REET शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026: लेवल 1 व 2 पात्रता नियम, नया सिलेबस, परीक्षा पैटर्न व संपूर्ण चयन प्रक्रिया

REET शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026: लेवल 1 व 2 पात्रता नियम, नया सिलेबस, परीक्षा पैटर्न व संपूर्ण चयन प्रक्रिया

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE / BSER Ajmer) द्वारा राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (REET) 2026 के आयोजन की आधिकारिक रूपरेखा तैयार की जा रही है। राजस्थान बोर्ड द्वारा REET परीक्षा राज्य के प्राथमिक (कक्षा 1 से 5) एवं उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8) शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए आजीवन वैधता वाली अनिवार्य पात्रता परीक्षा के रूप में आयोजित की जाती है। राज्य सरकार द्वारा आगामी तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती हेतु पदों की घोषणा अलग से की जाती है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) एवं सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लेवल-1 और लेवल-2 की शैक्षणिक पात्रता, आजीवन वैधता और नए पाठ्यक्रम मानकों को प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। राजस्थान के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने की आकांक्षा रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह परीक्षा प्रथम व अनिवार्य सोपान है।

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Table of Contents

REET 2026: संक्षिप्त विवरण एवं त्वरित अवलोकन

परीक्षा घटकविवरण एवं मानक
परीक्षा का नामराजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (REET) 2026
परीक्षा नियामक संस्थाराजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर (BSER)
भर्ती एजेंसी (मुख्य परीक्षा)राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर (RSSB)
परीक्षा का स्तरराज्य स्तरीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (Level 1 एवं Level 2)
संभावित रिक्तियांराजस्थान तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती (पदों की घोषणा विज्ञप्ति के साथ)
परीक्षा प्रणालीऑफलाइन (OMR शीट आधारित पेन-पेपर मोड)
प्रमाण पत्र की वैधताआजीवन (Lifetime Validity)
नकारात्मक अंकन (Negative Marking)REET पात्रता परीक्षा में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं है
आधिकारिक वेबसाइटBSER Official Portal

पात्रता मानदंड: लेवल-1 एवं लेवल-2 शैक्षणिक योग्यता

राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा के अंतर्गत लेवल-1 (कक्षा 1 से 5) तथा लेवल-2 (कक्षा 6 से 8) के लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के नवीनतम विनियमों एवं माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार निर्धारित शैक्षणिक अहर्ताएं निम्नानुसार हैं:

लेवल-1 (प्राथमिक शिक्षक: कक्षा 1 से 5)

  • न्यूनतम 50% अंकों के साथ सीनियर सेकेंडरी (10+2 या इसके समकक्ष) उत्तीर्ण तथा प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में 2-वर्षीय डिप्लोमा (D.El.Ed / D.Ed / BSTC) उत्तीर्ण अथवा इसके अंतिम वर्ष में अध्ययनरत अभ्यर्थी।
  • अथवा न्यूनतम 45% अंकों के साथ सीनियर सेकेंडरी एवं NCTE (मान्यता, मानक और क्रियाविधि) विनियम 2002 के अनुसार प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में 2-वर्षीय डिप्लोमा।
  • अथवा न्यूनतम 50% अंकों के साथ सीनियर सेकेंडरी तथा 4-वर्षीय प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में स्नातक (B.El.Ed) उत्तीर्ण या अंतिम वर्ष में अध्ययनरत।
  • अथवा न्यूनतम 50% अंकों के साथ सीनियर सेकेंडरी तथा शिक्षा शास्त्र (विशेष शिक्षा) में 2-वर्षीय डिप्लोमा उत्तीर्ण या अंतिम वर्ष में अध्ययनरत।
  • महत्वपूर्ण विधिक स्थिति: माननीय सर्वोच्च न्यायालय के अंतिम न्यायिक निर्णय के अनुसार, लेवल-1 प्राथमिक शिक्षक पदों हेतु बी.एड (B.Ed) डिग्रीधारी अभ्यर्थी पूर्णतः अपात्र हैं। लेवल-1 केवल और केवल बीएसटीसी/डी.एल.एड डिप्लोमा धारकों हेतु आरक्षित है।

लेवल-2 (उच्च प्राथमिक शिक्षक: कक्षा 6 से 8)

  • संबंधित विषय में स्नातक (Graduation) तथा प्रारंभिक शिक्षा में 2-वर्षीय डिप्लोमा (D.El.Ed / BSTC) उत्तीर्ण या अंतिम वर्ष में अध्ययनरत।
  • अथवा न्यूनतम 50% अंकों सहित स्नातक या स्नातकोत्तर (Post Graduation) तथा शिक्षा शास्त्र में 1-वर्षीय / 2-वर्षीय स्नातक (B.Ed) उत्तीर्ण या अंतिम वर्ष में अध्ययनरत।
  • अथवा न्यूनतम 45% अंकों के साथ स्नातक एवं NCTE विनियमों के तहत 1-वर्षीय / 2-वर्षीय बी.एड।
  • अथवा न्यूनतम 50% अंकों के साथ सीनियर सेकेंडरी तथा 4-वर्षीय एकीकृत B.A. B.Ed / B.Sc. B.Ed उत्तीर्ण या अंतिम वर्ष में अध्ययनरत।
  • अथवा न्यूनतम 50% अंकों सहित स्नातक अथवा स्नातकोत्तर एवं 1-वर्षीय बी.एड (विशेष शिक्षा)।

कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करने के पश्चात शिक्षण के अतिरिक्त अन्य प्रतिष्ठित केंद्रीय व राज्य स्तरीय पदों की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी List of Government Jobs for 12th Pass के माध्यम से सभी अवसरों की विस्तृत रूपरेखा देख सकते हैं।

आयु सीमा, छूट एवं प्रमाण पत्र की आजीवन वैधता

  • आयु सीमा: REET पात्रता परीक्षा में प्रविष्ट होने के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है। न्यूनतम आयु सीमा आवेदन वर्ष की पहली जनवरी को 18 वर्ष पूर्ण होनी चाहिए। (मुख्य भर्ती परीक्षा हेतु आयु गणना राजस्थान सरकार के सेवा नियमों के तहत 18 से 40 वर्ष मान्य होती है, जिसमें आरक्षित श्रेणियों को नियमानुसार ऊपरी आयु सीमा में 5 से 10 वर्ष की छूट देय है)।
  • आजीवन वैधता (Lifetime Validity): राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार REET पात्रता प्रमाण पत्र की वैधता अवधि अब आजीवन (Lifetime) कर दी गई है। पूर्व के नियमों के विपरीत, एक बार निर्धारित न्यूनतम उत्तीर्ण अंक प्राप्त कर प्रमाण पत्र अर्जित करने के उपरांत अभ्यर्थी को भविष्य में पुनः पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता नहीं रहेगी। अभ्यर्थी मुख्य शिक्षक भर्ती परीक्षा (Tier-2) के लिए स्थायी रूप से पात्र मान्य होंगे।

विस्तृत परीक्षा पैटर्न एवं अंक योजना

REET पात्रता परीक्षा बहुविकल्पीय वस्तुनिष्ठ प्रश्नों (MCQs) पर आधारित होती है। प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है तथा इसमें किसी भी प्रकार का नकारात्मक अंकन (Negative Marking) नहीं किया जाता है। परीक्षा की कुल समयावधि 2 घंटे 30 मिनट (150 मिनट) निर्धारित है।

लेवल-1 परीक्षा संरचना (कक्षा 1 से 5 के लिए)

क्रम संख्याविषय वर्गप्रश्नों की संख्याकुल अंकप्रश्न स्तर व कठिनाई
1बाल विकास एवं शिक्षण विधियां (CDP)30306 से 11 वर्ष आयु वर्ग हेतु बाल मनोविज्ञान
2भाषा-1 (हिंदी / अंग्रेजी / संस्कृत / उर्दू / सिंधी / पंजाबी / गुजराती)3030भाषा दक्षता, व्याकरण एवं शिक्षण शास्त्र
3भाषा-2 (भाषा-1 से भिन्न चुनी गई भाषा)3030संवादात्मक, बोध एवं संप्रेषण क्षमता
4गणित (Mathematics)3030आधारभूत संकल्पनाएं, अंकगणित व अध्यापन
5पर्यावरण अध्ययन (Environmental Studies – EVS)3030परिवेशीय, सामाजिक, वैज्ञानिक एवं प्रायोगिक
कुलसम्पूर्ण प्रश्नपत्र (लेवल-1)150150कक्षा 1 से 5 स्तर (कठिनाई स्तर: 10वीं/12वीं)

लेवल-2 परीक्षा संरचना (कक्षा 6 से 8 के लिए)

क्रम संख्याविषय वर्गप्रश्नों की संख्याकुल अंकप्रश्न स्तर व कठिनाई
1बाल विकास एवं शिक्षण विधियां (CDP)303011 से 14 वर्ष आयु वर्ग हेतु बाल मनोविज्ञान
2भाषा-1 (हिंदी / अंग्रेजी / संस्कृत / उर्दू / सिंधी / पंजाबी / गुजराती)3030भाषा संरचना, व्याकरण एवं अध्यापन शास्त्र
3भाषा-2 (भाषा-1 से भिन्न चुनी गई अन्य अनिवार्य भाषा)3030साहित्य, भाषा बोध एवं शिक्षण तकनीक
4संबंधित विषय (क) गणित एवं विज्ञान शिक्षक हेतु गणित व विज्ञान अथवा (ख) सामाजिक अध्ययन शिक्षक हेतु सामाजिक विज्ञान6060विषयगत संकल्पनाएं, विषयवस्तु एवं शिक्षण विधियां
कुलसम्पूर्ण प्रश्नपत्र (लेवल-2)150150कक्षा 6 से 8 स्तर (कठिनाई स्तर: स्नातक)

न्यूनतम उत्तीर्ण अंक एवं श्रेणीवार कटऑफ

REET केवल एक पात्रता परीक्षा है। इसमें सफल होने के लिए अभ्यर्थियों को अपनी श्रेणी के अनुसार न्यूनतम निर्धारित प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। श्रेणीवार अर्हक प्रतिशत व प्राप्तांक विवरण निम्न तालिका में स्पष्ट किया गया है:

श्रेणी (Category)क्षेत्र (Area)न्यूनतम अर्हक प्रतिशतन्यूनतम आवश्यक अंक (150 में से)
सामान्य / अनारक्षित वर्ग (General / UR)नॉन-टीएसपी (Non-TSP)60%90 अंक
अनुसूचित जनजाति (ST)नॉन-टीएसपी (Non-TSP)55%82.5 (82) अंक
अनुसूचित जनजाति (ST)टीएसपी क्षेत्र (TSP Area)36%54 अंक
अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), एमबीसी (MBC), ईडब्ल्यूएस (EWS)सम्पूर्ण राजस्थान (Non-TSP / TSP)55%82.5 (82) अंक
समस्त श्रेणी की विधवा महिलाएं, परित्यक्ता एवं भूतपूर्व सैनिकसम्पूर्ण राजस्थान50%75 अंक
दिव्यांगजन (PwD श्रेणी – 40% या अधिक दिव्यांगता)सम्पूर्ण राजस्थान40%60 अंक
सहरिया आदिम जाति के अभ्यर्थीकेवल बारां जिले के चिन्हित क्षेत्र36%54 अंक

विषयवार विस्तृत पाठ्यक्रम एवं तैयारी रणनीति

1. बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (Child Development & Pedagogy)

  • वृद्धि एवं विकास की संकल्पना: विकास के विभिन्न आयाम (शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, संवेगात्मक), विकास के सिद्धांत एवं अधिगम से संबंध, वंशानुक्रम एवं वातावरण की भूमिका।
  • व्यक्तित्व एवं बुद्धि: व्यक्तित्व की संकल्पना, प्रकार एवं निर्धारक; बुद्धि के सिद्धांत (एक-कारक, द्वि-कारक, बहु-कारक, गार्डनर का बहु-बुद्धि सिद्धांत) एवं बुद्धि मापन।
  • विविध अधिगमकर्ताओं की समझ: प्रतिभाशाली, पिछड़े, मंदबुद्धि, वंचित, बाल अपराधी एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) की पहचान व समायोजन।
  • अधिगम के सिद्धांत व संज्ञान: व्यवहारवाद (थार्नडाइक, पावलव, स्किनर), गेस्टाल्टवाद (कोहलर), सामाजिक-संज्ञानात्मक सिद्धांत (बांडुरा), जीन पियाजे, लेव वाइगोत्स्की, लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत।
  • शिक्षाशास्त्र एवं राष्ट्रीय नीतियां: शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाएं, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2005 (NCF 2005), राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020), शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (RTE Act 2009), सतत एवं समग्र मूल्यांकन (CCE), क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research)।

2. भाषा-1 (हिंदी)

  • व्याकरण एवं शब्द संपदा: अपठित गद्यांश आधारित प्रश्न, वर्ण विचार, तत्सम, तद्भव, देशज व विदेशी शब्द, उपसर्ग, प्रत्यय, संधि एवं समास। हिंदी व्याकरण की सटीक समझ के लिए अभ्यर्थी समास के भेद व उदाहरण का संदर्भ ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त द्विगु समास के प्रायोगिक उदाहरण जैसे चौराहा में कौन सा समास है का विश्लेषणात्मक अध्ययन अवश्य करें।
  • वाक्य विचार एवं व्यावहारिक व्याकरण: शब्द रूप, लिंग, वचन, काल, कारक, मुहावरे, लोकोक्तियां, विराम चिह्न, वाक्य के अंग (उद्देश्य एवं विधेय) तथा वाक्य प्रकार (सरल, संयुक्त, मिश्र)।
  • हिंदी भाषा शिक्षण विधियां: भाषा शिक्षण के उपागम, भाषायी कौशलों का विकास (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना), शिक्षण सहायक सामग्री, पाठ्यपुस्तक, उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching)।

3. पर्यावरण अध्ययन (EVS – केवल लेवल 1)

  • परिवार एवं सामाजिक बुराइयां: एकल एवं संयुक्त परिवार, सामाजिक कुरीतियां (बाल विवाह, दहेज प्रथा, बाल श्रम, धूम्रपान, नशाखोरी) एवं इनके व्यक्तिगत व सामाजिक दुष्परिणाम।
  • वस्त्र, आवास एवं व्यवसाय: ऋतुवार वस्त्र, आवास के प्रकार, स्वच्छता, घरेलू व्यवसाय, पशुपालन, कृषि पद्धतियां।
  • राजस्थान की संस्कृति, सभ्यता एवं विरासत: राजस्थान के प्रमुख मेले, त्योहार, लोक देवता (पाबूजी, तेजाजी, रामदेवजी आदि), लोक देवियां, हस्तकलाएं, स्थापत्य कला (दुर्ग, महल, बावड़ियां, छतरियां), वस्त्र-आभूषण, चित्रकला शैलियां।
  • सजीव जगत, प्राकृतिक संसाधन व भूगोल: पेड़-पौधे व जंतु, शरीर के अंग व स्वच्छता, पारिस्थितिकी तंत्र, वन संरक्षण, राष्ट्रीय उद्यान, राजस्थान के भौतिक प्रदेश, जल संरक्षण तकनीकें (टांका, बावड़ी, जोहड़)।

4. सामाजिक अध्ययन (SST – केवल लेवल 2)

  • प्राचीन भारतीय इतिहास व संस्कृति: सिंधु घाटी सभ्यता (प्रमुख स्थल, नगर नियोजन), वैदिक संस्कृति (साहित्य, समाज, दर्शन), बौद्ध एवं जैन धर्म, महाजनपद काल।
  • मौर्य, गुप्त एवं उत्तर-गुप्त साम्राज्य: मौर्य कालीन प्रशासन, अशोक के अभिलेख, गुप्त कालीन कला, विज्ञान व साहित्य, हर्ष का शासनकाल।
  • मध्यकाल, आधुनिक भारत एवं राष्ट्रीय आंदोलन: भक्ति एवं सूफी आंदोलन, मुगल कालीन कला व प्रशासन, 1857 की क्रांति, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, प्रमुख जन-आंदोलन, सुभाष चंद्र बोस एवं आजाद हिंद फौज।
  • भारतीय संविधान एवं शासन प्रणाली: संविधान निर्माण की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उद्देशिका, मूल अधिकार, मूल कर्तव्य, नीति निदेशक तत्व, राष्ट्रपति, संसद, सर्वोच्च न्यायालय, पंचायती राज व्यवस्था।
  • राजस्थान का भूगोल, इतिहास व कला-संस्कृति: राजस्थान की भू-आकृतिक संरचना, अपवाह तंत्र (नदियां व झीलें), खनिज संपदा, 1857 की क्रांति में राजस्थान का योगदान, प्रजामंडल आंदोलन, राजस्थान का एकीकरण, भाषा एवं बोलियां।

ऑनलाइन आवेदन करने की चरणबद्ध प्रक्रिया

REET 2026 में सम्मिलित होने के लिए अभ्यर्थियों को बोर्ड के निर्धारित पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करनी होती है:

  1. पोर्टल पर गमन: सर्वप्रथम राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट BSER Official Portal को ओपन करें।
  2. पंजीकरण व चालान जनरेट करना: मुख्य पृष्ठ पर उपलब्ध “REET 2026 Registration / Challan Form” विकल्प पर क्लिक करें। अपना नाम, पिता का नाम, माता का नाम, मोबाइल नंबर एवं स्तर (Level-1, Level-2 या Both Levels) चुनकर ऑनलाइन भुगतान चालान जनरेट करें।
  3. आवेदन शुल्क का भुगतान: नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड अथवा UPI के माध्यम से निर्धारित परीक्षा शुल्क का ऑनलाइन भुगतान संपन्न करें। भुगतान सफल होते ही चालान नंबर प्राप्त होगा।
  4. आवेदन पत्र भरना: चालान नंबर, टोकन नंबर और जन्मतिथि दर्ज करके आवेदन पत्र के मुख्य भाग को खोलें।
  5. विवरण दर्ज करना: व्यक्तिगत विवरण, पत्राचार का पता, शैक्षणिक योग्यता (10वीं, 12वीं, स्नातक एवं D.El.Ed / B.Ed के अंक व रोल नंबर) एवं परीक्षा केंद्रों की प्राथमिकताओं को ध्यानपूर्वक प्रविष्ट करें।
  6. दस्तावेज़ अपलोड करना: निर्धारित आकार (Size) एवं जेपीजी (JPG) प्रारूप में पासपोर्ट साइज नवीनतम रंगीन फोटो तथा स्पष्ट हस्ताक्षर स्कैन करके अपलोड करें।
  7. सत्यापन एवं फाइनल सबमिट: भरे गए समस्त प्रविष्टियों की दोबारा जांच करें। त्रुटि न होने की पुष्टि उपरांत ‘Final Submit’ करें और भरे हुए आवेदन पत्र का 2-3 प्रतियों में सुरक्षित प्रिंटआउट निकालें।

राजस्थान तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती चयन प्रक्रिया

राजस्थान में तृतीय श्रेणी शिक्षकों (Primary & Upper Primary Teachers) की नियुक्ति प्रणाली दो स्तरीय (2-Tier Selection Protocol) व्यवस्था के अधीन संचालित होती है:

[चरण 1: REET पात्रता परीक्षा (BSER अजमेर)]

                   │

                   ▼ (न्यूनतम 60% / 55% अर्हक अंक)

[आजीवन वैधता REET प्रमाण पत्र प्राप्ति]

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                   ▼

[चरण 2: राजस्थान तृतीय श्रेणी अध्यापक मुख्य भर्ती परीक्षा (RSSB जयपुर)]

                   │

                   ▼ (300 अंक, 150 प्रश्न, 1/3 नेगेटिव मार्किंग)

[राज्य स्तरीय अंतिम मेरिट सूची एवं पदस्थापन]

  • टीयर-1 (REET परीक्षा – बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन): यह केवल एक पात्रता परीक्षा (Qualifying Exam) है। इसके प्राप्तांकों का मुख्य भर्ती की मेरिट में कोई प्रत्यक्ष भारांक (वेटेज) नहीं जुड़ता। इसमें न्यूनतम अर्हक अंक प्राप्त करना टीयर-2 में बैठने की अनिवार्य पूर्व-शर्त है।
  • टीयर-2 (मुख्य शिक्षक भर्ती परीक्षा – RSSB जयपुर): राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा 300 अंकों की मुख्य परीक्षा आयोजित की जाती है। इसमें राजस्थान का सामान्य ज्ञान, शैक्षणिक मनोविज्ञान, संबंधित विद्यालय विषय और शिक्षण विधियों पर आधारित 150 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिसमें 1/3 भाग का नकारात्मक अंकन होता है। इसी टीयर-2 परीक्षा के कुल प्राप्तांकों की शुद्ध मेरिट के आधार पर चयनित शिक्षकों को अंतिम नियुक्ति प्रदान की जाती है।

📚 REET 2026 सर्वश्रेष्ठ तैयारी पुस्तकें व क्वेश्चन बैंक (Recommended Books)

REET लेवल-1 एवं लेवल-2 की विषयवार संपूर्ण तैयारी तथा विगत वर्षों के प्रश्न पत्रों (PYQs) के सटीक अभ्यास हेतु राजस्थान के शीर्ष शिक्षाविदों द्वारा अनुशंसित प्रामाणिक पुस्तकों की सूची निम्नवत है:

विषय वर्गअनुशंसित सर्वश्रेष्ठ पुस्तक / पब्लिकेशनमुख्य विशेषता एवं उपयोगिताअमेज़न लिंक (Amazon)
बाल विकास एवं शिक्षण विधियां (CDP)लक्ष्य (Lakshya) / अवनी पब्लिकेशन (डॉ. धीर सिंह धाभाई)बाल मनोविज्ञान के सिद्धांतों की प्रामाणिक व्याख्या व 5000+ वस्तुनिष्ठ प्रश्नअमेज़न पर देखें
राजस्थान सामान्य ज्ञान एवं कला-संस्कृतिदिशा 2020 / धरोहर राजस्थान सामान्य ज्ञानराजस्थान भूगोल, इतिहास, मेले, त्योहार व लोक कलाओं के विगत 20 वर्षों के हल प्रश्नअमेज़न पर देखें
हिंदी भाषा-1 व भाषा-2राघव प्रकाश (व्याकरण व्यावहारिक हिंदी) / सिखवाल पब्लिकेशनसंपूर्ण हिंदी व्याकरण, शिक्षण विधियां और परीक्षा उपयोगी अभ्यास सेट्सअमेज़न पर देखें
पर्यावरण अध्ययन (EVS – लेवल 1)उत्कर्ष / लक्ष्य REET Level-1 पर्यावरण अध्ययनRBSE एवं NCERT कक्षा 3 से 5 पर आधारित प्रामाणिक थ्योरी व प्रैक्टिस सेट्सअमेज़न पर देखें
गणित व विज्ञान (लेवल 2)मूमल / लक्ष्य REET Level-2 गणित एवं विज्ञानNCERT कक्षा 6 से 10 स्तर के सिद्धांत, हल उदाहरण व शिक्षण विधियांअमेज़न पर देखें
सामाजिक अध्ययन (SST – लेवल 2)कलां पब्लिकेशन / लक्ष्य REET सामाजिक अध्ययनइतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था व अर्थशास्त्र के 3000+ विगत वर्षों के हल प्रश्नअमेज़न पर देखें
सॉल्व्ड पेपर्स व मॉडल टेस्ट पेपर्सराय पब्लिकेशन / संजीव REET सॉल्व्ड पेपर्सविगत 10 वर्षों के हल प्रश्न पत्र और नवीनतम OMR आधारित 15 मॉडल पेपर्सअमेज़न पर देखें

(अस्वीकरण: शिक्षातक अमेज़न एसोसिएट्स प्रोग्राम का सहभागी है। यदि पाठक ऊपर दिए गए लिंक से पुस्तकें खरीदते हैं, तो बिना किसी अतिरिक्त लागत के एक छोटा कमीशन प्राप्त हो सकता है, जिसका उपयोग निशुल्क छात्र सामग्री के संचालन में किया जाता है।)

उच्च-स्तरीय विश्लेषणात्मक प्रश्नोत्तरी

प्रश्न 1

लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के संदर्भ में, ‘समीपस्थ विकास का क्षेत्र’ (ZPD) प्रदर्शित करता है:
A) शिक्षार्थी द्वारा स्वतंत्र रूप से किए जा सकने वाले तथा किसी वयस्क या अधिक कुशल साथी की सहायता से किए जाने वाले कार्य के बीच का अंतर
B) बच्चे के बौद्धिक विकास का वह चरण जहां वह अमूर्त संक्रियाओं को पूर्णतः समझ लेता है
C) बालक की आनुवंशिक क्षमताओं का संपूर्ण योग जो परिवेश से स्वतंत्र होता है
D) औपचारिक स्कूली शिक्षा द्वारा अर्जित किए गए संपूर्ण ज्ञान का समुच्चय

उत्तर: A
व्याख्या: वाइगोत्स्की के अनुसार ZPD (Zone of Proximal Development) शिक्षार्थी के वास्तविक विकास स्तर (स्वतंत्र समस्या समाधान) और संभावित विकास स्तर (मार्गदर्शक अथवा कुशल साथी के सहयोग से किया गया कार्य) के मध्य के अंतराल को निरूपित करता है। यह बालक के संज्ञानात्मक उत्थान का सक्रिय क्षेत्र है।

प्रश्न 2

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार, एक बालक किस अवस्था में ‘संरक्षण’ (Conservation), ‘वर्गीकरण’ (Classification) एवं ‘क्रमबद्धता’ (Seriation) की अवधारणाओं को समझने में सक्षम हो जाता है?
A) संवेदी-पेशीय अवस्था (Sensory Motor Stage)
B) पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (Pre-Operational Stage)
C) मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage)
D) औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage)

उत्तर: C
व्याख्या: मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (7 से 11 वर्ष) में बालक में पलटावी गुण (Reversibility), संरक्षण (मात्रा, आयतन व भार का स्थिर रहना) तथा वस्तुओं को उनके आकार व गुणों के आधार पर क्रमबद्ध व वर्गीकृत करने की ठोस तार्किक क्षमता विकसित हो जाती है।

प्रश्न 3

शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act, 2009) की धारा 25 के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालयों (कक्षा 1 से 5) में 200 से अधिक छात्र नामांकित होने पर छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) का क्या प्रावधान है?
A) 30 : 1
B) 35 : 1
C) 40 : 1 (प्रधानाध्यापक को छोड़कर)
D) 45 : 1

उत्तर: C
व्याख्या: आरटीई अधिनियम 2009 की अनुसूची के अनुसार प्राथमिक स्तर पर सामान्य छात्र-शिक्षक अनुपात 30:1 होता है। परंतु यदि किसी प्राथमिक विद्यालय में नामांकित विद्यार्थियों की कुल संख्या 200 से अधिक हो जाती है, तो यह अनुपात अधिकतम 40:1 (प्रधानाध्यापक को अलग रखकर) तक अनुमत होता है।

प्रश्न 4

“सतत एवं समग्र मूल्यांकन” (CCE) का प्राथमिक उद्देश्य निम्नलिखित में से क्या सुनिश्चित करना है?
A) छात्रों को अंकों के आधार पर उत्तीर्ण और अनुत्तीर्ण श्रेणियों में विभाजित करना
B) वार्षिक परीक्षा के माध्यम से छात्रों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना
C) सीखने की कमियों की निरंतर पहचान कर सुधारात्मक एवं संवर्धनात्मक प्रतिपुष्टि (Feedback) प्रदान करना
D) केवल संज्ञानात्मक क्षेत्र की उपलब्धियों का दस्तावेजीकरण करना

उत्तर: C
व्याख्या: CCE का मुख्य दर्शन विद्यार्थी के संज्ञानात्मक, भावात्मक एवं मनोगत्यात्मक (तीनों डोमेन) क्षेत्रों का निरंतर आकलन करना है, ताकि उपचारात्मक शिक्षण द्वारा अधिगम की कमियों को दूर कर शिक्षण-अधिगम को बाल-केंद्रित व समग्र बनाया जा सके।

प्रश्न 5

‘चौराहा’ तथा ‘त्रिरत्न’ शब्दों में कौन सा समास विद्यमान है?
A) कर्मधारय समास
B) अव्ययीभाव समास
C) द्विगु समास
D) बहुव्रीहि समास

उत्तर: C
व्याख्या: जिस समास का पूर्वपद संख्यावाचक विशेषण हो और संपूर्ण सामासिक पद किसी समूह या समाहार का बोध कराए, उसे द्विगु समास कहते हैं। ‘चौराहा’ का विग्रह ‘चार राहों का समाहार’ तथा ‘त्रिरत्न’ का विग्रह ‘तीन रत्नों का समाहार’ है, अतः यहाँ द्विगु समास है।

प्रश्न 6

वाक्य के अनिवार्य घटकों के संदर्भ में ‘उद्देश्य’ (Subject) और ‘विधेय’ (Predicate) के विषय में कौन सा कथन सत्य है?
A) विधेय के बारे में जो कुछ कहा जाता है, उसे उद्देश्य कहते हैं
B) वाक्य में जिसके विषय में कुछ विधान या बात कही जाए, वह उद्देश्य है तथा उद्देश्य के विषय में जो कुछ कहा जाए, वह विधेय है
C) उद्देश्य सदैव क्रिया पदबंध से प्रारंभ होता है
D) विधेय केवल कर्ता के विस्तार को व्यक्त करता है

उत्तर: B
व्याख्या: वाक्य संरचना में दो अनिवार्य घटक होते हैं: कर्ता और उससे संबंधित विस्तार को ‘उद्देश्य’ कहा जाता है; जबकि उद्देश्य (कर्ता) के विषय में जो कुछ क्रिया, कर्म अथवा पूरक भाव कहा जाता है, उसे ‘विधेय’ कहते हैं।

प्रश्न 7

राजस्थान के इतिहास में ‘बिजोलिया किसान आंदोलन’ के द्वितीय चरण (1916-1923) का नेतृत्व किसने संभाला और ‘विद्या प्रचारिणी सभा’ के माध्यम से जनजागरण किया?
A) साधु सीताराम दास
B) विजय सिंह पथिक (भूप सिंह)
C) माणिक्य लाल वर्मा
D) केसरी सिंह बारहठ

उत्तर: B
व्याख्या: साधु सीताराम दास के विशेष आग्रह पर 1916 में विजय सिंह पथिक ने बिजोलिया आंदोलन की बागडोर संभाली। उन्होंने ‘ऊपरमाल पंच बोर्ड’ (1917) की स्थापना की तथा विद्या प्रचारिणी सभा के अंतर्गत पुस्तकालयों व अखाड़ों के माध्यम से किसानों में राष्ट्रभक्ति का संचार किया।

प्रश्न 8

राजस्थान की स्थापत्य कला के संदर्भ में यूनेस्को (UNESCO) द्वारा 2013 में विश्व धरोहर सूची में सम्मिलित 6 पहाड़ी दुर्गों का सही समूह कौन सा है?
A) चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथंभौर, आमेर, जैसलमेर, गागरोन
B) चित्तौड़गढ़, मेहरानगढ़, जूनागढ़, तारागढ़, लोहागढ़, भटनेर
C) कुंभलगढ़, अचलगढ़, सिवाना, जालौर, आमेर, गागरोन
D) रणथंभौर, मेहरानगढ़, आमेर, नाहरगढ़, जयगढ़, मंडोर

उत्तर: A
व्याख्या: जून 2013 में नोम पेन्ह (कंबोडिया) में आयोजित बैठक में यूनेस्को ने राजस्थान के छह पहाड़ी किलों—चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथंभौर (सवाई माधोपुर), आमेर (जयपुर), जैसलमेर (सोनारगढ़), एवं गागरोन (झालावाड़) को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया था।

प्रश्न 9

पर्यावरण अध्ययन के शिक्षण में ‘समस्या समाधान विधि’ (Problem Solving Method) का सर्वाधिक उपयुक्त प्रथम चरण क्या है?
A) निष्कर्षों का सामान्यीकरण करना
B) परिकल्पना का परीक्षण करना
C) समस्या की स्पष्ट पहचान एवं उसका सूत्रीकरण करना
D) प्रदत्त आंकड़ों का संकलन करना

उत्तर: C
व्याख्या: जॉन डीवी द्वारा प्रतिपादित वैज्ञानिक/समस्या समाधान उपागम में सबसे पहला और अपरिहार्य चरण “समस्या की पहचान एवं उसकी सटीक परिभाषा” (Identification and definition of the problem) है। समस्या की स्पष्टता के बिना परिकल्पना निर्माण अथवा प्रदत्त संकलन संभव नहीं होता।

प्रश्न 10

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुसार विद्यालयी शिक्षा की नई संरचना (5+3+3+4) में ‘फाउण्डेशनल स्टेज’ (Foundational Stage) में किस आयु वर्ग के बच्चे सम्मिलित हैं?
A) 6 से 9 वर्ष (कक्षा 1 से 3)
B) 3 से 8 वर्ष (3 वर्ष आंगनवाड़ी/प्री-स्कूल + कक्षा 1 व 2)
C) 8 से 11 वर्ष (कक्षा 3 से 5)
D) 5 से 10 वर्ष (बालवाटिका + कक्षा 1 से 4)

उत्तर: B
व्याख्या: NEP 2020 के 5+3+3+4 ढांचे में प्रथम 5 वर्षीय ‘फाउण्डेशनल स्टेज’ में 3 से 8 वर्ष के बालक आते हैं। इसमें 3 वर्ष की आयु से 3 वर्ष की ECCE (आंगनवाड़ी/प्री-स्कूल) तथा 6 से 8 वर्ष की आयु में कक्षा 1 एवं 2 की प्रारंभिक बुनियादी साक्षरता व संख्याज्ञान (FLN) शामिल है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या REET में नेगेटिव मार्किंग (Negative Marking) होती है?

नहीं, राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (REET) के दोनों स्तरों (Level-1 एवं Level-2) में किसी भी प्रकार का नकारात्मक अंकन (Negative Marking) नहीं होता है। अभ्यर्थी बेझिझक सभी 150 प्रश्नों के उत्तर OMR शीट में अंकित कर सकते हैं। हालांकि, इसके बाद होने वाली RSSB तृतीय श्रेणी अध्यापक मुख्य भर्ती परीक्षा में प्रत्येक गलत उत्तर हेतु 1/3 अंक की नेगेटिव मार्किंग का कड़ा प्रावधान होता है।

2. क्या बी.एड (B.Ed) वाले अभ्यर्थी REET लेवल-1 में आवेदन कर सकते हैं?

नहीं, माननीय उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के संशोधित नियमों के तहत लेवल-1 (कक्षा 1 से 5) के लिए बी.एड धारक अभ्यर्थी पूरी तरह अपात्र घोषित किए जा चुके हैं। लेवल-1 केवल दो-वर्षीय प्रारंभिक शिक्षा डिप्लोमा (D.El.Ed / BSTC) धारक अभ्यर्थियों के लिए ही आरक्षित है। बी.एड अभ्यर्थी केवल लेवल-2 (कक्षा 6 से 8) हेतु ही आवेदन कर सकते हैं।

3. REET प्रमाण पत्र की वैधता कितने वर्षों की होती है?

राजस्थान सरकार के आधिकारिक राजपत्र के अनुसार REET पात्रता प्रमाण पत्र की वैधता अब आजीवन (Lifetime Validity) कर दी गई है। एक बार अपनी श्रेणी के अनुसार न्यूनतम अर्हक अंक (जैसे सामान्य वर्ग हेतु 60%, आरक्षित वर्गों हेतु 55%) प्राप्त कर लेने के बाद अभ्यर्थी जीवन भर आगामी तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती मुख्य परीक्षाओं में आवेदन करने के पात्र बने रहेंगे।

4. क्या अंतिम वर्ष में अध्ययनरत (Appearing) छात्र REET दे सकते हैं?

हाँ, D.El.Ed (BSTC) अथवा B.Ed / 4-वर्षीय B.Sc. B.Ed के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत छात्र REET पात्रता परीक्षा का फॉर्म भरने और परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए पूर्णतः पात्र हैं। हालांकि, सेवा नियमों के अनुसार RSSB द्वारा आयोजित की जाने वाली मुख्य शिक्षक भर्ती परीक्षा की अंतिम तिथि तक या उसके परिणाम आने तक उनकी व्यावसायिक शैक्षणिक योग्यता का अंतिम परिणाम घोषित हो जाना चाहिए।

5. REET पास करने के बाद सरकारी शिक्षक बनने की क्या प्रक्रिया है?

REET उत्तीर्ण करना शिक्षक चयन का अंतिम चरण नहीं, अपितु केवल प्रथम अर्हक चरण है। REET प्रमाण पत्र अर्जित करने के उपरांत अभ्यर्थियों को राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB, जयपुर) द्वारा विज्ञापित ‘तृतीय श्रेणी अध्यापक सीधी भर्ती मुख्य परीक्षा’ का अलग से आवेदन पत्र भरना होगा। मुख्य परीक्षा (300 अंक) में प्राप्त अंकों की मेरिट सूची के आधार पर अंतिम चयन और विद्यालय पदस्थापन दिया जाता है।

📌 संपादकीय परामर्श एवं प्रामाणिक संदर्भ (Editorial Disclaimer):
शिक्षातक (sikshatak.com) की संपादकीय टीम द्वारा इस आलेख को तैयार करते समय आधिकारिक स्रोतों, सरकारी गजट, आयोग की मूल अधिसूचनाओं एवं मानक पाठ्यपुस्तकों के आधार पर पूर्णतः सटीक एवं त्रुटिरहित रखने की पूरी सावधानी बरती गई है। तथापि, किसी भी मानवीय भूल, तकनीकी विसंगति अथवा नीतिगत बदलाव की स्थिति में विद्यार्थियों व अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने संबंधित बोर्ड की अधिकृत पाठ्यपुस्तक (NCERT / राज्य बोर्ड), आयोग के आधिकारिक पोर्टल अथवा मूल दस्तावेज़ से विवरण का मिलान अवश्य कर लें। किसी भी संशय या प्रश्न के समाधान हेतु पाठक नीचे टिप्पणी (कमेंट) बॉक्स में अपना प्रश्न पूछ सकते हैं। शिक्षातक सदैव आपकी उज्ज्वल शैक्षणिक सफलता की कामना करता है।

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