Chemistry Class 12 Viva Questions in Hindi: कक्षा 12 रसायन विज्ञान वायवा के 50+ महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

Chemistry Class 12 Viva Questions in Hindi: कक्षा 12 रसायन विज्ञान वायवा के 50+ महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

कक्षा 12 रसायन विज्ञान (Chemistry) की बोर्ड परीक्षा में 30 अंक का प्रयोगात्मक परीक्षण (Practical Exam) अत्यंत निर्णायक भूमिका निभाता है। कई छात्र मुख्य लिखित परीक्षा की तैयारी में रात-दिन एक कर देते हैं, परंतु प्रयोगात्मक परीक्षा और मौखिक परीक्षा (Viva-Voce) को हल्के में लेने के कारण उनके पूरे अंक पाने का सपना अधूरा रह जाता है।

केमिस्ट्री प्रैक्टिकल के 30 अंकों का विभाजन वैज्ञानिक तरीके से निम्नलिखित रूप में किया जाता है:

  • आयतनमितीय विश्लेषण / अनुमापन (Volumetric Titration): 08 अंक
  • गुणात्मक लवण विश्लेषण (Qualitative Salt Analysis): 08 अंक
  • विषय-आधारित प्रयोग / क्रियात्मक समूह की पहचान (Functional Group Analysis): 06 अंक
  • प्रोजेक्ट कार्य एवं रिकॉर्ड (Project Work & Practical Record): 04 अंक
  • मौखिक परीक्षा (Viva-Voce): 04 अंक

यद्यपि वायवा सीधे तौर पर 4 अंकों का दिखता है, परंतु बाह्य परीक्षक (External Examiner) आपके इस 3 से 5 मिनट के साक्षात्कार के आधार पर ही आपकी पूरी प्रैक्टिकल फाइल और किए गए तीनों प्रयोगों के वास्तविक अंकों का निर्धारण करता है। यदि आपका वायवा उत्कृष्ट रहता है, तो परीक्षक आपको 30 में से 30 अंक प्रदान करने में तनिक भी संकोच नहीं करते।

नीचे कक्षा 12 रसायन विज्ञान वायवा के सभी अध्यायों से चुने गए 50+ सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके सटीक उत्तर दिए जा रहे हैं।


1. आयतनमितीय विश्लेषण एवं अनुमापन (Volumetric Titration)

प्रश्न 1: अनुमापन (Titration) किसे कहते हैं?
उत्तर: वह आयतनमितीय प्रक्रिया जिसमें किसी अज्ञात सांद्रता वाले विलयन की सांद्रता को किसी ज्ञात सांद्रता वाले मानक विलयन (Standard Solution) की सहायता से ज्ञात किया जाता है, अनुमापन कहलाती है।

प्रश्न 2: मानक विलयन (Standard Solution) तथा प्राथमिक मानक पदार्थ (Primary Standard) क्या है?
उत्तर: जिस विलयन की सांद्रता निश्चित एवं ज्ञात होती है, उसे मानक विलयन कहते हैं। वह पदार्थ जो वायुमंडल में नमी या गैसों से प्रभावित नहीं होता, जिसका शुद्ध रूप में सही भार तोला जा सके और जिसका समय के साथ सांद्रण नहीं बदलता, उसे प्राथमिक मानक पदार्थ (जैसे- मोहर लवण, ऑक्सैलिक अम्ल) कहते हैं।

प्रश्न 3: मोहर लवण (Mohr’s Salt) का रासायनिक नाम और सूत्र क्या है?
उत्तर: मोहर लवण का रासायनिक नाम फेरस अमोनियम सल्फेट है। इसका अनुसूत्र FeSO4·(NH4)2SO4·6H2O होता है।

प्रश्न 4: द्विक लवण (Double Salt) और संकुल लवण (Complex Salt) में क्या अंतर है? मोहर लवण क्या है?
उत्तर: द्विक लवण जलीय विलयन में अपने सभी अवयवी आयनों में पूर्णतः वियोजित हो जाते हैं और अपने मूल आयनों का परीक्षण देते हैं (उदा. मोहर लवण)। जबकि संकुल लवण (जैसे Potassium Ferrocyanide) जलीय विलयन में पूर्णतः वियोजित नहीं होते और अपने मूल आयनों का परीक्षण नहीं देते। मोहर लवण एक द्विक लवण है।

प्रश्न 5: ऑक्सैलिक अम्ल (Oxalic Acid) के अनुमापन में विलयन को गर्म क्यों किया जाता है?
उत्तर: ऑक्सैलिक अम्ल और पोटेशियम परमैंगनेट (KMnO4) के बीच अभिक्रिया साधारण ताप पर बहुत धीमी होती है। अभिक्रिया की दर को बढ़ाने तथा ऑक्सैलिक अम्ल को सक्रिय करने के लिए विलयन को 60°C से 70°C तक गर्म किया जाता है।

प्रश्न 6: KMnO4 को स्व-सूचक (Self-Indicator) क्यों कहा जाता है?
उत्तर: KMnO4 अभिक्रिया में स्वयं सूचक का कार्य करता है। अंतिम बिंदु (End Point) पर KMnO4 का एक अतिरिक्त बूंद डालते ही पूरे विलयन का रंग स्थायी हल्का गुलाबी (Permanent Light Pink) हो जाता है। अतः इसमें किसी बाह्य सूचक की आवश्यकता नहीं होती।

प्रश्न 7: KMnO4 अनुमापन में तनु H2SO4 ही क्यों मिलाया जाता है? HCl या HNO3 क्यों नहीं?
उत्तर: तनु H2SO4 अम्लीय माध्यम प्रदान करता है और स्वयं ऑक्सीकृत या अपचयित नहीं होता। यदि HCl का उपयोग किया जाए, तो KMnO4 उसे Cl2 गैस में ऑक्सीकृत कर देता है। यदि HNO3 का उपयोग किया जाए, तो वह स्वयं एक तीव्र ऑक्सीकारक होने के कारण गणना में बाधा उत्पन्न करता है।

प्रश्न 8: ब्यूरेट में KMnO4 का पाठ्यांक (Reading) लेते समय ऊपरी मेनिस्कस (Upper Meniscus) क्यों पढ़ा जाता है?
उत्तर: KMnO4 का विलयन अत्यंत गहरा एवं रंगीन होता है, जिससे द्रव की निचली सतह (Lower Meniscus) स्पष्ट दिखाई नहीं देती। इसलिए रंगीन विलयनों के लिए हमेशा ऊपरी मेनिस्कस पढ़ा जाता है।

प्रश्न 9: अंतिम बिंदु (End Point) किसे कहते हैं?
उत्तर: अनुमापन की वह अवस्था जहाँ रासायनिक अभिक्रिया पूर्ण हो जाती है और सूचक के रंग में परिवर्तन द्वारा इसका स्पष्ट संकेत मिलता है, उसे अंतिम बिंदु कहते हैं।

प्रश्न 10: समतुल्यता बिंदु (Equivalence Point) और अंतिम बिंदु में क्या अंतर है?
उत्तर: समतुल्यता बिंदु वह सैद्धांतिक बिंदु है जहाँ मिलाए गए अनुमापक के तुल्यांक, अज्ञात विलयन के तुल्यांक के पूर्णतः बराबर हो जाते हैं। अंतिम बिंदु वह व्यावहारिक बिंदु है जहाँ सूचक रंग परिवर्तन दर्शाता है।


2. गुणात्मक लवण विश्लेषण (Salt Analysis – धनायन व ऋणायन परीक्षण)

गुणात्मक विश्लेषण में दिए गए अकार्बनिक लवण में उपस्थित एक अम्लीय मूलक (Anion) और एक क्षारीय मूलक (Cation) की पहचान की जाती है।

प्रश्न 11: अम्लीय मूलक (Anions) और क्षारीय मूलक (Cations) क्या हैं?
उत्तर: लवण का वह भाग जो अम्ल से प्राप्त होता है और जिस पर ऋणावेश होता है, उसे अम्लीय मूलक (उदा. Cl-, NO3-, SO4 2-) कहते हैं। लवण का वह भाग जो क्षार से प्राप्त होता है और जिस पर धनावेश होता है, उसे क्षारीय मूलक (उदा. Na+, NH4+, Pb2+) कहते हैं।

प्रश्न 12: क्षारीय मूलकों के वर्गीकरण की सारणी (Group Reagents Table) क्या है?

क्षारीय मूलक समूह वर्गीकरण तालिका

समूह (Group)मुख्य धनायन (Cations)समूह अभिकर्मक (Group Reagents)अवक्षेप का स्वरूप/रंग
शून्य समूह (Group 0)NH4+ (अमोनियम)NaOH (गर्म करने पर)तीक्ष्ण गंधयुक्त अमोनिया गैस
प्रथम समूह (Group 1)Pb2+ (लेड)तनु HClसफेद अवक्षेप (PbCl2)
द्वितीय समूह (Group 2)Cu2+, Pb2+, Bi3+, As3+तनु HCl + H2S गैसकाला या पीला सल्फाइड अवक्षेप
तृतीय समूह (Group 3)Fe3+, Al3+NH4Cl + NH4OH (आधिक्य में)भूरा Fe(OH)3 या सफेद Al(OH)3
चतुर्थ समूह (Group 4)Zn2+, Mn2+, Co2+, Ni2+NH4Cl + NH4OH + H2S गैससल्फाइड का विशिष्ट अवक्षेप
पंचम समूह (Group 5)Ba2+, Sr2+, Ca2+NH4Cl + NH4OH + (NH4)2CO3सफेद कार्बोनेट अवक्षेप
षष्ठम समूह (Group 6)Mg2+NH4Cl + NH4OH + Na2HPO4सफेद क्रिस्टलीय अवक्षेप

प्रश्न 13: नेसलर अभिकर्मक (Nessler’s Reagent) क्या है और इसका सूत्र क्या है?
उत्तर: पोटेशियम टेट्राआयोडोमर्क्यूरेट(II) के क्षारीय विलयन को नेसलर अभिकर्मक कहते हैं। इसका रासायनिक सूत्र K2[HgI4] है। यह अमोनियम आयन (NH4+) के साथ भूरा अवक्षेप देता है।

प्रश्न 14: तृतीय समूह में NH4OH मिलाने से पहले NH4Cl क्यों मिलाया जाता है?
उत्तर: यह सम-आयन प्रभाव (Common Ion Effect) पर आधारित है। NH4Cl मिलाने से NH4+ आयनों की सांद्रता बढ़ जाती है, जिससे NH4OH का वियोजन दब जाता है और OH- आयनों की सांद्रता केवल तृतीय समूह के हाइड्रॉक्साइडों को अवक्षेपित करने के लिए ही पर्याप्त रहती है।

प्रश्न 15: ज्वाला परीक्षण (Flame Test) में विभिन्न धातु आयन कौन सा रंग प्रदान करते हैं?
उत्तर:

  • कॉपर (Cu2+): नीला-हरा (Bluish-Green)
  • बेरियम (Ba2+): सेब जैसा हरा (Apple Green)
  • स्ट्रॉन्शियम (Sr2+): गहरा लाल / क्रिमसन रेड (Crimson Red)
  • कैल्शियम (Ca2+): ईंट जैसा लाल (Brick Red)

प्रश्न 16: वलय परीक्षण (Ring Test) किस आयन की पहचान के लिए किया जाता है?
उत्तर: नाइट्रेट आयन (NO3-) की पहचान के लिए। इसमें सांद्र H2SO4 और ताजा बना FeSO4 विलयन मिलाने पर संधि पर भूरे रंग की वलय [Fe(H2O)5(NO)]SO4 बनती है।


3. कार्बनिक यौगिकों में क्रियात्मक समूहों की पहचान (Functional Groups)

प्रश्न 17: अल्कोहल (-OH) समूह का परीक्षण कैसे किया जाता है?
उत्तर:

  1. सोडियम धातु परीक्षण: शुष्क अल्कोहल में सोडियम का टुकड़ा डालने पर सनसनाहट के साथ H2 गैस निकलती है।
  2. एस्टर परीक्षण: अल्कोहल में एसिटिक अम्ल और सांद्र H2SO4 मिलाकर गर्म करने पर फलों जैसी मीठी गंध (Fruity Smell) आती है।

प्रश्न 18: फिनोल (Phenol) और अल्कोहल (-OH) में मुख्य अंतर का परीक्षण क्या है?
उत्तर: फिनोल उदासीन FeCl3 विलयन के साथ बैंगनी (Violet) रंग देता है, जबकि एलिफैटिक अल्कोहल यह परीक्षण नहीं देते। फिनोल लिबरमैन नाइट्रोसो परीक्षण भी देता है।

प्रश्न 19: एल्डिहाइड (-CHO) समूह की पहचान के लिए टॉलेन अभिकर्मक (Tollen’s Reagents) परीक्षण क्या है?
उत्तर: टॉलेन अभिकर्मक (अमोनियामय सिल्वर नाइट्रेट) को एल्डिहाइड के साथ गर्म करने पर टेस्ट ट्यूब की दीवार पर चाँदी की चमकती हुई परत जम जाती है, जिसे रजत दर्पण (Silver Mirror) कहते हैं।

प्रश्न 20: फेलिंग विलयन (Fehling’s Solution) परीक्षण क्या है?
उत्तर: फेलिंग विलयन A (CuSO4) और फेलिंग विलयन B (Rochelle Salt + NaOH) के मिश्रण को एल्डिहाइड के साथ गर्म करने पर क्युप्रस ऑक्साइड (Cu2O) का लाल-भूरा अवक्षेप प्राप्त होता है। (नोट: एरोमैटिक एल्डिहाइड यह परीक्षण नहीं देते)।

प्रश्न 21: कीटोन (>C=O) समूह का सोडियम नाइट्रोप्रुसाइड परीक्षण क्या है?
उत्तर: कीटोनिक यौगिक में सोडियम नाइट्रोप्रुसाइड और NaOH विलयन मिलाने पर गहरा लाल या बैंगनी रंग प्राप्त होता है।

प्रश्न 22: कार्बोक्सिलिक अम्ल (-COOH) के लिए सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO3) परीक्षण क्या है?
उत्तर: कार्बोक्सिलिक अम्ल में NaHCO3 विलयन मिलाने पर तेजी से बुदबुदाहट के साथ कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) गैस निकलती है।

प्रश्न 23: प्राथमिक एमीन (-NH2) के लिए कार्बिल एमीन अभिक्रिया (Carbylamine Test) क्या है?
उत्तर: प्राथमिक एमीन को क्लोरोफॉर्म (CHCl3) और एथनॉलिक KOH के साथ गर्म करने पर अत्यधिक दुर्गंधयुक्त आइसोसाइनाइड (Isocyanide) बनता है।


4. सतही रसायन एवं कोलाइडल विलयन (Surface Chemistry)

प्रश्न 24: द्रव-स्नेही (Lyophilic) और द्रव-विरोधी (Lyophobic) कोलाइड में क्या अंतर है?
उत्तर:

  • द्रव-स्नेही कोलाइड: परिपरिक्षेपण माध्यम के प्रति तीव्र आकर्षण रखते हैं, स्थायी होते हैं और उत्क्रमणीय (Reversible) होते हैं (उदा. स्टार्च, गोंद)।
  • द्रव-विरोधी कोलाइड: माध्यम के प्रति आकर्षण नहीं रखते, कम स्थायी होते हैं और अनुत्क्रमणीय (Irreversible) होते हैं (उदा. फेरिक हाइड्रॉक्साइड सॉल, आर्सेनियस सल्फाइड सॉल)।

प्रश्न 25: स्टार्च सॉल (Starch Sol) किस प्रकार बनाया जाता है?
उत्तर: यह एक द्रव-स्नेही सॉल है। 1 ग्राम स्टार्च का पेस्ट बनाकर इसे उबलते हुए 100 ml आसुत जल (Distilled Water) में धीरे-धीरे मिलाते हुए हिलाया जाता है।

प्रश्न 26: फेरिक हाइड्रॉक्साइड [Fe(OH)3] सॉल बनाने की विधि क्या है?
उत्तर: यह जल-अपघटन (Hydrolysis) विधि द्वारा बनाया जाता है। उबलते जल में 2% FeCl3 विलयन बूंद-बूंद करके मिलाने पर गहरे लाल-भूरे रंग का Fe(OH)3 सॉल प्राप्त होता है।

प्रश्न 27: टिंडल प्रभाव (Tyndall Effect) क्या है?
उत्तर: जब कोलाइडल विलयन में से प्रकाश किरण पुंज गुजरता है, तो कोलाइडल कण प्रकाश का प्रकीर्णन कर देते हैं, जिससे प्रकाश का मार्ग दीप्तमान हो जाता है। इस घटना को टिंडल प्रभाव कहते हैं।

प्रश्न 28: ब्राउनी गति (Brownian Motion) किसे कहते हैं?
उत्तर: कोलाइडल कणों का परिक्षेपण माध्यम में टेढ़े-मेढ़े (Zig-Zag) तरीकों से निरंतर गति करना ब्राउनी गति कहलाता है। यह कोलाइड को स्थायित्व प्रदान करती है।


5. 25 सबसे महत्वपूर्ण रासायनिक सूत्र और उनके व्यावहारिक नाम

प्रैक्टिकल वायवा में बाह्य परीक्षक अक्सर सीधे रासायनिक सूत्र और उनके व्यावहारिक नाम पूछते हैं।

महत्वपूर्ण रासायनिक सूत्रों की त्वरित संदर्भ तालिका

क्र.सं.व्यापारिक / सामान्य नामरासायनिक नामरासायनिक सूत्र
1मोहर लवण (Mohr’s Salt)फेरस अमोनियम सल्फेटFeSO4·(NH4)2SO4·6H2O
2पोटाश फिटकरी (Potash Alum)पोटेशियम एल्युमिनियम सल्फेटK2SO4·Al2(SO4)3·24H2O
3कास्टिक सोडा (Caustic Soda)सोडियम हाइड्रॉक्साइडNaOH
4बेकिंग सोडा (Baking Soda)सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेटNaHCO3
5धावन सोडा (Washing Soda)सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेटNa2CO3·10H2O
6विरंजक चूर्ण (Bleaching Powder)कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइडCaOCl2
7नौसादर (Sal Ammoniac)अमोनियम क्लोराइडNH4Cl
8नीला थोथा (Blue Vitriol)कॉपर सल्फेट पेंटाहाइड्रेटCuSO4·5H2O
9हरा कसीस (Green Vitriol)फेरस सल्फेट हेप्टाहाइड्रेटFeSO4·7H2O
10प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP)कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेटCaSO4·½H2O
11जिप्सम (Gypsum)कैल्शियम सल्फेट डिहाइड्रेटCaSO4·2H2O
12बुझा चूना (Slaked Lime)कैल्शियम हाइड्रॉक्साइडCa(OH)2
13बिना बुझा चूना (Quick Lime)कैल्शियम ऑक्साइडCaO
14लाफिंग गैस (Laughing Gas)नाइट्रस ऑक्साइडN2O
15अश्रु गैस (Tear Gas)क्लोरोपिक्रिनCCl3NO2
16क्लोरोफॉर्म (Chloroform)ट्राइक्लोरोमीथेनCHCl3
17फॉर्मेलिन (Formalin)फॉर्मेल्डिहाइड का 40% जलीय विलयनHCHO (aq)
18सिरका (Vinegar)एसिटिक अम्ल का तनु विलयनCH3COOH
19मार्स गैस (Marsh Gas)मीथेनCH4
20भारी जल (Heavy Water)ड्यूटरियम ऑक्साइडD2O
21सुहागा (Borax)सोडियम टेट्राबोरेट डेकाहाइड्रेटNa2B4O7·10H2O
22सिंदूर (Vermillion)मर्क्यूरिक सल्फाइडHgS
23शोरा (Nitre)पोटेशियम नाइट्रेटKNO3
24नेसलर अभिकर्मक (Nessler’s Reagent)पोटेशियम टेट्राआयोडोमर्क्यूरेट(II)K2[HgI4]
25टीएनटी (TNT)ट्राइनाइट्रोटोल्यूनिC6H2(NO2)3CH3

6. परीक्षक के सामने केमिस्ट्री वायवा में 30 में से 30 अंक लाने की 5 गुप्त रणनीतियां

  1. लैब कोट और वेशभूषा (Proper Dress Code & Lab Coat): वायवा के दिन हमेशा साफ-सुथरा सफेद एप्रन/लैब कोट पहनकर जाएं। आपकी व्यावहारिक उपस्थिति (Professional Look) का परीक्षक पर पहला प्रभाव बहुत सकारात्मक पड़ता है।
  2. परखनलियों की सफाई और गंध लेने का सही तरीका (Wafting Technique): रसायन विज्ञान प्रयोगशाला में कभी भी किसी रसायन को सीधे नाक के पास लाकर न सूंघें। गंध जांचने के लिए हाथ से वाष्प को अपनी ओर मोड़ें (Wafting Method)। परीक्षक यह छोटी-छोटी आदतें देखते हैं।
  3. चार्ट पेपर मॉडल की तैयारी (Chart Paper Topic Mastery): यदि आपने कोई चार्ट पेपर या वर्किंग मॉडल बनाया है (जैसे- संपर्क विधि द्वारा H2SO4 का निर्माण, हैबर विधि द्वारा अमोनिया), तो उस टॉपिक के सिद्धांत, रासायनिक समीकरण और चित्र को रट लें। 80% संभावना है कि एक्सटर्नल परीक्षक आपके चार्ट से ही प्रश्न पूछेंगे।
  4. ईमानदारी और विनम्रता (Honesty & Politeness): यदि आपको किसी प्रश्न का उत्तर नहीं आता, तो गलत उत्तर देकर परीक्षक को गुमराह करने का प्रयास न करें। विनम्रतापूर्वक कहें, “क्षमा करें सर/मैम, मुझे इस प्रश्न का उत्तर अभी याद नहीं आ रहा है।”
  5. प्रैक्टिकल फाइल की शुद्धता (Clean & Complete Practical File): आपकी फाइल पूर्ण रूप से चेक की हुई, हस्ताक्षरित (Signed) और इंडेक्स अपडेटेड होनी चाहिए। फाइल में कोई कटिंग या गंदे दाग नहीं होने चाहिए।

अन्य महत्वपूर्ण बोर्ड एवं प्रतियोगी परीक्षा गाइड्स

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अस्वीकरण (Disclaimer): यद्यपि इस अध्ययन सामग्री, रासायनिक सूत्रों और प्रयोगात्मक प्रश्नोत्तरों को तैयार करने में विषय विशेषज्ञों द्वारा पूर्ण सावधानी बरती गई है और इसे नवीनतम आधिकारिक बोर्ड पाठ्यक्रम के आधार पर संकलित किया गया है, फिर भी किसी भी अनजाने टंकण (Typo), मुद्रण त्रुटि या तथ्यात्मक विसंगति के निवारण हेतु छात्र अपने संबंधित शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित अधिकृत पाठ्यपुस्तकों (NCERT / राज्य बोर्ड पुस्तकें) तथा अपने विद्यालय के विषय अध्यापक के मार्गदर्शन से मिलान अवश्य करें। किसी भी प्रायोगिक रसायन के उपयोग से पहले प्रयोगशाला अनुदेशक (Lab Instructor) के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।


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