Diwali School Project Ideas in Hindi: कक्षा 1 से 5वीं के लिए दिवाली प्रोजेक्ट, मॉडल व DIY क्राफ्ट गाइड (2026)

Diwali School Project Ideas in Hindi: कक्षा 1 से 5वीं के लिए दिवाली प्रोजेक्ट, मॉडल व DIY क्राफ्ट गाइड (2026)

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF-FS) प्राथमिक स्तर की शिक्षा में ‘करके सीखने’ (Experiential & Hands-on Learning) तथा कला-समेकित अधिगम (Art-Integrated Learning) पर विशेष बल देती है। दीपावली के पावन शरदकालीन अवकाश के दौरान केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS), नवोदय विद्यालय, सीबीएसई, आईसीएसई और राज्य शिक्षा परिषदों (UP, बिहार, राजस्थान, MP बोर्ड) द्वारा प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 5वीं) के विद्यार्थियों को रचनात्मक और व्यावहारिक प्रोजेक्ट्स सौंपे जाते हैं। इन प्रोजेक्ट्स का मुख्य उद्देश्य केवल अवकाश को व्यस्त रखना नहीं, बल्कि बालमन में सूक्ष्म गत्यात्मक कौशलों (Fine Motor Skills), रंग-संयोजन की समझ, भारतीय लोक-कलाओं के प्रति आदर और पर्यावरण के अनुकूल ‘हरित जीवनशैली’ का बीजारोपण करना है। यह मार्गदर्शिका प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों और अभिभावकों हेतु 5 सबसे लोकप्रिय, सुरक्षित और शत-प्रतिशत अंक दिलाने वाले प्रोजेक्ट्स के चरणबद्ध समाधान प्रस्तुत करती है।

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Table of Contents

📌 दिवाली प्राथमिक प्रोजेक्ट कार्य: मुख्य विवरण सारणी

मापदंड (Attribute)आधिकारिक एवं व्यावहारिक विवरण (Details)
लक्षित कक्षा वर्गप्राथमिक विभाग — कक्षा 1, 2, 3, 4 एवं 5वीं (आयु वर्ग: 6 से 11 वर्ष)
शैक्षणिक विषय क्षेत्रकला एवं शिल्प (Art & Craft), पर्यावरण अध्ययन (EVS), हिंदी भाषा एवं नैतिक मूल्य
मूल्यांकन भारांकआंतरिक सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE / Formative Assessment): 10 से 20 अंक
मूल दार्शनिक संदेश‘कचरे से कंचन’ (Waste to Wealth), मिट्टी और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, वोकल फॉर लोकल
प्रमुख प्रोजेक्ट घटकटेराकोटा दीया पेंटिंग, 3D पॉप-अप ग्रीटिंग कार्ड, प्राकृतिक दाल रंगोली, इको-विलेज मॉडल
सुरक्षा अधिदेश100% गैर-विषाक्त (Non-toxic) जल-रंग, बाल-सुलभ कैंची (Blunt Scissors), शून्य आतिशबाजी

🎨 1. प्रोजेक्ट 1: मिट्टी के पारंपरिक दीयों की DIY सजावट (Terracotta Diya Painting)

कक्षा 1 से 3 के नन्हें विद्यार्थियों के लिए यह प्रोजेक्ट सबसे सरल, मनमोहक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है।

(A) आवश्यक सामग्री (Materials Required):

  • स्थानीय कुम्हार से खरीदे गए 4 से 6 साधारण मिट्टी के दीये (टेराकोटा)।
  • एक्रेलिक या पोस्टर कलर्स (पीला, लाल, हरा, नीला, सफेद व सुनहरा)।
  • फ्लैट और राउंड पेंट ब्रश (नंबर 2 और 4)।
  • फेविकोल (क्राफ्ट ग्लू), छोटे शीशे (कुंदन), चमकीली गोटा-पट्टी या सुनहरी लेस।

(B) चरणबद्ध निर्माण विधि (Step-by-Step Procedure):

  1. शोधन एवं सुखाना: मिट्टी के दीयों को 2 से 3 घंटे साफ पानी में भिगोकर रखें ताकि मिट्टी से धूल निकल जाए। इसके बाद इन्हें तेज धूप में पूरी तरह सुखा लें (इससे दीये रंग को समान रूप से सोखते हैं)।
  2. प्राइमरी बेस कोट: दीये के अंदर और बाहर सफेद या हल्के पीले रंग का एक बेस कोट लगाएं। इसे 15 मिनट सूखने दें।
  3. मुख्य रंग संयोजन: अंदरूनी भाग में गहरा लाल या रानी गुलाबी रंग और बाहरी किनारों पर चटक हरा या मोरपंखी नीला रंग भरें।
  4. अलंकरण एवं कुंदन कार्य: दीये के मुहाने पर सुनहरे रंग की बारीक रेखाएं खींचें और फेविकोल की सहायता से छोटे कुंदन या सितारे सजाएं।
  5. सुरक्षा एवं सुखाने का नियम: दीयों को रातभर हवादार स्थान पर सूखने दें। प्रोजेक्ट फाइल में प्रस्तुत करते समय इन्हें एक छोटे पारदर्शी डिब्बे या कार्डबोर्ड ट्रे पर सजाएं।
  • अभिभावक-शिक्षक टिप: इस प्रोजेक्ट के माध्यम से छात्र को समझाएं कि कैसे स्थानीय मिट्टी के दीये पर्यावरण और ग्रामीण कुम्हारों के जीवन को संबल प्रदान करते हैं।

💌 2. प्रोजेक्ट 2: हस्तनिर्मित 3D पॉप-अप दिवाली ग्रीटिंग कार्ड (Handmade Pop-Up Greeting Card)

कक्षा 3 से 5वीं के विद्यार्थियों हेतु यह प्रोजेक्ट रचनात्मकता, मापन (Measurement) और हिंदी लेखन का सुंदर समन्वय है।

(A) आवश्यक सामग्री:

  • A4 साइज की रंगीन पेस्टल शीट्स (पीली, नारंगी या शाही नीली)।
  • ग्लिटर शीट (गोल्डन व रेड), पेंसिल, स्केल, बाल-सुलभ कैंची और गोंद।
  • स्केच पेन व ग्लिटर पेन।

(B) चरणबद्ध निर्माण विधि:

  1. कार्ड का आधार: एक पीले रंग की A4 पेस्टल शीट को बीच से मोड़कर (Fold) 2-फोल्डर कार्ड बनाएं।
  2. 3D पॉप-अप दीया बनाना: एक लाल रंग के कागज को आधा मोड़कर बीच में 2 सेमी के दो समानांतर कट लगाएं। कार्ड को अंदर की ओर खोलने पर यह हिस्सा एक 3D स्टैंड की तरह बाहर उभरेगा।
  3. दीये का विग्रह: Golden ग्लिटर शीट से एक सुंदर दीये और उसकी सुनहरी लौ (Flame) का कटआउट बनाकर उस उभरे हुए स्टैंड पर चिपका दें। जैसे ही कार्ड खुलेगा, दीया 3D रूप में खिल उठेगा!
  4. कवर पेज सज्जा: कार्ड के फ्रंट पेज पर रंगीन स्केच पेन से “शुभ दीपावली 2026” लिखें और चारों किनारों पर रंगोली के छोटे बॉर्डर बनाएं।
  5. हिंदी शुभकामना संदेश: कार्ड के अंदर विद्यार्थी अपनी हस्तलिपि में एक सुंदर स्लोगन या कविता की 4 पंक्तियां लिखें:
    “दीपों का यह पावन पर्व, आपके जीवन में खुशहाली लाए।
    ज्ञान का फैले हर ओर उजाला, अज्ञान का हर अंधियारा मिट जाए॥”

🌾 3. प्रोजेक्ट 3: प्राकृतिक दालों व बीजों से इको-फ्रेंडली रंगोली चार्ट (Seed & Pulse Rangoli on A3 Paper)

फर्श पर बनाई गई रंगोली कुछ ही घंटों में मिट जाती है, लेकिन चार्ट पेपर पर दालों और बीजों से तैयार रंगोली प्रोजेक्ट फाइल में वर्षों तक सुरक्षित रहती है और शिक्षकों द्वारा सर्वोच्च अंक दिलाती है।

(A) आवश्यक सामग्री:

  • सफेद या काले रंग की मोटी A3 साइज ड्राइंग शीट / माउंट बोर्ड।
  • विभिन्न प्रकार की साबुत दालें व बीज:
    • पीला रंग: अरहर (तुअर) दाल / मक्के के दाने
    • लाल-नारंगी रंग: धुली मसूर दाल
    • हरा रंग: साबुत मूंग / हरी मटर
    • सफेद रंग: सफेद चावल / साबूदाना
    • काला/भूरा रंग: काली उड़द / राजमा
  • पेंसिल, परकार (Compass), स्केल और फेविकोल क्राफ्ट ग्लू।

(B) चरणबद्ध निर्माण विधि:

  1. ज्यामितीय आलेखन: A3 शीट के केंद्र में परकार की सहायता से 15 सेमी व्यास का एक मुख्य वृत्त बनाएं। इसके चारों ओर 8 पंखुड़ियों वाला कमल या दीये का ज्यामितीय लेआउट तैयार करें।
  2. गोंद का अनुप्रयोग: एक-एक खंड (Section) में फेविकोल की पतली परत लगाएं (एक साथ पूरे चार्ट पर गोंद न लगाएं ताकि वह सूखे नहीं)।
  3. दालों का विन्यास: केंद्र में सफेद चावल, पंखुड़ियों में मसूर दाल, और बॉर्डर पर साबुत मूंग को करीने से चिपकाएं।
  4. सुरक्षा वार्निश: सूखने के बाद ऊपर से फेविकोल और पानी का हल्का पारदर्शी मिश्रण (Mod Podge) ब्रश से लगा दें ताकि दालें गिरे नहीं और चमक बनी रहे।

🏡 4. प्रोजेक्ट 4: कार्डबोर्ड व वेस्ट मटेरियल से ‘इको-फ्रेंडली विलेज’ मॉडल (Green Diwali Village Model)

कक्षा 4 और 5 के विज्ञान (EVS) प्रोजेक्ट के अंतर्गत पर्यावरण-संरक्षण और प्रदूषण-मुक्त गांव का 3D स्थिर मॉडल (Static Model)।

(A) आवश्यक सामग्री:

  • जूतों का खाली डिब्बा या मध्यम आकार का कार्डबोर्ड बेस (12×12 इंच)।
  • मिट्टी, सूखे पत्ते, आइसक्रीम स्टिक्स, जूट की रस्सी और छोटे मिट्टी के दीये।
  • फैब्रिक कलर्स और फेविकोल।

(B) मॉडल की संरचना:

  1. आधार तैयार करना: कार्डबोर्ड पर भूरे और हरे रंग का चार्ट पेपर चिपकाकर जमीन और खेत का दृश्य बनाएं।
  2. मिट्टी का घर व झोपड़ी: आइसक्रीम स्टिक्स को जोड़कर एक छोटी झोपड़ी बनाएं और छत पर सूखे तिनके या जूट चिपकाएं।
  3. आंगन में रंगोली व दीया: झोपड़ी के सामने सफेद रंग से छोटी रंगोली बनाएं और एक छोटा मिट्टी का दीया स्थापित करें।
  4. पर्यावरण संदेश फ्लैग: मॉडल के एक कोने पर टूथपिक पर छोटा सा तिरंगा और बोर्ड लगाएं:
    “हमारा गांव — स्वच्छ दिवाली, प्रदूषण मुक्त दिवाली (No Crackers, Only Diyas)”।

📝 5. प्राथमिक छात्रों हेतु प्रोजेक्ट फाइल प्रस्तुति के 5 स्वर्णिम सूत्र (Full Marks Tips)

  1. आकर्षक मुख्य पृष्ठ (Cover Page): प्रोजेक्ट फाइल के पहले पन्ने पर विद्यालय का नाम, छात्र का नाम, कक्षा, अनुक्रमांक (Roll Number), विषय और सत्र (2026-27) स्पष्ट अक्षरों में दर्ज होना चाहिए।
  2. उद्देश्य एवं आभार ज्ञापन (Objective & Acknowledgement): दूसरे पृष्ठ पर 2 लाइनों में प्रोजेक्ट का उद्देश्य तथा कक्षा अध्यापिका व माता-पिता के प्रति आभार अवश्य लिखें।
  3. प्रामाणिक हस्तलेखन (Handwriting): कार्ड या डायरी प्रोजेक्ट में अभिभावक केवल मार्गदर्शन करें, लेकिन लिखावट अनिवार्य रूप से विद्यार्थी की अपनी होनी चाहिए।
  4. सामग्री सूची (Materials Table): प्रोजेक्ट में उपयोग की गई सामग्री की 3-कॉलम सूची फाइल में संलग्न करें।
  5. सुरक्षित डिस्प्ले फाइल: चार्ट पेपर और शीट को पारदर्शी डिस्प्ले फोल्डर में रखें ताकि धूल और नमी से प्रोजेक्ट खराब न हो।

🧠 परीक्षा उपयोगी बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी (High-Yield Practice MCQs)

प्रश्न 1: भारतीय लोक-कला में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की किस पारंपरिक मृदा-शिल्प (Terracotta Art) को प्रतिष्ठित जीआई टैग (GI Tag) प्राप्त है?
(A) खुर्जा पॉटरी
(B) गोरखपुर टेराकोटा
(C) निजामाबाद ब्लैक पॉटरी
(D) चुनार बलुआ शिल्प
उत्तर: (B) गोरखपुर टेराकोटा
विस्तृत व्याख्या: गोरखपुर के भटहट और औरंगाबाद क्षेत्र के शिल्पकारों द्वारा निर्मित मिट्टी के दीये, हाथी और पारंपरिक खिलौने विश्व विख्यात हैं, जिन्हें भारत सरकार द्वारा भौगोलिक संकेतक (GI Tag) प्रदान किया गया है।

प्रश्न 2: प्राथमिक विद्यालयों में उपयोग किए जाने वाले ‘इको-फ्रेंडली’ रंगों में प्राकृतिक पीला रंग मुख्यतः किस वनस्पति स्रोत से तैयार किया जाता है?
(A) नील के पौधे से
(B) हल्दी एवं गेंदे के फूलों से
(C) चुकंदर के रस से
(D) पलाश के पत्तों से
उत्तर: (B) हल्दी एवं गेंदे के फूलों से
विस्तृत व्याख्या: हल्दी (Curcuma longa) और गेंदे (Marigold) की सूखी पंखुड़ियों का चूर्ण पर्यावरण-सम्मत, त्वचा हेतु सुरक्षित और शत-प्रतिशत जैविक पीला रंग प्रदान करता है।

प्रश्न 3: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अंतर्गत प्राथमिक स्तर (Foundational Stage) पर ‘हस्तशिल्प और कला’ को किस सिद्धांत के तहत अनिवार्य माना गया है?
(A) रटंत अधिगम (Rote Memorisation)
(B) कला-समेकित अधिगम (Art-Integrated Experiential Learning)
(C) केवल सैद्धांतिक मूल्यांकन
(D) बाह्य ट्यूशन आधारित शिक्षा
उत्तर: (B) कला-समेकित अधिगम (Art-Integrated Experiential Learning)
विस्तृत व्याख्या: NEP 2020 प्राथमिक कक्षाओं में कला, हस्तशिल्प और खेल-आधारित गतिविधियों को पाठ्यचर्या का अभिन्न अंग मानती है, जिससे छात्रों का सर्वांगीण और संज्ञानात्मक विकास होता है।

प्रश्न 4: स्कूली प्रोजेक्ट्स में प्रयुक्त होने वाली ‘टेराकोटा’ (Terracotta) शब्द का शाब्दिक और पुरातात्विक अर्थ क्या है?
(A) कच्ची गीली मिट्टी
(B) पकाई गई मिट्टी (Baked Earth/Clay)
(C) रंगीन प्लास्टर
(D) सफेद संगमरमर
उत्तर: (B) पकाई गई मिट्टी (Baked Earth/Clay)
विस्तृत व्याख्या: टेराकोटा इतालवी भाषा से लिया गया शब्द है जिसका अर्थ ‘पकी हुई मिट्टी’ होता है। सिंधु घाटी सभ्यता (हड़प्पा) के मातृदेवी की मूर्तियां और मिट्टी के खिलौने टेराकोटा के प्राचीनतम साक्ष्य हैं।

प्रश्न 5: पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत पारंपरिक मिट्टी के दीयों के उपयोग से किस वैश्विक पर्यावरणीय संकट को कम करने में सहायता मिलती है?
(A) ओजोन क्षरण
(B) प्लास्टिक एवं इलेक्ट्रॉनिक ई-कचरा (E-Waste & Plastic Pollution)
(C) अम्लीय वर्षा
(D) मृदा अपरदन
उत्तर: (B) प्लास्टिक एवं इलेक्ट्रॉनिक ई-कचरा (E-Waste & Plastic Pollution)
विस्तृत व्याख्या: प्लास्टिक की लड़ियों और बैटरी से चलने वाले सस्ते इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के स्थान पर प्राकृतिक मिट्टी के दीये बायोडिग्रेडेबल (जैव-अपघटनीय) होते हैं और प्लास्टिक कचरे को समाप्त करते हैं।

📚 प्रोजेक्ट हेतु आवश्यक सामग्री एवं स्टेशनरी किट (Recommended Study Guides)

सामग्री / टूलअनुशंसित प्रामाणिक ब्रांड व विवरणप्रोजेक्ट में उपयोगिताआधिकारिक सर्च लिंक
एक्रेलिक व पोस्टर कलर किटFaber-Castell / Camlin Acrylic Colors (12 शेड्स)दीया पेंटिंग, ग्रीटिंग कार्ड व बोर्ड प्रोजेक्ट्स हेतुअमेज़न पर देखें
फेविक्रिल मोल्डिट क्ले (Clay Kit)Fevicryl Mouldit Clay (एयर-ड्राई क्ले)3D दीये, मूर्तियां व स्कूल क्राफ्ट मॉडल बनाने हेतुअमेज़न पर देखें
A3/A4 कलर चार्ट व फोल्डर किटमल्टीकलर पेस्टल शीट व डिस्प्ले फाइल पैकप्रोजेक्ट असाइनमेंट, दाल रंगोली व सुरक्षित प्रस्तुतिअमेज़न पर देखें
सुरक्षित बाल-सुलभ क्राफ्ट टूल किटBlunt Craft Scissor & Glue Setछोटे बच्चों के सुरक्षित पेपर कटिंग व क्राफ्ट हेतुअमेज़न पर देखें

📖 इन्हें भी अवश्य पढ़ें (Live Topic Cluster)

📌 संपादकीय परामर्श एवं प्रामाणिक संदर्भ (Editorial Disclaimer):
शिक्षातक (sikshatak.com) की संपादकीय टीम द्वारा इस आलेख को तैयार करते समय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020), एनसीईआरटी कला-समेकित अधिगम रूपरेखा एवं प्राथमिक विद्यालयी पाठ्यचर्या के आधार पर पूर्णतः सटीक एवं बाल-सुलभ रखने की पूरी सावधानी बरती गई है। तथापि, किसी भी विद्यालय विशेष के आंतरिक मूल्यांकन नियमों में भिन्नता की स्थिति में विद्यार्थियों व अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने संबंधित विद्यालय के विषय अध्यापक के विशिष्ट निर्देशों का मिलान अवश्य कर लें। किसी भी संशय या प्रश्न के समाधान हेतु पाठक नीचे टिप्पणी (कमेंट) बॉक्स में अपना प्रश्न पूछ सकते हैं। शिक्षातक सदैव आपकी उज्ज्वल शैक्षणिक सफलता की कामना करता है।

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