UPTET 2026 Notification: नया परीक्षा पैटर्न, पेपर 1 व 2 विस्तृत सिलेबस और पात्रता नियम

UPTET 2026 Notification: नया परीक्षा पैटर्न, पेपर 1 व 2 विस्तृत सिलेबस और पात्रता नियम

क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य पात्रता परीक्षा ‘UPTET’ का आयोजन अब परीक्षा नियामक प्राधिकारी (PNP) के स्थान पर नवगठित ‘उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग’ (UPESSC, प्रयागराज) द्वारा किया जा रहा है? नए आयोग के गठन के बाद परीक्षा की शुचिता, प्रश्नों के शैक्षणिक स्तर और चयन मानकों में व्यापक सुधार किए गए हैं, जिससे आगामी शिक्षक भर्ती (Super TET) के द्वार खुलेंगे।

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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) राज्य के प्राथमिक (कक्षा 1 से 5) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8) परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पदों पर नियुक्ति के लिए पहली अनिवार्य सीढ़ी है। यदि आपका लक्ष्य भी उत्तर प्रदेश में एक आदर्श शिक्षक बनकर नई पीढ़ी के भविष्य को संवारना है, तो नए आयोग के नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुरूप परीक्षा पैटर्न, अंक विभाजन और विषयवार संपूर्ण पाठ्यक्रम की गहन समझ आवश्यक है।

Table of Contents

📌 Fact Box: UPTET 2026 परीक्षा मुख्य आंकड़े एवं नियामक ढांचा

परीक्षा पैरामीटरआधिकारिक मानक एवं विवरण
नियामक आयोगउत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC), प्रयागराज
संवैधानिक व वैधानिक आधारराष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) अधिनियम 1993 व UP शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम
परीक्षा का स्तरराज्य स्तरीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (State Teacher Eligibility Test)
परीक्षा के चरणपेपर-1 (प्राथमिक: कक्षा 1-5) एवं पेपर-2 (उच्च प्राथमिक: कक्षा 6-8)
प्रश्नों का प्रकारवस्तुनिष्ठ बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) — OMR आधारित ऑफलाइन मोड
कुल प्रश्न एवं अंकप्रत्येक पेपर में 150 प्रश्न, 150 अंक (1 प्रश्न = 1 अंक)
परीक्षा समयावधि150 मिनट (2 घंटे 30 मिनट)
नेगेटिव मार्किंगकोई नकारात्मक अंकन नहीं (Zero Negative Marking)
प्रमाणपत्र वैधताआजीवन (Lifetime Validity — NCTE दिशानिर्देशानुसार)
न्यूनतम क्वालीफाइंग अंकसामान्य वर्ग: 60% (90 अंक) | OBC / SC / ST / PwD: 55% (82 अंक)

UPTET 2026 नया परीक्षा पैटर्न (Featured Snippet Answer)

त्वरित उत्तर: UPTET परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाती है। पेपर-1 उन अभ्यर्थियों के लिए है जो कक्षा 1 से 5 (प्राथमिक स्तर) के शिक्षक बनना चाहते हैं, जबकि पेपर-2 कक्षा 6 से 8 (उच्च प्राथमिक स्तर) के लिए है। प्रत्येक पेपर में 150 बहुविकल्पीय प्रश्न होते हैं जिनके लिए 150 मिनट (ढाई घंटे) का समय दिया जाता है। परीक्षा में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होती है।

1. पेपर-1 परीक्षा पैटर्न (कक्षा 1 से 5 — प्राथमिक स्तर)

भाग (Section)विषय (Subject)प्रश्नों की संख्याकुल अंकसमयावधि
भाग – 1बाल विकास एवं शिक्षण विधि (Child Development & Pedagogy)3030 अंकसमग्र रूप से 150 मिनट (2 घंटा 30 मिनट)
भाग – 2भाषा – I (अनिवार्य: सामान्य हिंदी)3030 अंक–
भाग – 3भाषा – II (अंग्रेजी / उर्दू / संस्कृत में से कोई एक)3030 अंक–
भाग – 4गणित (Mathematics)3030 अंक–
भाग – 5पर्यावरण अध्ययन (Environmental Studies – EVS)3030 अंक–
कुल योग5 खंड150 प्रश्न150 अंक150 मिनट

2. पेपर-2 परीक्षा पैटर्न (कक्षा 6 से 8 — उच्च प्राथमिक स्तर)

भाग (Section)विषय (Subject)प्रश्नों की संख्याकुल अंकसमयावधि
भाग – 1बाल विकास एवं शिक्षण विधि (CDP)3030 अंकसमग्र रूप से 150 मिनट (2 घंटा 30 मिनट)
भाग – 2भाषा – I (अनिवार्य: सामान्य हिंदी)3030 अंक–
भाग – 3भाषा – II (अंग्रेजी / उर्दू / संस्कृत में से कोई एक)3030 अंक–
भाग – 4(A) विज्ञान एवं गणित शिक्षक हेतु: गणित व विज्ञान  (B) सामाजिक अध्ययन शिक्षक हेतु: सामाजिक विज्ञान6060 अंक–
कुल योग4 खंड150 प्रश्न150 अंक150 मिनट

विषयवार विस्तृत पाठ्यक्रम (UPSC व शिक्षा आयोग मानकों का गहन विश्लेषण)

1. बाल विकास एवं शिक्षण शास्त्र (Child Development & Pedagogy – CDP)

स्निपेट उत्तर: यह खंड शिक्षक अभ्यर्थी की बाल मनोविज्ञान, सीखने की प्रक्रियाओं और समावेशी शिक्षा की समझ का परीक्षण करता है। इसमें 30 प्रश्न पूछे जाते हैं।

  • बाल विकास की अवधारणा: विकास की अवस्थाएं (शैशवावस्था, बाल्यावस्था, किशोरावस्था), शारीरिक, मानसिक, संवेगात्मक एवं सामाजिक विकास।
  • विकास को प्रभावित करने वाले कारक: वंशानुक्रम (Heredity) एवं वातावरण (Environment) की परस्पर अंतःक्रिया।
  • अधिगम के प्रमुख सिद्धांत एवं उनकी उपयोगिता:
    • थार्नडाइक का प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत और सीखने के नियम।
    • पावलव का शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत (Classical Conditioning)।
    • स्किनर का क्रिया प्रसूत अनुबंधन सिद्धांत (Operant Conditioning)।
    • कोहलर का अंतर्दृष्टि या सूझ का सिद्धांत।
    • जीन पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत, लेव वायगोत्स्की का सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत और कोहलबर्ग का नैतिक विकास सिद्धांत।
  • शिक्षण एवं शिक्षण विधियां: शिक्षण के सिद्धांत, शिक्षण सूत्र (सरल से कठिन, ज्ञात से अज्ञात, मूर्त से अमूर्त), सूक्ष्म शिक्षण (Micro Teaching) एवं शिक्षण के स्तर।
  • समावेशी शिक्षा (Inclusive Education): विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे (दिव्यांग, प्रतिभाशाली, मंदबुद्धि, वंचित वर्ग), परामर्श एवं निर्देशन, समावेशी शिक्षा हेतु नीतियां।
  • अधिगम अक्षमताएं (Learning Disabilities): डिस्लेक्सिया (पठन विकार), डिस्ग्राफिया (लेखन विकार), डिस्कैलकुलिया (गणितीय विकार)।

2. भाषा – I: सामान्य हिंदी (30 प्रश्न — 30 अंक)

स्निपेट उत्तर: हिंदी भाषा खंड में व्याकरणिक शुद्धता, साहित्य की बुनियादी समझ और भाषाई शिक्षण शास्त्र के प्रश्न शामिल होते हैं।

  • अपठित गद्यांश एवं पद्यांश: बोधगम्यता, शीर्षक चयन एवं व्याकरण आधारित प्रश्न।
  • वर्णविचार: स्वर, व्यंजन, अनुस्वार, विसर्ग, अल्पप्राण-महाप्राण, घोष-अघोष तथा उच्चारण स्थान।
  • शब्द रचना एवं व्याकरण:
    • तत्सम, तद्भव, देशज एवं विदेशज शब्द।
    • संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, विशेषण, अव्यय तथा कारक (विभक्ति चिह्न)।
    • संधि: स्वर संधि (दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण, अयादि), व्यंजन संधि एवं विसर्ग संधि।
    • समास: अव्ययीभाव, तत्पुरुष, कर्मधारय, द्विगु, द्वंद्व एवं बहुव्रीहि समास।
    • विलोम, पर्यायवाची, अनेकार्थी शब्द एवं वाक्यांश के लिए एक शब्द।
    • मुहावरे एवं लोकोक्तियां।
  • हिंदी साहित्य का परिचय: प्रमुख रचनाएं एवं उनके रचनाकार (कबीर, तुलसी, सूर, जायसी, प्रेमचंद, हरिशंकर परसाई, जयशंकर प्रसाद, महादेवी वर्मा)।

3. भाषा – II: संस्कृत / अंग्रेजी (वैकल्पिक भाषा — 30 प्रश्न)

  • संस्कृत भाषा: अपठित अनुच्छेद, अकारांत-इकारांत-उकारांत शब्द रूप (राम, हरि, गुरु, लता, नदी), धातु रूप (पठ्, गम्, भू — लट्, लोट्, लङ्, विधिलिङ्, लृट् लकार), संख्याएं (1 से 100 तक संस्कृत में), माहेश्वर सूत्र एवं प्रत्याहार, कारक एवं विभक्ति।
  • अंग्रेजी भाषा: Unseen Passage, Parts of Speech (Noun, Pronoun, Verb, Adverb, Adjective, Preposition, Conjunction), Tenses, Active & Passive Voice, Direct & Indirect Speech, Singular/Plural, Articles, Punctuation.

प्रतियोगी परीक्षाओं के अन्य पाठ्यक्रमों और सरकारी सेवा नियमों की जानकारी के लिए आप हमारे पोर्टल पर सरकारी परीक्षा पाठ्यक्रम व पैटर्न तथा शिक्षक भर्तियों के आवासीय विकल्पों हेतु अटल आवासीय विद्यालय प्रवेश गाइड भी देख सकते हैं।

4. गणित (Mathematics — प्राथमिक व उच्च प्राथमिक)

स्निपेट उत्तर: गणित खंड में बुनियादी गणना, ज्यामितीय समझ, मापन और व्यावहारिक अंकगणित का परीक्षण किया जाता है:

  • संख्या पद्धति: स्थानीय मान, वास्तविक मान, रोमन संख्याएं, प्राकृतिक, पूर्ण, सम, विषम, अभाज्य संख्याएं।
  • जोड़, घटाना, गुणा, भाग एवं सरलीकरण (BODMAS)।
  • लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) तथा महत्तम समापवर्तक (HCF)।
  • दशमलव, भिन्न एवं एकिक नियम (Unitary Method)।
  • प्रतिशतता, लाभ-हानि एवं साधारण ब्याज।
  • ज्यामिति व मापन: बिंदु, रेखा, किरण, कोण, त्रिभुज, वृत्त, आयत व वर्ग। मुद्रा, समय, भार, धारिता और लंबाई के मापन मात्रक।
  • क्षेत्रमिति (पेपर-2 हेतु विशेष): 2D एवं 3D आकृतियों का क्षेत्रफल, परिमाप और आयतन। बीजगणित (Algebra) के सर्वसमिकाएं एवं समीकरण।

5. पर्यावरण अध्ययन (EVS — प्राथमिक स्तर)

स्निपेट उत्तर: EVS खंड में 30 प्रश्न होते हैं, जो पर्यावरण संरक्षण, पारिस्थितिकी तंत्र और भारतीय भूगोल व नागरिक शास्त्र से संबंधित होते हैं:

  • परिवार एवं मित्र: रिश्ते-नाते, पारिवारिक संरचना, श्रम की महत्ता।
  • आवास एवं भोजन: विभिन्न जीवों के आवास, संतुलित आहार, पोषक तत्व, भोजन पकाने व संरक्षण की विधियां।
  • पेड़-पौधे एवं जीव-जंतु: पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem), खाद्य शृंखला व खाद्य जाल, जैव विविधता (Biodiversity)।
  • हमारा परिवेश एवं संविधान: ग्राम पंचायत, नगर निगम, जिला प्रशासन, मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य, राष्ट्रीय प्रतीक।
  • पर्यावरण संरक्षण एवं आंदोलन: चिपको आंदोलन, नर्मदा बचाओ आंदोलन, ओजोन परत क्षरण, ग्रीनहाउस गैसें एवं ग्लोबल वार्मिंग।

6. सामाजिक अध्ययन (Social Studies — पेपर-2 आर्ट्स वर्ग हेतु 60 प्रश्न)

  • इतिहास: पाषाण काल, सिंधु घाटी सभ्यता, वैदिक काल, मौर्य व गुप्त साम्राज्य, भक्ति व सूफी आंदोलन, 1857 की क्रांति और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन।
  • भूगोल: सौरमंडल, पृथ्वी की गतियां, अक्षांश व देशांतर, वायुमंडल की परतें, भारत का भौतिक विभाजन एवं कृषि।
  • नागरिक शास्त्र: संविधान की प्रस्तावना, मौलिक अधिकार, संसद, कार्यपालिका, न्यायपालिका और मानवाधिकार।

शैक्षणिक पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria & B.Ed vs BTC)

माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India) के ऐतिहासिक निर्णय तथा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुसार:

  1. पेपर-1 (प्राथमिक स्तर: कक्षा 1 से 5):
    • न्यूनतम 50% अंकों के साथ 12वीं (इंटरमीडिएट) तथा 2-वर्षीय D.El.Ed (BTC) / 4-वर्षीय B.El.Ed / विशेष शिक्षा में 2-वर्षीय डिप्लोमा।
    • महत्वपूर्ण नोट: सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद B.Ed धारक अब प्राथमिक स्तर (पेपर-1) के लिए पात्र नहीं हैं।
  2. पेपर-2 (उच्च प्राथमिक स्तर: कक्षा 6 से 8):
    • स्नातक (Graduation) तथा 2-वर्षीय D.El.Ed (BTC) उत्तीर्ण या अंतिम वर्ष में अध्ययनरत।
    • न्यूनतम 50% अंकों के साथ स्नातक तथा 1 या 2-वर्षीय B.Ed / B.Ed विशेष शिक्षा उत्तीर्ण।
    • 4-वर्षीय BA B.Ed / B.Sc B.Ed धारक भी पूरी तरह पात्र हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ — Schema Ready)

प्रश्न 1: क्या UPTET परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग लागू होती है?

👉 उत्तर: नहीं, UPTET परीक्षा में किसी भी प्रकार का नकारात्मक अंकन (Negative Marking) नहीं होता है। अभ्यर्थी सभी 150 प्रश्नों के उत्तर बिना किसी अंक कटौती के डर के हल कर सकते हैं।

प्रश्न 2: UPTET परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए कितने अंक आवश्यक हैं?

👉 उत्तर: सामान्य (General / EWS) वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 60% यानी 150 में से 90 अंक तथा OBC, SC, ST व PwD वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 55% यानी 150 में से 82 अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।

प्रश्न 3: क्या B.Ed धारक अभ्यर्थी UPTET पेपर-1 (कक्षा 1-5) दे सकते हैं?

👉 उत्तर: नहीं, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार B.Ed डिग्री धारक अब प्राथमिक स्तर (पेपर-1) के लिए पात्र नहीं हैं। B.Ed अभ्यर्थी केवल उच्च प्राथमिक स्तर (पेपर-2: कक्षा 6 से 8) के लिए पात्र हैं।

प्रश्न 4: UPTET प्रमाण पत्र की वैधता कितने समय तक मान्य रहती है?

👉 उत्तर: NCTE के संशोधित नियमों के अनुसार UPTET उत्तीर्ण प्रमाणपत्र की वैधता अब आजीवन (Lifetime Validity) के लिए मान्य कर दी गई है।

प्रश्न 5: UPTET परीक्षा का आयोजन कौन सा निकाय करेगा?

👉 उत्तर: उत्तर प्रदेश में बेसिक और माध्यमिक स्तर की सभी शिक्षक पात्रता और भर्ती परीक्षाओं का आयोजन अब नवगठित ‘उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग’ (UPESSC, प्रयागराज) द्वारा किया जाएगा।

अंतिम निष्कर्ष एवं संपादकीय संदेश (Core Learning)

शिक्षक समाज का वास्तविक शिल्पकार होता है। UPTET परीक्षा में सफलता केवल रटने से नहीं, बल्कि बाल मनोविज्ञान और बुनियादी विषयों की गहरी अवधारणात्मक स्पष्टता (Conceptual Clarity) से प्राप्त होती है। प्रतिदिन कम से कम 1 मॉक टेस्ट हल करें और कमजोर विषयों का निरंतर अभ्यास करें। आपका आज का समर्पण ही कल बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में लाखों बच्चों के जीवन को उज्ज्वल बनाएगा।

उत्तर प्रदेश की समस्त शिक्षक भर्तियों, पात्रता परीक्षाओं और प्रामाणिक अध्ययन सामग्री के नियमित अद्यतन हेतु sikshatak.com के साथ जुड़े रहें।

🔗 महत्वपूर्ण आधिकारिक लिंक्स (Important Quick Links)

विवरण (Particulars)सीधा लिंक (Direct Official Link)
UP शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) पोर्टलयहाँ क्लिक करें (upessc.gov.in)
UP बेसिक शिक्षा विभाग (UP DELEd पोर्टल)विजिट करें (updeled.gov.in)
UPTET आधिकारिक अधिसूचना (Notification PDF)डाउनलोड करें (आधिकारिक बुलेटिन)
NCTE आधिकारिक शिक्षक पात्रता दिशानिर्देशयहाँ देखें (ncte.gov.in)
सरकारी परीक्षा सिलेबस गाइड (शिक्षातक)यहाँ पढ़ें (sikshatak.com)

संपादकीय सत्यापन एवं सत्यनिष्ठा नोट

यह गाइड उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) के गठन नियमों, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के न्यूनतम अर्हता दिशा-निर्देशों तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों के आधार पर शिक्षातक संपादकीय टीम द्वारा तैयार की गई है। परीक्षा की आधिकारिक विज्ञप्ति एवं ऑनलाइन आवेदन तिथियों के सत्यापन हेतु अभ्यर्थियों को आयोग के आधिकारिक पोर्टल का अवलोकन करने की सलाह दी जाती है।

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