उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP, प्रयागराज) द्वारा आयोजित की जाने वाली हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) की बोर्ड परीक्षा में ‘हिंदी’ विषय अनिवार्य एवं अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। हिंदी में उच्च अंक प्राप्त करना न केवल आपके कुल प्रतिशत (Percentage) को बढ़ाता है, बल्कि भाषा पर आपकी पकड़ को भी मजबूत करता है।
नवीनतम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और बोर्ड द्वारा निर्धारित परीक्षा पैटर्न के अनुसार, हाईस्कूल हिंदी का प्रश्नपत्र कुल 70 अंकों का होता है, जिसे दो स्पष्ट खंडों—खंड ‘अ’ (20 अंक – OMR आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न) तथा खंड ‘ब’ (50 अंक – वर्णनात्मक प्रश्न) में विभाजित किया गया है। शेष 30 अंक विद्यालय स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन (Project & Practical) के लिए निर्धारित होते हैं।
यहाँ विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा एवं अर्धवार्षिक परीक्षा की पुख्ता तैयारी के लिए संपूर्ण 70 अंकों का मॉडल पेपर पूर्ण हल (Complete Solution) और अंक विभाजन सहित प्रस्तुत किया जा रहा है।
एक नज़र में: यूपी बोर्ड 10वीं हिंदी परीक्षा पैटर्न 2027 (Highlights Table)
| परीक्षा मापदंड (Exam Attribute) | आधिकारिक विवरण (Official Details) |
|---|---|
| परीक्षा बोर्ड | उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP, Prayagraj) |
| कक्षा एवं विषय | कक्षा 10वीं (हाईस्कूल) — हिंदी |
| लिखित परीक्षा के कुल अंक | 70 अंक |
| आंतरिक मूल्यांकन (प्रोजेक्ट कार्य) | 30 अंक |
| परीक्षा की समय अवधि | 3 घंटे 15 मिनट (प्रारंभिक 15 मिनट प्रश्नपत्र पढ़ने हेतु) |
| प्रश्नपत्र का प्रारूप | खंड ‘अ’ (20 बहुविकल्पीय प्रश्न) + खंड ‘ब’ (वर्णनात्मक प्रश्न) |
| उत्तर देने का माध्यम | खंड ‘अ’: OMR शीट पर | खंड ‘ब’: उत्तर पुस्तिका पर |
| नकारात्मक अंकन (Negative Marking) | कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं (शून्य) |
| आधिकारिक वेबसाइट | upmsp.edu.in |
खंड ‘अ’: 20 बहुविकल्पीय प्रश्न (OMR Sheet Special – 20 अंक)
(निर्देश: सभी 20 प्रश्नों के उत्तर ओएमआर शीट पर काले/नीले बॉलपॉइंट पेन से गोलों को भरकर दें। प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का है।)
प्रश्न 1: ‘चिंतामणि’ किस विधा की रचना है और इसके लेखक कौन हैं?
(A) नाटक – जयशंकर प्रसाद
(B) निबंध संग्रह – आचार्य रामचंद्र शुक्ल
(C) उपन्यास – प्रेमचंद
(D) कहानी – यशपाल
उत्तर: (B) निबंध संग्रह – आचार्य रामचंद्र शुक्ल
प्रश्न 2: ‘गबन’ और ‘गोदान’ उपन्यासों के रचनाकार कौन हैं?
(A) मुंशी प्रेमचंद
(B) भगवती चरण वर्मा
(C) सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
(D) रामधारी सिंह दिनकर
उत्तर: (A) मुंशी प्रेमचंद
प्रश्न 3: ‘छायावाद’ युग के प्रमुख प्रवर्तक कवि माने जाते हैं?
(A) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
(B) जयशंकर प्रसाद
(C) मैथिलीशरण गुप्त
(D) कबीरदास
उत्तर: (B) जयशंकर प्रसाद
प्रश्न 4: ‘तितली’ किस विधा की प्रसिद्ध कृति है?
(A) कहानी
(B) नाटक
(C) उपन्यास
(D) आत्मकथा
उत्तर: (C) उपन्यास (जयशंकर प्रसाद)
प्रश्न 5: रीतिकाल की प्रमुख भाषा कौन सी थी?
(A) अवधी
(B) ब्रजभाषा
(C) खड़ी बोली
(D) मैथिली
उत्तर: (B) ब्रजभाषा
प्रश्न 6: ‘साकेत’ महाकाव्य के रचयिता कौन हैं?
(A) मैथिलीशरण गुप्त
(B) सुमित्रानंदन पंत
(C) महादेवी वर्मा
(D) हरिवंश राय बच्चन
उत्तर: (A) मैथिलीशरण गुप्त
प्रश्न 7: ‘लक्ष्मण-परशुराम संवाद’ रामचरितमानस के किस कांड से संकलित है?
(A) अयोध्या कांड
(B) बालकांड
(C) सुंदरकांड
(D) किष्किंधा कांड
उत्तर: (B) बालकांड
प्रश्न 8: ‘मधुशाला’ के रचयिता निम्नलिखित में से कौन हैं?
(A) रामधारी सिंह दिनकर
(B) हरिवंश राय बच्चन
(C) अज्ञेय
(D) धर्मवीर भारती
उत्तर: (B) हरिवंश राय बच्चन
प्रश्न 9: हास्य रस का स्थायी भाव क्या होता है?
(A) शोक
(B) हास
(C) रति
(D) उत्साह
उत्तर: (B) हास
प्रश्न 10: ‘चरण कमल बन्दौ हरिराई’ में कौन सा अलंकार है?
(A) उपमा अलंकार
(B) रूपक अलंकार
(C) उत्प्रेक्षा अलंकार
(D) यमक अलंकार
उत्तर: (B) रूपक अलंकार
प्रश्न 11: रोला छंद के प्रत्येक चरण में कितनी मात्राएं होती हैं?
(A) 16 मात्राएं
(B) 24 मात्राएं (11 और 13 पर यति)
(C) 28 मात्राएं
(D) 12 मात्राएं
उत्तर: (B) 24 मात्राएं
प्रश्न 12: ‘अनुराग’ शब्द में किस उपसर्ग का प्रयोग हुआ है?
(A) अ
(B) अनु
(C) अन
(D) राग
उत्तर: (B) अनु
प्रश्न 13: ‘दशानन’ (दस हैं आनन जिसके अर्थात रावण) में कौन सा समास है?
(A) द्विगु समास
(B) बहुव्रीहि समास
(C) द्वंद्व समास
(D) तत्पुरुष समास
उत्तर: (B) बहुव्रीहि समास
प्रश्न 14: ‘माता-पिता’ में कौन सा समास है?
(A) कर्मधारय
(B) द्वंद्व समास
(C) द्विगु समास
(D) अव्ययीभाव
उत्तर: (B) द्वंद्व समास
प्रश्न 15: ‘अग्नि’ का तद्भव रूप क्या होगा?
(A) आग
(B) पावक
(C) अनल
(D) ज्वाला
उत्तर: (A) आग
प्रश्न 16: ‘कमल’ का पर्यायवाची शब्द निम्नलिखित में से कौन सा है?
(A) जलद
(B) राजीव
(C) नीरजद
(D) अम्बर
उत्तर: (B) राजीव (पंकज, सरोज, जलज)
प्रश्न 17: ‘इत्यादि’ (इति + आदि) में कौन सी संधि है?
(A) दीर्घ संधि
(B) यण् संधि
(C) गुण संधि
(D) वृद्धि संधि
उत्तर: (B) यण् संधि
प्रश्न 18: ‘फलम्’ शब्द फल के किस विभक्ति एवं वचन का रूप है?
(A) प्रथमा विभक्ति, एकवचन
(B) द्वितीया विभक्ति, बहुवचन
(C) तृतीया विभक्ति, एकवचन
(D) पंचमी विभक्ति, द्विवचन
उत्तर: (A) प्रथमा विभक्ति, एकवचन
प्रश्न 19: ‘पठति’ रूप पठ् धातु के किस लकार का है?
(A) लट् लकार (वर्तमान काल)
(B) लृट् लकार (भविष्यत् काल)
(C) लङ् लकार (भूतकाल)
(D) लोट् लकार (आज्ञार्थक)
उत्तर: (A) लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
प्रश्न 20: ‘कुसंग का ज्वर सबसे भयानक होता है’—यह किस पाठ की पंक्ति है?
(A) ममता
(B) मित्रता (आचार्य रामचंद्र शुक्ल)
(C) अजंता
(D) क्या लिखूँ?
उत्तर: (B) मित्रता
खंड ‘ब’: 50 अंकों के वर्णनात्मक प्रश्न (Descriptive Section with Full Solution)
(निर्देश: सभी प्रश्नों के उत्तर अपनी मुख्य उत्तर पुस्तिका में स्पष्ट एवं सुंदर लिखावट में लिखें।)
प्रश्न 1: गद्यांश आधारित प्रश्न (6 अंक)
गद्यांश:
“कुसंग का ज्वर सबसे भयानक होता है। यह केवल नीति और सद्वृत्ति का ही नाश नहीं करता, बल्कि बुद्धि का भी क्षय करता है। किसी युवा पुरुष की संगति यदि बुरी होगी, तो वह उसके पैरों में बंधी चक्की के समान होगी, जो उसे दिन-दिन अवनति के गड्ढे में गिराती जाएगी और यदि अच्छी होगी, तो सहारा देने वाली बाहु के समान होगी, जो उसे निरंतर उन्नति की ओर उठाती जाएगी।”
प्रश्नोत्तर हल:
- उपर्युक्त गद्यांश का संदर्भ लिखिए:
उत्तर: प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक ‘हिंदी’ के गद्य-खंड में संकलित ‘मित्रता’ शीर्षक निबंध से अवतरित है। इसके लेखक प्रसिद्ध आलोचक एवं निबंधकार आचार्य रामचंद्र शुक्ल हैं। - रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए:
व्याख्या: लेखक कहते हैं कि बुरी संगति एक जानलेवा बुखार की तरह होती है, जो मनुष्य के सदाचार, विवेक और बुद्धि को पूरी तरह नष्ट कर देती है। जिस प्रकार पैर में बंधी चक्की मनुष्य को आगे नहीं बढ़ने देती और नीचे गिराती है, उसी प्रकार दुर्जनों की संगति व्यक्ति के पतन का कारण बनती है। इसके विपरीत, सत्संगति एक मजबूत हाथ की तरह सहारा देकर व्यक्ति को सदैव प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ाती है। - कुसंग का व्यक्ति के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: कुसंग व्यक्ति की नीति, सदाचार और बुद्धि का नाश करता है तथा उसे लगातार पतन और विनाश के गर्त में धकेल देता है।
प्रश्न 2: पद्यांश आधारित प्रश्न (6 अंक)
पद्यांश:
*”चरन कमल बंदौ हरिराई।
जाकी कृपा पंगु गिरि लंघै, अंधे को सब कछु दरसाई॥
बहिरो सुनै, मूक पुनि बोलै, रंक चले सिर छत्र धराई।
सूरदास स्वामी करुनामय, बार-बार बंदौ तेहि पाई॥”*
प्रश्नोत्तर हल:
- उपर्युक्त पद्यांश का संदर्भ लिखिए:
उत्तर: प्रस्तुत पद भक्तिकाल की कृष्णभक्ति शाखा के प्रमुख कवि महाकवि सूरदास द्वारा रचित ‘सूरसागर’ महाकाव्य से हमारी पाठ्यपुस्तक हिंदी के काव्य-खंड में ‘पद’ शीर्षक के अंतर्गत संकलित है। - रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए:
व्याख्या: सूरदास जी कहते हैं कि मैं भगवान श्रीकृष्ण के कमल रूपी चरणों की बार-बार वंदना करता हूँ। जिनकी असीम अनुकंपा से लंगड़ा व्यक्ति भी ऊंचे पर्वत को पार कर जाता है, अंधे को सब कुछ दिखाई देने लगता है, बहरा सुनने लगता है, गूंगा फिर से बोलने लगता है और एक अत्यंत निर्धन व्यक्ति भी राजा की भांति सिर पर छत्र धारण कर चलने लगता है। - काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए:
- भाषा: ब्रजभाषा
- रस: भक्ति एवं शांत रस
- अलंकार: रूपक (‘चरन कमल’) तथा अनुप्रास अलंकार
- छंद: गेय पद
प्रश्न 3: संस्कृत गद्यांश का संदर्भ सहित अनुवाद (5 अंक)
गद्यांश: “वाराणसी सुविख्याता प्राचीना नगरी। इयं विमलसलिलतरङ्गायाः गङ्गायाः कूले स्थिता। अस्याः घट्टानां वलयाकृतिः पङ्क्तिः धवलायां चन्द्रिकायां बहु राजते…”
- संदर्भ: प्रस्तुत संस्कृत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक के संस्कृत-खंड के ‘वाराणसी’ पाठ से उद्धृत है।
- हिंदी अनुवाद: वाराणसी बहुत ही प्रसिद्ध प्राचीन नगरी है। यह स्वच्छ जल की तरंगों वाली गंगा के तट पर स्थित है। इसके घाटों की घुमावदार पंक्ति श्वेत चांदनी में बहुत सुंदर लगती है। देश-विदेश से असंख्य पर्यटक नित्य यहाँ आते हैं।
प्रश्न 4: संस्कृत श्लोक का संदर्भ सहित अनुवाद (5 अंक)
श्लोक:
*”सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत्॥”*
- संदर्भ: प्रस्तुत श्लोक संस्कृत-खंड के ‘भारतीय संस्कृतिः’ पाठ से अवतरित है।
- हिंदी अनुवाद: सब सुखी हों, सब रोगमुक्त (निरोगी) हों, सभी कल्याण को देखें (सबका भला हो) और कोई भी मनुष्य दुःख का भागी न बने।
प्रश्न 5: खंडकाव्य आधारित प्रश्न (3 अंक)
(नोट: छात्र अपने जिले के लिए निर्धारित खंडकाव्य के आधार पर ही उत्तर दें; जैसे कानपुर/उन्नाव/झांसी हेतु ‘ज्योति जवाहर’ या ‘कर्मवीर भरत’ आदि।)
- प्रमुख पात्र का चरित्र-चित्रण (जैसे भरत, जवाहरलाल नेहरू या महाराणा प्रताप) हेडिंग बनाकर लिखें।
प्रश्न 6 (क): प्रमुख लेखक का जीवन परिचय (5 अंक)
आचार्य रामचंद्र शुक्ल का जीवन परिचय एवं रचनाएं:
- संक्षिप्त परिचय: जन्म सन् 1884 ई. में बस्ती जिले के अगौना गाँव में। हिंदी के मूर्धन्य आलोचक, इतिहासकार और निबंधकार। मिर्जापुर के मिशन स्कूल में चित्रकला अध्यापक रहे तथा बाद में काशी हिंदू विश्वविद्यालय में हिंदी विभागाध्यक्ष बने। सन् 1941 में इनका निधन हुआ।
- प्रमुख रचनाएं:
- निबंध संग्रह: चिंतामणि (भाग 1 व 2), विचार वीथी।
- इतिहास: हिंदी साहित्य का इतिहास।
- आलोचना: रस मीमांसा, त्रिवेणी।
प्रश्न 6 (ख): प्रमुख कवि का जीवन परिचय (5 अंक)
महाकवि गोस्वामी तुलसीदास जी का जीवन परिचय:
- संक्षिप्त परिचय: जन्म सन् 1532 ई. (संवत 1589) में बांदा जिले के राजापुर गाँव में हुआ था। पिता का नाम आत्माराम दुबे और माता का नाम हुलसी था। पत्नी रत्नावली के उपदेश से रामभक्ति में लीन हुए। सन् 1623 ई. में असी घाट (काशी) पर इनका देहावसान हुआ।
- प्रमुख रचनाएं: रामचरितमानस (सर्वश्रेष्ठ महाकाव्य), विनय पत्रिका, कवितावली, दोहावली, गीतावली।
प्रश्न 7: पाठ्यपुस्तक से कंठस्थ किया गया श्लोक (2 अंक)
*”बन्धनं मरणं वापि जयो वापि पराजयः।
उभयत्र समो वीरः वीरभावो हि वीरता॥”*
प्रश्न 8: संस्कृत में प्रश्नों के उत्तर (2 अंक)
- वाराणसी नगरी कस्याः कूले स्थिता?
उत्तर: वाराणसी नगरी गङ्गायाः कूले स्थिता। - वीरः केन पूज्यते?
उत्तर: वीरः वीरेण पूज्यते।
प्रश्न 9: निबंध लेखन (7 अंक)
विषय: पर्यावरण प्रदूषण: कारण और निवारण
- प्रस्तावना: आधुनिक युग में औद्योगिकीकरण और जनसंख्या वृद्धि के कारण प्रदूषण मानव जाति के लिए गंभीर संकट बन चुका है।
- प्रदूषण के प्रकार: वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और मृदा प्रदूषण।
- दुष्प्रभाव: असमय बीमारियां, ग्लोबल वार्मिंग, ग्लेशियरों का पिघलना और असंतुलित ऋतु चक्र।
- निवारण के उपाय: अधिक से अधिक वृक्षारोपण, प्लास्टिक का बहिष्कार, उद्योगों के कचरे का उचित निस्तारण, सौर ऊर्जा का उपयोग।
- उपसंहार: पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की नहीं, प्रत्येक नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है।
प्रश्न 10: पत्र लेखन (4 अंक)
विषय: अपने मोहल्ले में नियमित रूप से हो रही गंदगी की सफाई हेतु नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को प्रार्थना पत्र।
- सेवा में, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम।
- विषय, महोदय, मोहल्ले की स्थिति का विवरण, विनम्र निवेदन एवं धन्यवाद सहित हस्ताक्षर।
Fact Box: 10वीं हिंदी बोर्ड परीक्षा में 90+ अंक लाने की 5 टॉपर टिप्स
- OMR शीट भरने में सावधानी: खंड ‘अ’ के 20 बहुविकल्पीय प्रश्नों को भरते समय प्रश्न संख्या और विकल्प का गोला ध्यानपूर्वक भरें, ओवरराइटिंग या व्हाइटनर का प्रयोग न करें।
- सुंदर व स्पष्ट हस्तलेख (Handwriting): हिंदी में लिखावट और वर्तनी (Spelling) की शुद्धता पर परीक्षक विशेष ध्यान देते हैं।
- हेडिंग्स और कोटेशन का प्रयोग: जीवन परिचय और निबंध लिखते समय महत्वपूर्ण शीर्षकों और उद्धरणों को काले पेन से रेखांकित करें।
- काव्य-सौंदर्य के पूरे अंक: पद्यांश की व्याख्या करते समय भाषा, रस, छंद, अलंकार का उल्लेख अवश्य करें; इससे 2 अंक अतिरिक्त मिलते हैं।
- समय प्रबंधन (Time Management): प्रारंभिक 15 मिनट में पूरे प्रश्नपत्र को समझें और निबंध/व्याख्या के लिए पर्याप्त समय बचाकर रखें।
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महत्वपूर्ण नोट एवं अध्ययन सलाह (Disclaimer):
यद्यपि इस मॉडल प्रश्नपत्र और उत्तरों को तैयार करने में विषय विशेषज्ञों द्वारा पूर्ण सावधानी बरती गई है और इसे यूपी बोर्ड के नवीनतम 70 अंकों के पाठ्यक्रम के आधार पर संकलित किया गया है, फिर भी किसी भी टंकण (Typo) या तथ्यात्मक विसंगति के निवारण हेतु छात्र अपने विद्यालय के विषय अध्यापक के मार्गदर्शन और NCERT पाठ्यपुस्तकों से मिलान अवश्य करें।आपको किस विषय की PDF या नोट्स चाहिए?
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