अनेक शब्दों के लिए एक शब्द (One Word Substitution in Hindi): 150+ महत्वपूर्ण शब्द, नियम व परीक्षा-उपयोगी उदाहरण

अनेक शब्दों के लिए एक शब्द (One Word Substitution in Hindi): 150+ महत्वपूर्ण शब्द, नियम व परीक्षा-उपयोगी उदाहरण

हिंदी भाषा में विचारों को संक्षिप्त, प्रभावशाली और सारगर्भित रूप में व्यक्त करने के लिए ‘अनेक शब्दों के लिए एक शब्द’ (वाक्यांश के लिए एक शब्द) का प्रयोग अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। जब किसी लंबे वाक्य या विचार को कम से कम शब्दों में समेटा जाता है, तो भाषा में कसावट, सौंदर्य और प्रवाह आता है। इसे भाषा विज्ञान में ‘संक्षेपण’ (Brevity) और पद-संकोच कहा जाता है।

📢 शिक्षातक (Sikshatak) कम्युनिटी से जुड़ें

दैनिक शिक्षा समाचार, सरकारी नौकरी अपडेट्स, बोर्ड परीक्षा व फ़्री PDF नोट्स सबसे पहले पाने के लिए जॉइन करें:

बोर्ड परीक्षाओं (10वीं एवं 12वीं) से लेकर राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे UPSSSC, UP Police Constable/SI, RO/ARO, REET, MP Police, Bihar Police और SSC GD में इस खंड से 3 से 5 प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं। इस विस्तृत मार्गदर्शिका में 150 से अधिक उच्च-आवृत्ति शब्दों को विषयवार वर्गीकृत, अर्थ, विगत वर्षों के प्रश्नों और 10 अभ्यास बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs) के साथ संकलित किया गया है।

Table of Contents

अनेक शब्दों के लिए एक शब्द: त्वरित अवलोकन

  • विषय: सामान्य हिंदी (General Hindi)
  • अध्याय: वाक्यांश के लिए एक शब्द (One Word Substitution)
  • लक्षित परीक्षाएं: 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा, UPSSSC, UP Police, RO/ARO, REET, CTET, SSC GD
  • कुल संकलित शब्द: 150+ उच्च-आवृत्ति परीक्षा-उपयोगी शब्द
  • मुख्य श्रेणियां: दिशाएं व कोण, मोक्ष व इच्छाएं, युद्ध व वीरता, प्रकृति व पर्वत, मानवीय संबंध
  • अभ्यास खंड: 10 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) विस्तृत व्याख्या सहित व विगत वर्षों के प्रश्न
  • प्रामाणिक संदर्भ: डॉ. वासुदेव नंदन प्रसाद, कामता प्रसाद गुरु, डॉ. हरदेव बाहरी

अनेक शब्दों के लिए एक शब्द का व्याकरणिक महत्व

  1. भाव संक्षेपण: लंबे वाक्यों को संक्षिप्त कर समय और स्थान की बचत होती है।
  2. भाषा सौंदर्य: भाषा में अनावश्यक विस्तार समाप्त होता है और अभिव्यक्ति सशक्त बनती है।
  3. परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक: यह विशुद्ध वस्तुनिष्ठ (Objective) खंड है जिसमें पूरे अंक प्राप्त होते हैं।

1. दिशाओं एवं कोणों से संबंधित महत्वपूर्ण शब्द (बार-बार पूछे जाने वाले)

  • उत्तर और पूर्व के बीच की दिशा: ईशान (पूर्वोत्तर कोण)
  • पूर्व और दक्षिण के बीच की दिशा: आग्नेय (अग्नि दिशा)
  • दक्षिण और पश्चिम के बीच की दिशा: नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम कोण)
  • पश्चिम और उत्तर के बीच की दिशा: वायव्य (वायु दिशा)
  • पूर्व दिशा: प्राची (जहां से सूर्य उदय होता है)
  • पश्चिम दिशा: प्रतीची (जहां सूर्य अस्त होता है)
  • उत्तर दिशा: उदीची (उत्तर दिशा)
  • दक्षिण दिशा: अवाची (दक्षिण दिशा)
  • आकाश और पाताल के बीच का स्थान: अंतरिक्ष

2. इच्छा, ज्ञान, मोक्ष एवं युद्ध संबंधी शब्द

  • मोक्ष प्राप्त करने की इच्छा: मुमुक्षा (भाववाचक संज्ञा)
  • मोक्ष की इच्छा रखने वाला: मुमुक्षु (व्यक्तिवाचक विशेषण)
  • जीने की प्रबल इच्छा: जिजीविषा
  • जानने की इच्छा: जिज्ञासा
  • जानने की इच्छा रखने वाला: जिज्ञासु
  • युद्ध करने की प्रबल इच्छा: युयुत्सा
  • युद्ध करने की इच्छा रखने वाला: युयुत्सु
  • किसी को जीतने की इच्छा: जिगीषा
  • किसी को जीतने का इच्छुक: जिगीषु
  • किसी को मारने की इच्छा: जिघांसा
  • किसी को मारने का इच्छुक: जिघांसु
  • खाने की तीव्र इच्छा (भूख): बुभुक्षा
  • खाने का इच्छुक (भूखा): बुभुक्षित
  • पीने की इच्छा (जल या अमृत): पिपासा
  • पीने का इच्छुक (प्यासा): पिपासु
  • तैरने या भवसागर पार करने की इच्छा: तितीर्षा
  • तैरने या पार होने का इच्छुक: तितीर्षु
  • मरने की इच्छा: मुमूर्षा
  • मरणासन्न अवस्था वाला (मरने का इच्छुक): मुमूर्षु

3. प्रकृति, पर्वत, जल एवं भूमि से संबंधित शब्द

  • पर्वत के नीचे तलहटी की समतल भूमि: उपत्यका (RO/ARO व UPSSSC का प्रिय प्रश्न)
  • पर्वत के ऊपर की समतल भूमि: अधित्यका
  • जिस भूमि में कुछ पैदा न होता हो: ऊसर (अनुर्वर)
  • जिस भूमि में प्रचुर उपज होती हो: उर्वर (उपजाऊ)
  • नदी के जल से सींची जाने वाली भूमि: नदीमातृक
  • वर्षा के जल पर निर्भर भूमि: देवमातृक
  • चारों ओर जल से घिरा हुआ भूभाग: द्वीप
  • तीन ओर से जल से घिरा हुआ भूभाग: प्रायद्वीप (जैसे भारतीय प्रायद्वीप)
  • समुद्र में लगने वाली आग: बड़वानल (बड़वाग्नि)
  • जंगल में लगने वाली आग: दावानल (दावाग्नि)
  • पेट में लगने वाली आग (भूख): जठरानल (जठराग्नि)
  • जो जल में जन्म लेता हो: जलज (कमल)
  • जो कीचड़ में जन्म लेता हो: पंकज (कमल)

4. मानवीय संबंध, अवस्था एवं आचरण संबंधी शब्द

  • जिसका कोई शत्रु न जन्मा हो: अजातशत्रु
  • जो कभी बूढ़ा न हो: अजर
  • जिसकी कभी मृत्यु न हो: अमर
  • जो सब कुछ जानता हो: सर्वज्ञ
  • जो बहुत कम जानता हो: अल्पज्ञ
  • जो कुछ भी न जानता हो: अज्ञ
  • जो सब कुछ जानने में असमर्थ हो: अनभिज्ञ
  • जिसके पास कुछ भी न हो (अत्यंत निर्धन): अकिंचन
  • किए गए उपकार को मानने वाला: कृतज्ञ
  • किए गए उपकार को न मानने वाला: कृतघ्न
  • बड़ा भाई (पहले जन्मा हुआ): अग्रज
  • छोटा भाई (बाद में जन्मा हुआ): अनुज
  • एक ही माता के उदर से जन्मे भाई: सहोदर
  • सौतेली माता से जन्मा भाई: अन्योदर
  • कानूनी रूप से अपनाया गया पुत्र: दत्तक
  • वह कन्या जिसका विवाह करने का वचन दिया गया हो: वाग्दत्ता
  • वह स्त्री जिसका विवाह अभी-अभी हुआ हो: नवोढ़ा
  • वह स्त्री जिसका पति परदेस से लौटा हो: आगतपतिका
  • वह स्त्री जिसका पति परदेस जाने वाला हो: प्रवत्स्यत्पतिका
  • वह स्त्री जिसका पति परदेस गया हो: प्रोषितपतिका
  • वह स्त्री जिसका पति दूसरा विवाह कर ले: अध्यूढ़ा

5. 150+ उच्च-आवृत्ति शब्दों का वर्णमाला महा-संग्रह

‘अ’ से शुरू होने वाले महत्वपूर्ण शब्द

  1. जो पहले कभी न हुआ हो — अभूतपूर्व
  2. जो कहा न जा सके — अकथनीय
  3. जिसकी कल्पना न की जा सके — अकल्पनीय
  4. जो गिना न जा सके — अगणित
  5. जो दिखाई न दे — अदृश्य / अप्रत्यक्ष
  6. जिसका कोई पार न हो — अपार
  7. दोपहर के बाद का समय — अपराह्न
  8. दोपहर से पहले का समय — पूर्वाह्न
  9. दोपहर का समय — मध्याह्न
  10. जिसकी पहले से आशा न की गई हो — अप्रत्याशित
  11. जो कानून या नियम के विपरीत हो — अवैधानिक
  12. जिसे बिना बुलाए बुलाया गया हो — अनाहूत
  13. बिना पलक झपकाए एकटक देखना — निर्निमेष / अपलक / अनिमेष
  14. अंडे से जन्म लेने वाला — अंडज
  15. पसीने से जन्म लेने वाला — स्वेदज
  16. धरती फोड़कर जन्म लेने वाला — उद्भिज्ज
  17. गर्भ की झिल्ली से जन्म लेने वाला — जरायुज
  18. जिसका कोई निश्चित घर न हो — अनिकेत
  19. आवश्यकता से अधिक धन का संचय न करना — अपरिग्रह
  20. जो मापा न जा सके — अपरिमेय

‘क’ से ‘घ’ तक के महत्वपूर्ण शब्द

  1. जिसे अपने कर्तव्य का ज्ञान न हो — किंकर्तव्यविमूढ़
  2. जो किए गए उपकार को याद रखता हो — कृतज्ञ
  3. जो अपने कार्य में अत्यंत कुशल हो — कार्यदक्ष / कर्मठ
  4. जो कल्पना से परे हो — कल्पनातीत
  5. जो केंद्र की ओर उन्मुख हो — केंद्राभिमुख
  6. जो फूल अभी पूर्णतः खिला न हो — मुकुल / कली
  7. संध्या और रात्रि के बीच का वेला — गोधूलि
  8. आकाश को छूने वाला — गगनचुंबी
  9. जो गुप्त रूप से छद्म वेश धारण करे — छद्मवेशी
  10. केवल दूसरों के दोषों को खोजने वाला — छिद्रान्वेषी

‘ज’ से ‘त’ तक के महत्वपूर्ण शब्द

  1. जल में विचरण करने वाला जीव — जलचर
  2. आकाश में उड़ने वाला — नभचर / खेचर
  3. जमीन पर चलने वाला जीव — थलचर
  4. जो दोनों हाथों से समान रूप से तीर चला सके — सव्यसाची (अर्जुन)
  5. भगवान शिव का धनुष — पिनाक
  6. भगवान विष्णु का धनुष — शारंग
  7. अर्जुन का गांडीव धनुष — गांडीव
  8. जीने की तीव्र लालसा — जिजीविषा
  9. जीतने की प्रबल इच्छा — जिगीषा
  10. किसी को जान से मारने की इच्छा — जिघांसा

‘द’ से ‘प’ तक के महत्वपूर्ण शब्द

  1. जिसकी दो पत्नियां हों — द्विपत्नीक
  2. जिसे जीतना अत्यंत कठिन हो — दुर्जेय
  3. जिसे पार करना अत्यंत कठिन हो — दुस्तर
  4. जिसे जानना अत्यंत कठिन हो — दुर्ज्ञेय
  5. जो देखने के योग्य हो — दर्शनीय
  6. जो अत्यंत कठिनाई से मिले — दुर्लभ
  7. जो सहजता से प्राप्त हो जाए — सुलभ
  8. जिसका दमन करना अत्यंत कठिन हो — दुर्दम्य
  9. दूर की बातों को पहले सोच लेने वाला — दूरदर्शी
  10. आगे आने वाली बात सोचने वाला — अग्रसोची

‘ब’ से ‘म’ तक के महत्वपूर्ण शब्द

  1. जो बहुत अधिक बोलता हो — वाचाल
  2. जो बहुत कम और नपा-तुला बोलता हो — मितभाषी
  3. जो मधुर वाणी बोलता हो — मृदुभाषी
  4. जो कड़वी वाणी बोलता हो — कटुभाषी
  5. रात में विचरण करने वाला — निशाचर
  6. जिसे मोक्ष प्राप्त करने की तीव्र इच्छा हो — मुमुक्षु
  7. जो मृत्यु के अत्यंत निकट हो — मुमूर्षु
  8. मृत्यु की कामना — मुमूर्षा
  9. जो मांस का सेवन न करता हो — निरामिष
  10. जो मांस का सेवन करता हो — सामिष / आमिष

‘य’ से ‘ह’ तक के महत्वपूर्ण शब्द

  1. युद्ध करने की तीव्र इच्छा रखने वाला — युयुत्सु
  2. अपनी शक्ति के अनुसार — यथाशक्ति
  3. नियम के अनुसार — यथानियम
  4. क्रम के अनुसार — यथाक्रम
  5. समाज में मान-प्रतिष्ठा प्राप्त व्यक्ति — लब्धप्रतिष्ठ
  6. व्याकरण का गहन ज्ञाता — वैयाकरण
  7. जो विधि (कानून) के अनुकूल हो — वैधानिक
  8. शरणागत की रक्षा करने वाला — शरणदाता
  9. जो सर्वत्र विद्यमान हो — सर्वव्यापी
  10. पसीने से भीगा हुआ — स्वेदस्नात

विगत वर्षों की परीक्षाओं में पूछे गए प्रमुख प्रश्न (PYQs)

  • UP Police Constable: ‘संध्या और रात्रि के बीच का समय’ — गोधूलि
  • UPSSSC PET: ‘मन को हरने वाला’ — मनोहर
  • UPPSC RO/ARO: ‘जिसका निवारण न हो सके’ — अनिवार्य
  • REET: ‘पैर से लेकर सिर तक’ — आपादमस्तक
  • SSC GD: ‘हाथ में चक्र धारण करने वाला’ — चक्रपाणि
  • UP Board 12वीं: ‘जिसकी कोई उपमा न दी जा सके’ — अनुपम

हिंदी व्याकरण हेतु सर्वश्रेष्ठ संदर्भ पुस्तकें

  1. सामान्य हिंदी — ल्यूसेंट पब्लिकेशन (10वीं/12वीं व सभी प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु रामबाण)

 Lucent Samanya Hindi

  1. सामान्य हिंदी (वस्तुनिष्ठ प्रश्न बैंक) — आदित्य पब्लिकेशन (UPSSSC, RO/ARO व पुलिस परीक्षा अभ्यास)

 Aditya Publication Hindi

  1. आधुनिक हिंदी व्याकरण और रचना — डॉ. वासुदेव नंदन प्रसाद (मानक व्याकरण नियम व प्रमाणिक ग्रंथ)

 Vasudev Nandan Prasad

  1. सरल हिंदी व्याकरण — डॉ. हरदेव बाहरी (भाषा शुद्धि एवं संक्षेपण हेतु)

 Hardev Bahri Hindi

(अस्वीकरण: शिक्षातक विद्यार्थियों के हित में उच्च गुणवत्ता वाली संदर्भ पुस्तकों की अनुशंसा करता है। ऊपर दिए गए लिंक पर की गई किसी भी खरीद से हमें बिना किसी अतिरिक्त लागत के एक छोटा कमीशन प्राप्त हो सकता है।)

अनेक शब्दों के लिए एक शब्द: 10 महत्वपूर्ण अभ्यास प्रश्न (MCQs)

प्रश्न 1: ‘उत्तर और पूर्व के बीच की दिशा’ के लिए एक शब्द क्या होगा?
(A) आग्नेय
(B) ईशान
(C) वायव्य
(D) नैऋत्य
उत्तर: (B) ईशान
व्याख्या: उत्तर और पूर्व के मध्य का कोण ‘ईशान’ कहलाता है। पूर्व-दक्षिण आग्नेय, दक्षिण-पश्चिम नैऋत्य और पश्चिम-उत्तर वायव्य कहलाता है।

प्रश्न 2: ‘मोक्ष की इच्छा रखने वाला’ के लिए एक शब्द है:
(A) मुमुक्षा
(B) मुमुक्षु
(C) जिजीविषु
(D) जिज्ञासु
उत्तर: (B) मुमुक्षु
व्याख्या: मोक्ष की इच्छा ‘मुमुक्षा’ है, जबकि उस इच्छा को रखने वाला व्यक्ति ‘मुमुक्षु’ कहलाता है।

प्रश्न 3: ‘पर्वत के ऊपर की समतल भूमि’ को क्या कहते हैं?
(A) उपत्यका
(B) अधित्यका
(C) घाटी
(D) पठार
उत्तर: (B) अधित्यका
व्याख्या: पर्वत के ऊपर की समतल भूमि ‘अधित्यका’ और नीचे तलहटी की भूमि ‘उपत्यका’ कहलाती है।

प्रश्न 4: ‘जिसका कोई शत्रु पैदा ही न हुआ हो’:
(A) अजातशत्रु
(B) शत्रुघ्न
(C) अजेय
(D) अपराजित
उत्तर: (A) अजातशत्रु
व्याख्या: जिसका कोई शत्रु न जन्मा हो, उसे ‘अजातशत्रु’ कहा जाता है।

प्रश्न 5: ‘जीने की प्रबल इच्छा’ के लिए उपयुक्त शब्द है:
(A) जिगीषा
(B) जिजीविषा
(C) बुभुक्षा
(D) तितीर्षा
उत्तर: (B) जिजीविषा
व्याख्या: जीने की तीव्र लालसा को ‘जिजीविषा’ कहा जाता है।

प्रश्न 6: ‘जंगल में लगने वाली आग’ कहलाती है:
(A) जठरानल
(B) बड़वानल
(C) दावानल
(D) कामाग्नि
उत्तर: (C) दावानल
व्याख्या: जंगल की आग को ‘दावानल’ (दावाग्नि), समुद्र की आग को ‘बड़वानल’ और पेट की भूख को ‘जठरानल’ कहते हैं।

प्रश्न 7: ‘जो किए गए उपकार को नहीं मानता है’:
(A) कृतज्ञ
(B) कृतघ्न
(C) पापी
(D) विश्वासघाती
उत्तर: (B) कृतघ्न
व्याख्या: उपकार मानने वाला ‘कृतज्ञ’ और उपकार भूल जाने या न मानने वाला ‘कृतघ्न’ कहलाता है।

प्रश्न 8: ‘जिस स्त्री का पति परदेस से लौटा हो’:
(A) प्रेषितपतिका
(B) आगतपतिका
(C) प्रवत्स्यत्पतिका
(D) खंडिता
उत्तर: (B) आगतपतिका
व्याख्या: जिस स्त्री का पति विदेश से आ गया हो, उसे ‘आगतपतिका’ कहते हैं।

प्रश्न 9: ‘जो दोनों हाथों से तीर चलाने में समर्थ हो’:
(A) धनुर्धर
(B) सव्यसाची
(C) गांडीवधारी
(D) निपुण
उत्तर: (B) सव्यसाची
व्याख्या: महाभारत में अर्जुन को दोनों हाथों से बाण चलाने की क्षमता के कारण ‘सव्यसाची’ कहा गया है।

प्रश्न 10: ‘बिना पलक झपकाए देखना’ के लिए उपयुक्त शब्द है:
(A) निर्निमेष
(B) अपलक
(C) अनिमेष
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (D) उपर्युक्त सभी
व्याख्या: बिना पलक गिराए एकटक देखने के लिए निर्निमेष, अपलक और अनिमेष तीनों शब्द प्रामाणिक हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: ‘अनेक शब्दों के लिए एक शब्द’ की तैयारी कैसे करें?
उत्तर: शब्दों को रटने के बजाय श्रेणियों में बांटकर पढ़ें (जैसे दिशाएं, इच्छाएं, आग के प्रकार, जन्म के प्रकार)। विगत वर्षों के प्रश्न पत्रों का नियमित अभ्यास करने से परीक्षा में शत-प्रतिशत सटीकता आती है।

प्रश्न 2: ‘ईशान’ और ‘आग्नेय’ कोण में क्या अंतर है?
उत्तर: उत्तर और पूर्व के मध्य का कोण ‘ईशान’ होता है, जबकि पूर्व और दक्षिण के मध्य का कोण ‘आग्नेय’ कहलाता है।

प्रश्न 3: ‘मुमुक्षा’ और ‘मुमुक्षु’ में क्या व्याकरणिक भेद है?
उत्तर: ‘मुमुक्षा’ भाववाचक संज्ञा है जिसका अर्थ है ‘मोक्ष की इच्छा’। वहीं ‘मुमुक्षु’ विशेषण/संज्ञा है जिसका अर्थ है ‘मोक्ष चाहने वाला व्यक्ति’।

प्रश्न 4: ‘उपत्यका’ और ‘अधित्यका’ में क्या फर्क है?
उत्तर: पर्वत के नीचे तलहटी की भूमि को ‘उपत्यका’ कहते हैं, जबकि पर्वत के शिखर की समतल भूमि को ‘अधित्यका’ कहा जाता है।

प्रश्न 5: क्या बोर्ड परीक्षा में वाक्य प्रयोग भी पूछा जाता है?
उत्तर: हां, कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा में अक्सर वाक्यांश के लिए एक शब्द लिखकर उसका वाक्य में प्रयोग करने के लिए भी पूछा जाता है, जबकि प्रतियोगी परीक्षाओं में वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) आते हैं।

[संपादकीय अस्वीकरण: शिक्षातक पर प्रकाशित सभी पाठ्य सामग्री प्रामाणिक शब्दकोशों एवं मानक व्याकरण ग्रंथों के आधार पर तैयार की गई है। अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी के दौरान अपने राज्य शिक्षा बोर्ड के आधिकारिक पाठ्यक्रम से भी मिलान अवश्य करें।]

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

    💬 सवाल, शंका या सुझाव?

    🔒 आपका ईमेल सुरक्षित रहेगा और प्रकाशित नहीं किया जाएगा।