश:
- राजकीय आईटीआई, अलीगंज, लखनऊ (मॉडल आईटीआई लैब)
- राजकीय आईटीआई, पांडू नगर, कानपुर (अत्याधुनिक मारुति सुजुकी व टाटा ईवी लैब)
- राजकीय आईटीआई, नैनी, प्रयागराज
- राजकीय आईटीआई, करौंदी, वाराणसी
- राजकीय आईटीआई, साकेत, मेरठ एवं आगरा
- मध्य प्रदेश:
- शासकीय संभागीय आईटीआई, गोविंदपुरा, भोपाल
- शासकीय संभागीय आईटीआई, नंदा नगर, इंदौर
- शासकीय आईटीआई, जबलपुर
- बिहार:
- राजकीय आईटीआई, दीघा घाट, पटना
- राजकीय आईटीआई, मुजफ्फरपुर एवं गया
- हरियाणा व दिल्ली:
- राजकीय आईटीआई, गुरुग्राम (हरियाणा ऑटोमोबाइल हब)
- आईटीआई, पूसा रोड, नई दिल्ली
💼 6. करियर के अवसर, शीर्ष रिक्रूटर्स एवं सैलरी पैकेज
2-वर्षीय MEV ट्रेड उत्तीर्ण करने के बाद छात्रों को देश के तेजी से बढ़ते ग्रीन मोबिलिटी सेक्टर में हाथों-हाथ रोजगार मिलता है:
1. प्रमुख नियोक्ता कंपनियां (Top Automobile Employers):
- ईवी मैन्युफैक्चरर्स: Tata Motors Passenger EV, Mahindra Last Mile Mobility, Ola Electric, Ather Energy, TVS Motor, Hero Electric, Bajaj Auto (Chetak)।
- ई-बस व कमर्शियल वाहन: Olectra Greentech, JBM Auto, Switch Mobility (Ashok Leyland)।
- बैटरी व कंपोनेंट निर्माता: Exide Energy, Amara Raja, Lucas TVS, Spark Minda।
- चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां: Tata Power EZ Charge, Jio-bp, ChargeZone।
2. वेतन संरचना (Salary Structure):
- प्रारंभिक वेतन (Fresher Package): ₹18,000 से ₹26,000 प्रति माह + ओवरटाइम व ईएसआई/पीएफ सुविधाएं।
- 2 से 3 वर्ष के अनुभव के बाद: ₹30,000 से ₹45,000 प्रति माह (सीनियर डायग्नोस्टिक टेक्नीशियन / फ्लोर सुपरवाइजर पद पर)।
3. नेशनल अप्रेंटिसशिप (NAPS Apprenticeship):
कोर्स पूरा करने के बाद छात्र रेलवे वर्कशॉप्स, स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (रोडवेज बस डिपो) या प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों में 1 वर्ष की अप्रेंटिसशिप कर सकते हैं, जहाँ उन्हें प्रतिमाह ₹9,000 से ₹12,000 का सरकारी स्टाइपेंड और नेशनल अप्रेंटिसशिप सर्टिफिकेट (NAC) मिलता है, जो रेलवे लोको पायलट व टेक्नीशियन भर्तियों में भारी वरीयता दिलाता है।
🏆 7. MEV ट्रेड परीक्षा हेतु 5 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय अभ्यास प्रश्न (MCQs)
प्रश्न 1: इलेक्ट्रिक वाहनों में सामान्यतः किस प्रकार की मोटर का सबसे अधिक उपयोग किया जाता है?
(A) स्टेपर मोटर
(B) ब्रशयुक्त डीसी मोटर
(C) ब्रशरहित डीसी मोटर (BLDC) एवं PMSM मोटर
(D) यूनिवर्सल मोटर
उत्तर: (C) ब्रशरहित डीसी मोटर (BLDC) एवं PMSM मोटर
व्याख्या: BLDC और PMSM मोटर्स उच्च दक्षता, कम घर्षण और लंबे जीवनकाल के कारण इलेक्ट्रिक दोपहिया व कारों में सर्वाधिक प्रयुक्त होती हैं।
प्रश्न 2: इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी प्रणाली में ‘BMS’ का पूर्ण रूप क्या है?
(A) Battery Mounting System
(B) Battery Management System
(C) Basic Motor Starter
(D) Battery Measurement Standard
उत्तर: (B) Battery Management System
व्याख्या: बीएमएस बैटरी के तापमान, वोल्टेज, करंट और सेल बैलेंसिंग की निगरानी करके बैटरी को सुरक्षित रखता है।
प्रश्न 3: इलेक्ट्रिक वाहनों में ब्रेकिंग के दौरान निकलने वाली गतिज ऊर्जा को पुनः विद्युत में बदलने वाली प्रणाली को क्या कहते हैं?
(A) मैकेनिकल ब्रेकिंग
(B) हाइड्रोलिक ब्रेकिंग
(C) रीजेनरेटिव ब्रेकिंग (Regenerative Braking)
(D) डिस्क ब्रेकिंग
उत्तर: (C) रीजेनरेटिव ब्रेकिंग (Regenerative Braking)
व्याख्या: रीजेनरेटिव ब्रेकिंग मोटर को जनरेटर की भांति चलाकर ऊर्जा को बैटरी में वापस स्टोर करती है, जिससे रेंज बढ़ती है।
प्रश्न 4: इलेक्ट्रिक वाहनों में प्रयुक्त नवीनतम लिथियम-आयन बैटरी केमिस्ट्री ‘LFP’ का क्या अर्थ है?
(A) Lithium Fast Polymer
(B) Lithium Iron Phosphate (LiFePO4)
(C) Low Frequency Power
(D) Lithium Fixed Power
उत्तर: (B) Lithium Iron Phosphate (LiFePO4)
व्याख्या: एलएफपी (LFP) बैटरियां उच्च ताप सहने की क्षमता, सुरक्षा और लंबे चक्र जीवन (Long Cycle Life) के लिए प्रसिद्ध हैं।
प्रश्न 5: DGT के अनुसार ITI मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल (MEV) कोर्स की अवधि कितनी है?
(A) 6 महीने
(B) 1 वर्ष
(C) 2 वर्ष (4 सेमेस्टर)
(D) 3 वर्ष
उत्तर: (C) 2 वर्ष (4 सेमेस्टर)
व्याख्या: MEV ट्रेड DGT NCVT द्वारा अनुमोदित 2-वर्षीय नियमित इंजीनियरिंग ट्रेड है।
❓ 8. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: क्या 10वीं पास छात्र सीधे ITI MEV ट्रेड में एडमिशन ले सकते हैं?
उत्तर: हाँ, 10वीं कक्षा में विज्ञान और गणित विषय उत्तीर्ण कोई भी छात्र राज्य स्तरीय आईटीआई ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से सीधे इस ट्रेड में प्रवेश ले सकता है।
Q2: क्या MEV ट्रेड करने के बाद सीधे पॉलिटेक्निक डिप्लोमा में दाखिला मिल सकता है?
उत्तर: हाँ, 2-वर्षीय NCVT आईटीआई उत्तीर्ण करने के बाद छात्र राज्य पॉलिटेक्निक (जैसे UP JEECUP) की लेटरल एंट्री योजना के तहत सीधे इलेक्ट्रिकल या मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा के द्वितीय वर्ष (तीसरे सेमेस्टर) में सीधे प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं।
Q3: क्या लड़कियां भी इस ट्रेड में प्रवेश ले सकती हैं?
उत्तर: बिल्कुल। आधुनिक ईवी वर्कशॉप्स में भारी इंजन उठाने के बजाय इलेक्ट्रॉनिक टेस्टिंग, वायरिंग, कंट्रोलर प्रोग्रामिंग और बैटरी असेंबली का कार्य होता है, जो महिला छात्रों के लिए अत्यंत सुरक्षित और सम्मानजनक करियर है।
Q4: क्या इस ट्रेड के बाद सरकारी नौकरी मिल सकती है?
उत्तर: हाँ, भारतीय रेलवे (Electric Loco Sheds), रक्षा उपक्रमों (DRDO/HAL), राज्य परिवहन निगमों (Electric Bus Depots) और केंद्रीय भारी उद्योग उपक्रमों में नियमित सरकारी टेक्नीशियन पदों पर अवसर मिलते हैं।
Q5: प्राइवेट कॉलेज और सरकारी कॉलेज की फीस में कितना अंतर होता है?
उत्तर: राजकीय आईटीआई में 2 वर्ष की कुल फीस मात्र ₹3,000 से ₹5,000 के आसपास होती है (जो छात्रवृत्ति में वापस मिल जाती है), जबकि निजी आईटीआई में यह फीस ₹35,000 से ₹60,000 तक हो सकती है।
🔗 9. इन्हें भी अवश्य पढ़ें (महत्वपूर्ण संबंधित लेख)
तकनीकी शिक्षा, वोकेशनल स्किल्स व करियर गाइडेंस हेतु शिक्षातक (sikshatak.com) के अन्य उपयोगी लेख:
| संबंधित विषय | मुख्य सामग्री व उपयोगिता | सीधा आधिकारिक लिंक |
|---|---|---|
| ईवी टेक्नीशियन संपूर्ण गाइड | 10वीं बाद इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नीशियन कैसे बनें, योग्यता व सैलरी | EV Technician Course Details in Hindi |
| सोलर टेक्नीशियन पिलर गाइड | ITI सोलर ट्रेड, रूफटॉप सोलर सिलेबस व करियर स्कोप | Solar Technician Course Details in Hindi |
| सूर्यमित्र फ्री ट्रेनिंग प्रोग्राम | 10वीं/ITI बाद 3 माह का 100% फ्री सरकारी आवासीय सोलर कोर्स | Suryamitra Skill Development Program in Hindi |
| ड्रोन पायलट करियर गाइड | 10वीं बाद 7 दिन में DGCA सर्टिफाइड ड्रोन पायलट कैसे बनें | Drone Pilot Course Kaise Kare |
| स्कूल फीस माफी प्रार्थना पत्र | आर्थिक तंगी या मेरिट पर स्कूल/कॉलेज फीस माफी के 3 प्रारूप | फीस माफी के लिए प्रार्थना पत्र |
📌 10. छात्र परामर्श एवं आधिकारिक सत्यापन नोट
यह विशेष शैक्षणिक मार्गदर्शिका कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE), प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT NCVT) तथा ऑटोमोटिव स्किल्स डेवलपमेंट काउंसिल (ASDC) के आधिकारिक पाठ्यक्रमों और अधिसूचनाओं के आधार पर संकलित की गई है।
महत्वपूर्ण आधिकारिक सत्यापन नोट: यह आलेख पूर्ण सतर्कता, तथ्यात्मक निष्ठा और सरकारी प्रावधानों के आधार पर विद्यार्थियों के मार्गदर्शन हेतु तैयार किया गया है। यद्यपि सभी नियमों, योग्यताओं, तिथियों और पाठ्यक्रमों की शत-प्रतिशत प्रामाणिकता सुनिश्चित की गई है, फिर भी किसी भी अंतिम निर्णय, आईटीआई प्रवेश प्रक्रिया, फॉर्म भरने या संस्थान चयन से पूर्व संबंधित राज्य के आधिकारिक आईटीआई प्रवेश पोर्टल (जैसे scvtup.in आदि) अथवा DGT की आधिकारिक वेबसाइट (dgt.gov.in) पर जारी मूल विज्ञापन (Official PDF Notification) का अवलोकन व मिलान अवश्य कर लें। किसी भी प्रशासनिक अथवा विनियामक बदलाव की स्थिति में संबंधित आधिकारिक प्राधिकरण का निर्णय ही सर्वोपरि एवं अंतिम मान्य होगा।
सभी तकनीकी और 10वीं पास छात्रों को यह परामर्श दिया जाता है कि वे प्रवेश के समय एनसीवीटी (NCVT) मान्यता अवश्य जांच लें। शिक्षातक (sikshatak.com) प्रत्येक विद्यार्थी को आधुनिक तकनीकी कौशल से सशक्त कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए सदैव समर्पित है।
