प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे UP TET, CTET, SSC GD, RO/ARO और Police Exams) के हिंदी व्याकरण सेक्शन में कुछ शब्द ऐसे होते हैं जो छात्रों को जानबूझकर फंसाने के लिए दिए जाते हैं। ऐसा ही एक बेहद ट्रिकी (Tricky) शब्द है— ‘बारहसिंगा’।
परीक्षा हॉल में छात्र जैसे ही इस शब्द में ‘बारह’ (12) संख्या देखते हैं, वे तुरंत ‘द्विगु समास’ पर टिक कर देते हैं और वहीं उनकी नेगेटिव मार्किंग हो जाती है। अगर आप भी इंटरनेट पर Barahsinga Mein Kaun Sa Samas Hai का 100% सटीक और प्रमाणित उत्तर खोज रहे हैं, तो यह लेख आपके सारे डाउट क्लियर कर देगा।
बारहसिंगा में कौन सा समास है?
हिंदी व्याकरण के प्रामाणिक नियमों (NCERT) के अनुसार, ‘बारहसिंगा’ शब्द में ‘बहुव्रीहि समास’ (Bahuvrihi Samas) है।
हालाँकि इस शब्द का पहला पद संख्यावाचक (बारह) है, लेकिन यह किसी समूह (Group) का बोध नहीं कराता। यह दोनों पद मिलकर किसी तीसरे विशेष अर्थ (एक विशेष जानवर/हिरण की प्रजाति) की ओर संकेत करते हैं। इसलिए यहाँ द्विगु नहीं, बल्कि बहुव्रीहि समास माना जाता है।
बारहसिंगा का समास विग्रह (Samas Vigrah)
जब हम इस सामासिक शब्द को व्याकरण के नियमों के तहत तोड़ते हैं, तो इसका विग्रह इस प्रकार होता है:
| समस्त पद (Word) | समास विग्रह (Vigrah) | तीसरा पद/अर्थ (Special Meaning) |
| बारहसिंगा | बारह हैं सींग जिसके | अर्थात् एक विशेष जानवर (हिरण की एक प्रजाति) |
UPSC/SSC Fact: सामान्य ज्ञान (GK) के दृष्टिकोण से भी यह शब्द महत्वपूर्ण है। ‘बारहसिंगा’ (Swamp Deer) भारत के दो प्रमुख राज्यों— उत्तर प्रदेश (UP) और मध्य प्रदेश (MP) का ‘राजकीय पशु’ (State Animal) है।
बहुव्रीहि vs द्विगु समास: छात्रों का सबसे बड़ा कन्फ्यूजन
परीक्षाओं में छात्रों से गलती इसलिए होती है क्योंकि वे ‘द्विगु समास’ की आधी परिभाषा याद रखते हैं कि “जिसका पहला पद संख्यावाचक हो, वह द्विगु होता है।”
लेकिन, व्याकरण का असली नियम यह है:
- द्विगु समास (Dwigu): पहला पद संख्यावाचक हो और वह समूह या समाहार (Group) का बोध कराए। (जैसे: चौराहा = चार राहों का समूह, नवरत्न = नौ रत्नों का समूह)।
- बहुव्रीहि समास (Bahuvrihi): पहला पद संख्यावाचक हो, लेकिन वह किसी समूह का बोध न कराकर किसी विशेष व्यक्ति, ईश्वर या प्राणी का बोध कराए। (जैसे: दशानन = दस मुख हैं जिसके अर्थात् रावण)।
चूंकि बारहसिंगा 12 सींगों का कोई ‘समूह’ नहीं है, बल्कि एक ‘विशेष प्राणी’ का नाम है, इसलिए यह 100% बहुव्रीहि समास की श्रेणी में आता है।
Exam Master Trick (ब्रह्मास्त्र नियम)
यदि परीक्षा के विकल्पों (Options) में ‘बहुव्रीहि’ और ‘द्विगु’ दोनों दिए गए हैं, तो आपको हमेशा ‘बहुव्रीहि समास’ को ही सही उत्तर चुनना है।
(नोट: यदि परीक्षक ने विकल्प में बहुव्रीहि समास दिया ही नहीं है, केवल तब आप मजबूरी में द्विगु समास पर टिक कर सकते हैं।)
संख्यावाचक बहुव्रीहि समास के अन्य ट्रिकी उदाहरण
बारहसिंगा की तरह ही कई अन्य शब्द हैं जो संख्या से शुरू होते हैं लेकिन होते बहुव्रीहि समास हैं। इन्हें परीक्षा से पहले ज़रूर रट लें:
| सामासिक शब्द | समास विग्रह | विशेष अर्थ (बहुव्रीहि) |
| दशानन | दस हैं आनन (मुख) जिसके | अर्थात् रावण |
| त्रिनेत्र | तीन हैं नेत्र जिसके | अर्थात् भगवान शिव |
| चतुर्भुज | चार हैं भुजाएं जिसकी | अर्थात् भगवान विष्णु |
| पंचानन | पांच हैं आनन (मुख) जिसके | अर्थात् भगवान शिव / हनुमान |
| षडानन | छह हैं आनन जिसके | अर्थात् कार्तिकेय |
| एकदंत | एक है दंत जिसका | अर्थात् भगवान गणेश |
Exam Corner: Q&A (बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न)
उत्तर: क्योंकि बारहसिंगा ‘बारह सींगों के समूह’ को नहीं दर्शाता, बल्कि यह एक विशेष प्रकार के हिरण (प्राणी) की पहचान है। जहाँ तीसरा पद प्रधान हो जाए, वहाँ द्विगु का नियम कट जाता है और बहुव्रीहि लागू होता है।
उत्तर: यदि विग्रह ज़बरदस्ती “बारह सींगों का समूह” (समूहवाचक) के रूप में किया जाए, तब वह द्विगु समास कहलाएगा। लेकिन मानक हिंदी में इस शब्द का प्रयोग जानवर के लिए ही रूढ़ (Fix) हो चुका है।
उत्तर: अष्टाध्यायी (आठ अध्यायों का समूह/समाहार) में द्विगु समास है। (यह पाणिनी द्वारा रचित एक विशेष पुस्तक भी है, लेकिन मुख्य रूप से इसे द्विगु में गिना जाता है)।
उत्तर: ‘चार हैं मुख जिसके अर्थात् ब्रह्मा जी’। अतः इसमें भी बहुव्रीहि समास होगा।
हिंदी व्याकरण में अपवादों (Exceptions) को समझना ही किसी भी सरकारी परीक्षा में सफलता की कुंजी है। आशा है कि इस लेख के बाद Barahsinga Mein Kaun Sa Samas Hai से जुड़ा आपका सारा कन्फ्यूजन हमेशा के लिए दूर हो गया होगा।अब जब भी आप परीक्षा में यह प्रश्न देखेंगे, तो आप ‘द्विगु’ के जाल में नहीं फंसेंगे। अगर आपको यह जानकारी प्रामाणिक और उपयोगी लगी हो, तो इस लेख को अपने सहपाठियों और स्टडी ग्रुप्स में जरूर Share करें। हिंदी व्याकरण की ऐसी ही 100% सटीक जानकारी के लिए Sikshatak.com के साथ जुड़े रहें!
संबंधित अर्टिकल
उम्मीद है आप सभी पाठकों को बारहसिंगा में कौनसा समास है? (Barahsiga Mein Kaun sa Samas Hai) से संबंधित जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही और अधिक समास के ब्लॉग्स पढ़ने के लिए Shikshatak.com पर विजिट करें।

