World Students Day Speech in Hindi 2026: 15 अक्टूबर विश्व छात्र दिवस और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जयंती पर स्कूल असेंबली भाषण

World Students Day Speech in Hindi 2026: 15 अक्टूबर विश्व छात्र दिवस और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जयंती पर स्कूल असेंबली भाषण

World Students Day Speech in Hindi: हर वर्ष 15 अक्टूबर को भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक और ‘मिसाइल मैन’ के नाम से विख्यात डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती को पूरे विश्व में ‘विश्व छात्र दिवस’ (World Students’ Day) के रूप में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। डॉ. कलाम का मानना था कि छात्र ही किसी भी राष्ट्र की असली नींव और भविष्य होते हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन विज्ञान, राष्ट्र सेवा और विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में समर्पित कर दिया था।

स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में 15 अक्टूबर के दिन सुबह की प्रार्थना सभा (Morning Assembly) में विशेष भाषण, वाद-विवाद प्रतियोगिता और निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। यदि आप भी अपने स्कूल या कॉलेज में विश्व छात्र दिवस पर भाषण (Speech on World Students Day) देने की तैयारी कर रहे हैं, तो यहाँ प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च कक्षाओं के छात्रों के लिए सरल और प्रभावशाली भाषण प्रारूप प्रस्तुत किए जा रहे हैं।


विश्व छात्र दिवस 15 अक्टूबर को ही क्यों मनाया जाता है? (महत्वपूर्ण तथ्य)

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था। वे राष्ट्रपति बनने के बाद भी स्वयं को सदैव एक ‘शिक्षक’ मानते थे। छात्रों से संवाद करना और उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करना उनका सबसे प्रिय कार्य था। यही कारण है कि संयुक्त राष्ट्र (UN) ने वर्ष 2010 में डॉ. कलाम के 79वें जन्मदिवस पर उनके सम्मान में 15 अक्टूबर को ‘विश्व विद्यार्थी दिवस’ (World Students’ Day) घोषित किया था।

विवरण (Highlights)मुख्य जानकारी
दिवस का नामविश्व छात्र दिवस / विश्व विद्यार्थी दिवस (World Students’ Day)
तारीख15 अक्टूबर 2026 (प्रतिवर्ष 15 अक्टूबर)
किसके सम्मान मेंभारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (11वें राष्ट्रपति)
उद्देश्यछात्रों में नवाचार, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण की भावना जागृत करना
कलाम साहब का मूल मंत्र“सपने वो नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, सपने वो हैं जो हमें सोने नहीं देते।”

प्रारूप 1: स्कूल असेंबली के लिए 2 मिनट का छोटा व प्रभावशाली भाषण

(यह भाषण कक्षा 3 से 8 तक के छात्रों के लिए सुबह की प्रार्थना सभा में बोलने हेतु अत्यंत उपयुक्त है)

आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय, शिक्षकगण और मेरे प्यारे सहपाठियों,

आप सभी को सुप्रभात। आज 15 अक्टूबर है और हम सभी यहाँ ‘विश्व छात्र दिवस’ मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं।

आज का दिन हमारे देश के महान वैज्ञानिक, ‘मिसाइल मैन’ और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी का जन्मदिन है। कलाम साहब बच्चों और छात्रों से अगाध स्नेह करते थे। उनका कहना था कि यदि किसी देश को भ्रष्टाचार मुक्त और सुंदर विचारों वाला बनाना है, तो समाज के तीन सबसे महत्वपूर्ण लोग इसमें योगदान दे सकते हैं—पिता, माता और गुरु।

कलाम साहब ने सिखाया कि गरीबी कभी प्रतिभा की रुकावट नहीं बन सकती। रामेश्वरम की गलियों में अखबार बेचने वाले एक साधारण बालक ने अपनी लगन और मेहनत से देश के सर्वोच्च पद को सुशोभित किया।

प्यारे मित्रों! आज के दिन हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम केवल परीक्षा पास करने के लिए नहीं, बल्कि ज्ञान अर्जित करने और अपने देश को आगे बढ़ाने के लिए पढ़ेंगे।

अंत में कलाम साहब की इन पंक्तियों के साथ मैं अपनी वाणी को विराम देता हूँ:

“इंतज़ार करने वालों को सिर्फ उतना ही मिलता है,
जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते हैं।”

धन्यवाद! जय हिंद, जय भारत!


प्रारूप 2: सीनियर छात्रों व भाषण प्रतियोगिता के लिए 5 मिनट का विस्तृत भाषण

(यह भाषण कक्षा 9वीं से 12वीं और कॉलेज स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया गया है)

मंच पर उपस्थित आदरणीय मुख्य अतिथि, सम्माननीय प्रधानाचार्य जी, विद्वान शिक्षकगण और मेरे युवा साथियों!

आज 15 अक्टूबर का दिन केवल कैलेंडर की एक सामान्य तारीख नहीं है, बल्कि यह उस महान विभूति की स्मृति का दिन है जिसने करोड़ों भारतीय युवाओं को खुले आसमान में बड़े सपने देखने के पंख दिए। जी हाँ, आज हम भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान अंतरिक्ष वैज्ञानिक ‘भारत रत्न’ डॉ. अवुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम की जयंती और विश्व छात्र दिवस मना रहे हैं।

डॉ. कलाम एक ऐसे व्यक्तित्व थे जिनका जीवन सादगी, संघर्ष और अटूट राष्ट्रप्रेम की मिसाल है। एक वैज्ञानिक के रूप में उन्होंने भारत को परमाणु शक्ति संपन्न बनाया और अग्नि, पृथ्वी, त्रिशूल जैसी स्वदेशी मिसाइलें देकर देश की सुरक्षा को अभेद्य किया। लेकिन इन तमाम वैश्विक उपलब्धियों के बाद भी जब उनसे पूछा गया कि वे खुद को किस रूप में याद रखा जाना पसंद करेंगे, तो उनका मुस्कुराता हुआ जवाब था—“एक शिक्षक के रूप में।”

साथियों, आज विश्व छात्र दिवस पर हमें कलाम साहब के ‘सफलता के 4 मूल मंत्रों’ को अपने जीवन में उतारने की आवश्यकता है:

1. महान लक्ष्य (Great Aim): जीवन में लक्ष्य कभी छोटा नहीं होना चाहिए। छोटा लक्ष्य रखना अपराध के समान है。

2. ज्ञान का अर्जन (Continuously Acquire Knowledge): सीखना कभी बंद मत कीजिए, क्योंकि ज्ञान से ही आत्मविश्वास आता है。

3. कड़ी मेहनत (Hard Work): सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता。

4. दृढ़ता (Perseverance): जब तक लक्ष्य हासिल न हो, तब तक असफलताओं से घबराए बिना लगातार डटे रहना。

आज का दिन हमें यह आत्मनिरीक्षण करने का अवसर देता है कि एक विद्यार्थी के रूप में हमारी राष्ट्र के प्रति क्या ज़िम्मेदारी है। डॉ. कलाम का स्वप्न था ‘विकसित भारत’। यह स्वप्न तभी साकार होगा जब हम तकनीक, विज्ञान और नवाचार में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे।

आइए, आज विश्व छात्र दिवस के पावन अवसर पर हम यह प्रतिज्ञा करें कि हम आलस्य और निराशा को त्यागकर अपने सपनों की उड़ान भरेंगे और कलाम साहब के बताए मार्ग पर चलकर देश का नाम रोशन करेंगे।

“सूरज की तरह चमकना है अगर,
तो पहले सूरज की तरह जलना सीखो।”

आप सभी को विश्व छात्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! जय हिंद, जय भारत!


प्रारूप 3: शिक्षकों एवं प्रधानाचार्य के लिए प्रेरक भाषण (World Students Day Speech by Teachers in Hindi)

(यह प्रारूप विद्यालय के शिक्षकों और प्रधानाचार्य के लिए तैयार किया गया है, जो 15 अक्टूबर को स्कूल असेंबली में अपने विद्यार्थियों को संबोधित करने हेतु अत्यंत प्रभावशाली है)

विद्यालय के सभी सम्मानित शिक्षक साथियों और मेरे प्यारे बच्चों,

आप सभी को ‘विश्व छात्र दिवस’ और हमारे मार्गदर्शक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी की जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं।

आज का दिन एक शिक्षक के रूप में मेरे लिए और हम सभी अध्यापकों के लिए वर्ष का सबसे गौरवमयी दिन है। डॉ. कलाम देश के सर्वोच्च पद ‘राष्ट्रपति’ पर रहे, भारत के मिसाइल कार्यक्रम के जनक रहे, लेकिन जब उनसे उनके सबसे पसंदीदा काम के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने पूरे स्वाभिमान से कहा था—“मैं सबसे पहले एक शिक्षक हूँ और जीवन के अंतिम क्षण तक विद्यार्थियों के बीच ही रहना चाहता हूँ।” और वास्तव में, उनका अंतिम सांस भी शिलॉन्ग के छात्रों को व्याख्यान देते हुए ही निकला था।

कलाम साहब का शिक्षकों और समाज के लिए एक गहरा संदेश था:
“यदि किसी देश को भ्रष्टाचार मुक्त और सुंदर विचारों वाले नागरिकों का राष्ट्र बनाना है, तो इसमें केवल तीन लोग सबसे बड़ा योगदान दे सकते हैं—माता, पिता और एक शिक्षक।”

मेरे प्यारे विद्यार्थियों! आज इस पावन अवसर पर मैं आपसे एक बात कहना चाहता हूँ—आप में से प्रत्येक बच्चे के भीतर एक अद्वितीय प्रतिभा, एक चिंगारी छुपी हुई है। कोई गणित में होशियार हो सकता है, तो कोई कला, खेल, साहित्य या विज्ञान में। कभी भी अपने सहपाठी से अपनी तुलना करके निराश मत होइए।

कलाम साहब ने असफलता को एक नई परिभाषा दी थी। उन्होंने कहा था कि FAIL का अर्थ हारना नहीं, बल्कि ‘First Attempt In Learning’ (सीखने का पहला प्रयास) है। गलतियाँ करने से मत डरिए, क्योंकि जो प्रयास करेगा, वही गलतियाँ करेगा और जो गलतियों से सीखेगा, वही इतिहास रचेगा।

एक शिक्षक के तौर पर हमारा यह दायित्व है कि हम आपको केवल किताबी ज्ञान न दें, बल्कि आपके भीतर नैतिक मूल्य, राष्ट्रप्रेम और जिज्ञासा की लौ जलाएं। आप सिर्फ अंक लाने वाली मशीन नहीं हैं, आप कल के भारत के नीति-निर्माता हैं।

आइए, आज कलाम जयंती पर हम मिलकर यह संकल्प लें कि हम अपने विद्यालय को ज्ञान का ऐसा मंदिर बनाएंगे जहाँ से निकला हर छात्र देश और दुनिया में सकारात्मक बदलाव लाएगा।

डॉ. कलाम की इन अमर पंक्तियों के साथ:
“आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत,
असफलता नाम की बीमारी को मारने के लिए सबसे बढ़िया दवा है।”

मेरे प्यारे छात्रों, आप सभी को विश्व छात्र दिवस की असीम शुभकामनाएं! खूब पढ़ो, आगे बढ़ो और देश का नाम रोशन करो! जय हिंद!


भाषण देते समय ध्यान रखने योग्य 4 महत्वपूर्ण सुझाव

1. स्पष्ट उच्चारण और ठहराव: भाषण की शुरुआत धीमी और गंभीर आवाज़ में करें। महत्वपूर्ण वाक्यों और कलाम साहब के विचारों पर हल्का विराम (Pause) दें。

2. शारीरिक भाषा (Body Language): पोडियम पर सीधे खड़े रहें और सभी दर्शकों व शिक्षकों से नज़रें मिलाएँ (Eye Contact)。

3. समय सीमा का पालन: असेंबली में अक्सर समय सीमित होता है, इसलिए अपने भाषण को 2 से 3 मिनट के भीतर समाप्त करने का अभ्यास पहले से कर लें。

4. जोशीला समापन: भाषण का अंत हमेशा किसी ऊर्जावान शायरी या कलाम साहब के प्रसिद्ध नारे के साथ करें。


⚠️ महत्वपूर्ण नोट एवं अध्ययन सलाह (Disclaimer):
यद्यपि इस भाषण व अध्ययन सामग्री को तैयार करने में ऐतिहासिक तथ्यों, कलाम साहब के आधिकारिक भाषणों और संयुक्त राष्ट्र के संदर्भों का पूर्ण ध्यान रखा गया है, फिर भी छात्र अपनी स्कूल प्रतियोगिता के नियमों और निर्धारित समय-सीमा के अनुसार इसमें आवश्यक परिवर्तन कर सकते हैं。


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शिक्षकों और छात्रों के लिए विशेष संदेश:
यदि आपको यह भाषण संग्रह उपयोगी लगा हो, तो इसे अपने विद्यालय के नोटिस बोर्ड, प्रेयर असेंबली ग्रुप और सहपाठियों के साथ अवश्य साझा करें। डॉ. कलाम के आदर्शों और शिक्षा के महत्व को जन-जन तक पहुँचाना ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है।

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