6 November History in Hindi: 6 नवंबर का ऐतिहासिक घटनाक्रम, गांधी जी का दक्षिण अफ्रीका ग्रेट मार्च व प्रमुख घटनाएं

6 November History in Hindi: 6 नवंबर का ऐतिहासिक घटनाक्रम, गांधी जी का दक्षिण अफ्रीका ग्रेट मार्च व प्रमुख घटनाएं

इतिहास केवल अतीत की घटनाओं का संकलन नहीं, बल्कि मानव समाज, सभ्यता और संवैधानिक संस्थाओं के विकास की एक सतत प्रक्रिया है। 6 नवंबर की तिथि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, औपनिवेशिक विस्तार, अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति तथा पर्यावरण विधि के संदर्भ में अत्यधिक प्रासंगिक है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC CSE), राज्य लोक सेवा आयोगों (UPPSC, BPSC, MPPSC, RPSC) तथा एसएससी व रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से दैनिक इतिहास का कालानुक्रमिक अध्ययन विश्लेषणात्मक समझ विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। ऐतिहासिक विकासक्रम की गहरी समझ न केवल सामान्य अध्ययन के मुख्य व प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्नों को हल करने में सहायक होती है, बल्कि नीतिगत निर्णयों के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य को समझने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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6 नवंबर का दिन कई युगांतरकारी वैश्विक और राष्ट्रीय घटनाओं का गवाह रहा है। वर्ष 1913 में आज ही के दिन महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका में भारतीय गिरमिटिया श्रमिकों के अधिकारों के लिए ऐतिहासिक ‘ग्रेट मार्च’ का नेतृत्व किया, जिसने सत्याग्रह को एक वैश्विक आंदोलन के रूप में स्थापित किया। वर्ष 1860 में अब्राहम लिंकन संयुक्त राज्य अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति चुने गए, जिसने आगे चलकर दास प्रथा के उन्मूलन और अमेरिकी गृहयुद्ध की नींव रखी। 1763 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा पटना पर नियंत्रण स्थापित किया गया, जो 1764 के ऐतिहासिक बक्सर के युद्ध की प्रत्यक्ष पृष्ठभूमि बना। इसके अतिरिक्त, संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिवर्ष 6 नवंबर को ‘युद्ध और सशस्त्र संघर्ष में पर्यावरण के शोषण की रोकथाम के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस’ मनाया जाता है, जो युद्धकालीन पारिस्थितिकी संरक्षण के महत्व को रेखांकित करता है।

Table of Contents

6 नवंबर का इतिहास: एक नज़र में

वर्षऐतिहासिक घटनाक्रमपरीक्षा संदर्भ व नीतिगत महत्व
1763मेजर थॉमस एडम्स के नेतृत्व में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना ने मीर कासिम को पराजित कर पटना पर अधिकार स्थापित किया।आधुनिक भारतीय इतिहास: औपनिवेशिक विस्तारवाद, बंगाल में द्वैध शासन की पृष्ठभूमि तथा 1764 के बक्सर युद्ध का प्रारंभिक बिंदु।
1860अब्राहम लिंकन रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी के रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति निर्वाचित हुए।विश्व इतिहास: अमेरिकी गृहयुद्ध (1861-1865), 13वां संवैधानिक संशोधन, और दास प्रथा के वैधानिक उन्मूलन की प्रक्रिया।
1913महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका के न्यूकैसल से 2,000 से अधिक कोयला खनिकों के साथ ट्रांसवाल की ओर ‘ग्रेट मार्च’ निकाला।आधुनिक भारत: गांधीवादी सत्याग्रह का प्रारंभिक चरण, दक्षिण अफ्रीकी रंगभेद विरोध और भारतीय उत्प्रवासी अधिकार आंदोलन।
1949भारतीय संविधान सभा में डॉ. बी.आर. आंबेडकर की अध्यक्षता वाली प्रारूप समिति द्वारा तैयार मसौदे की अंतिम समीक्षा का महत्वपूर्ण चरण प्रारंभ हुआ।भारतीय राज्यव्यवस्था एवं संविधान: संविधान सभा की कार्यप्रणाली, 26 नवंबर 1949 को अंगीकरण की पूर्व-समीक्षा।
1962भारत-चीन सीमा युद्ध के दौरान प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में राष्ट्रीय रक्षा परिषद (National Defence Council) की स्थापना की गई।आंतरिक सुरक्षा एवं रक्षा सुधार: युद्धकालीन रणनीतिक समन्वय तंत्र, नागरिक-सैन्य संबंध और आपातकालीन योजना निर्माण।
2001संयुक्त राष्ट्र महासभा ने संकल्प 56/4 के माध्यम से 6 नवंबर को युद्ध और सशस्त्र संघर्ष में पर्यावरण शोषण रोकथाम दिवस घोषित किया।अंतरराष्ट्रीय संबंध व पर्यावरण नीति: अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून, जिनेवा कन्वेंशन और सतत विकास लक्ष्य (SDG 15 व 16)।
2014भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर की बहुचर्चित आत्मकथा ‘Playing It My Way’ का आधिकारिक रूप से विमोचन हुआ।समसामयिक ज्ञान व खेल परिदृश्य: खेल संस्कृति, समकालीन आत्मकथाएं और भारत रत्न पुरस्कार विजेता से जुड़े तथ्य।

प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं का गहन बहु-आयामी विश्लेषण

1. महात्मा गांधी और 1913 का ऐतिहासिक ‘द ग्रेट मार्च’ (सत्याग्रह का दक्षिण अफ्रीकी उद्भव)

6 नवंबर 1913 को महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका में रंगभेदी औपनिवेशिक नीतियों के विरुद्ध अपने सबसे बड़े सत्याग्रह आंदोलन ‘द ग्रेट मार्च’ का शंखनाद किया।

  • आंदोलन की पृष्ठभूमि: दक्षिण अफ्रीकी औपनिवेशिक सरकार ने एशियाई विधि संशोधन अधिनियम (Asiatic Law Amendment Ordinance) और भारतीय आप्रवासन पर कड़े प्रतिबंध लागू किए थे। इसके साथ ही, अनुबंध समाप्त कर चुके गिरमिटिया भारतीय मजदूरों पर प्रति व्यक्ति 3 पाउंड का अत्यधिक दमनकारी वार्षिक कर (Poll Tax) लगाया गया था, जो एक सामान्य मजदूर की छह महीने की आय के बराबर था। इसके अतिरिक्त, गैर-ईसाई परंपराओं (हिंदू, मुस्लिम व पारसी) के अंतर्गत हुए सभी भारतीय विवाहों की कानूनी मान्यता समाप्त कर दी गई थी।
  • सत्याग्रह का प्रस्थान: गांधी जी ने न्यूकैसल (Newcastle) से 2,037 पुरुषों, 127 महिलाओं और 57 बच्चों के साथ चार्ल्सटाउन होते हुए ट्रांसवाल सीमा की ओर शांतिपूर्ण पैदल मार्च शुरू किया। इसका उद्देश्य बिना वैध परमिट के सीमा पार कर अपनी सामूहिक गिरफ्तारी देना था।
  • गांधी जी की गिरफ्तारी और प्रभाव: 6 नवंबर को ही गांधी जी को पामफोर्ड रेलवे स्टेशन के पास गिरफ्तार किया गया। यद्यपि उन्हें जमानत मिल गई, लेकिन उन्होंने मार्च जारी रखा और अंततः उन्हें पुनः हिरासत में लेकर डंडी जेल भेजा गया।
  • नीतिगत परिणाम: इस शांतिपूर्ण प्रतिरोध ने ब्रिटिश साम्राज्य और अंतरराष्ट्रीय जनमत को झकझोर दिया। भारत के तत्कालीन वायसराय लॉर्ड हार्डिंग ने भी औपनिवेशिक सरकार की दमनकारी नीतियों की आलोचना की। परिणामस्वरूप, 1914 में जनरल स्मट्स (General Smuts) और गांधी जी के बीच ऐतिहासिक ‘इंडियन रिलीफ एक्ट’ (Indian Relief Act) पर सहमति बनी, जिसके तहत 3 पाउंड का कर समाप्त किया गया और भारतीय विवाहों को पुनः वैधानिक मान्यता दी गई।

2. 1763: ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा पटना पर अधिकार (बक्सर 1764 की पूर्वपीठिका)

6 नवंबर 1763 को मेजर थॉमस एडम्स के नेतृत्व में कंपनी की सेना ने नवाब मीर कासिम की संयुक्त सेना को पीछे धकेलते हुए रणनीतिक नगर पटना पर पुनः आधिपत्य स्थापित किया।

  • टकराव के कारण: 1757 में प्लासी के युद्ध के बाद अंग्रेजों ने मीर जाफर को नवाब बनाया, किंतु वित्तीय विवादों के चलते 1760 में मीर कासिम को गद्दी पर बैठाया गया। मीर कासिम ने मुंगेर को राजधानी बनाकर प्रशासनिक सुधार किए और सेना का आधुनिकीकरण प्रारंभ किया।
  • दस्तक और आंतरिक व्यापार शुल्क का विवाद: कंपनी के कर्मचारियों द्वारा निजी व्यापार में ‘दस्तक’ (मुक्त व्यापार पास) का घोर दुरुपयोग किया जा रहा था, जिससे स्थानीय व्यापारियों को नुकसान हो रहा था और नवाब का राजस्व घट रहा था। मीर कासिम ने भारतीय व्यापारियों पर से भी सभी आंतरिक व्यापार कर हटा दिए, जिससे अंग्रेजों का विशेषाधिकार समाप्त हो गया।
  • सैनिक अभियान: अंग्रेजों ने इसे अपने व्यावसायिक हितों पर हमला माना। कटवा, गिरिया और उदयनाला के युद्धों में पराजय के बाद मीर कासिम पटना पहुंचा। पटना में ब्रिटिश एजेंट एलिस द्वारा किए गए हमले के जवाब में तनाव बढ़ा। 6 नवंबर 1763 को पटना पर कंपनी के आधिपत्य ने मीर कासिम को अवध के नवाब शुजाउद्दौला और मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय के साथ त्रिपक्षीय गठबंधन बनाने पर विवश किया, जिसका अंतिम परिणाम 22 अक्टूबर 1764 का बक्सर का निर्णायक युद्ध बना।

3. 1860: अब्राहम लिंकन का राष्ट्रपति निर्वाचन (दास प्रथा मुक्ति का नया अध्याय)

6 नवंबर 1860 को अब्राहम लिंकन संयुक्त राज्य अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति चुने गए। यह घटना विश्व इतिहास में आधुनिक लोकतंत्र और मानवाधिकारों के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है।

  • राजनीतिक संदर्भ: नवगठित रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी लिंकन ने अमेरिकी पश्चिमी क्षेत्रों में दास प्रथा के विस्तार का कड़ा विरोध किया था। उनके चुनाव जीतने से दक्षिणी राज्यों (जो कृषि प्रधान थे और दास श्रम पर निर्भर थे) में भारी असंतोष फैल गया।
  • गृहयुद्ध की शुरुआत: लिंकन के निर्वाचन के कुछ ही हफ्तों के भीतर साउथ कैरोलिना ने अमेरिकी संघ (Union) से अलग होने की घोषणा कर दी, जिसके बाद 11 दक्षिणी राज्यों ने मिलकर ‘कॉनफेडरेट स्टेट्स ऑफ अमेरिका’ का गठन किया। इसके परिणामस्वरूप 1861 से 1865 तक रक्तरंजित अमेरिकी गृहयुद्ध चला।
  • संवैधानिक व सामाजिक प्रभाव: लिंकन ने 1 जनवरी 1863 को ऐतिहासिक ‘मुक्ति उद्घोषणा’ (Emancipation Proclamation) जारी की। 1865 में अमेरिकी संविधान के 13वें संशोधन के माध्यम से संयुक्त राज्य अमेरिका में दास प्रथा को स्थायी रूप से असंवैधानिक घोषित कर दिया गया।

4. 1962: राष्ट्रीय रक्षा परिषद (National Defence Council) की स्थापना

अक्टूबर-नवंबर 1962 में भारत-चीन सीमा युद्ध के दौरान देश की राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना में गंभीर कमियां उजागर हुईं। आपातकालीन सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए 6 नवंबर 1962 को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में राष्ट्रीय रक्षा परिषद की स्थापना की गई।

  • संरचना एवं उद्देश्य: इस परिषद में केंद्रीय मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री, तीनों सेनाओं के प्रमुख और प्रमुख नागरिक विशेषज्ञ शामिल थे। इसका प्राथमिक कार्य युद्धकालीन रणनीतियों की समीक्षा करना, राष्ट्रीय संसाधनों का रक्षा उत्पादन में समन्वय स्थापित करना और जनसमर्थन जुटाना था।
  • दीर्घकालिक प्रभाव: यद्यपि यह निकाय परामर्शदात्री था, किंतु इसने भारत में एकीकृत सुरक्षा योजना (Integrated Defence Planning) और भविष्य में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) जैसी उच्चस्तरीय संस्थाओं के गठन का वैचारिक मार्ग प्रशस्त किया। इसने भारतीय रक्षा बजट और सेना के आधुनिकीकरण की आवश्यकता को नीतिगत प्राथमिकताओं में शीर्ष पर ला खड़ा किया।

5. युद्ध और सशस्त्र संघर्ष में पर्यावरण के शोषण की रोकथाम के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 5 नवंबर 2001 को एक प्रस्ताव (A/RES/56/4) पारित कर प्रतिवर्ष 6 नवंबर को इस अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया।

  • पर्यावरणीय क्षति का यथार्थ: आधुनिक युद्धों में केवल मानव जीवन और बुनियादी ढांचे का विनाश नहीं होता, बल्कि जल स्रोत प्रदूषित होते हैं, वन जला दिए जाते हैं, कृषि योग्य भूमि बंजर हो जाती है और जैव विविधता को अपरिवर्तनीय क्षति पहुंचती है (उदाहरणार्थ वियतनाम युद्ध में एजेंट ऑरेंज का प्रयोग या 1991 के खाड़ी युद्ध में कुवैती तेल कुओं में लगाई गई आग)।
  • वैश्विक विधिक तंत्र: यह दिवस जिनेवा कन्वेंशन के अतिरिक्त प्रोटोकॉल I (1977) के अनुच्छेद 35 और 55 के क्रियान्वयन पर बल देता है, जो ऐसे युद्ध साधनों के उपयोग पर रोक लगाते हैं जो प्राकृतिक पर्यावरण को व्यापक, दीर्घकालिक और गंभीर क्षति पहुंचाते हैं। यह दिवस संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य 15 (भूमि पर जीवन) और 16 (शांति, न्याय और मजबूत संस्थाएं) की प्राप्ति के लिए अनिवार्य माना जाता है।

6 नवंबर को जन्मे प्रमुख व्यक्तित्व (Famous Birthdays)

  • 1888 — शिशिर कुमार घोष: भारत के प्रमुख राष्ट्रवादी पत्रकार, स्वतंत्रता सेनानी और ‘अमृत बाजार पत्रिका’ के संस्थापक संपादकों में से एक। उन्होंने ब्रिटिश शासन के ‘वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट’ के विरोध में समाचार पत्र को रातों-रात बंगाली से अंग्रेजी भाषा में बदलकर भारतीय पत्रकारिता में जनपक्षधरता की नई मिसाल पेश की थी।
  • 1937 — यशवंतराव चव्हाण: आधुनिक महाराष्ट्र के प्रमुख शिल्पी, राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री और भारत के पूर्व उप-प्रधानमंत्री। उन्होंने 1962 के युद्ध के बाद रक्षा मंत्री का पदभार संभालकर भारतीय सेना के पुनर्गठन और मनोबल को ऊंचा उठाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। इसके अलावा उन्होंने गृह, वित्त और विदेश मंत्रालय का कुशल नेतृत्व किया।

6 नवंबर को हुए प्रमुख निधन (Famous Death Anniversaries)

  • 1985 — संजीव कुमार (हरिहर जेठालाल जरीवाला): भारतीय सिनेमा के बहुमुखी और यथार्थवादी अभिनेताओं में अग्रणी संजीव कुमार का 6 नवंबर 1985 को निधन हुआ था। उन्हें ‘दस्तक’ (1970) और ‘कोशिश’ (1972) फिल्मों में उनके अभिनय के लिए दो बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किया गया। ‘शोले’ में ठाकुर बलदेव सिंह और ‘आंधी’ में जे.के. का उनका चरित्र भारतीय सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर माना जाता है।

📚 महत्वपूर्ण पुस्तकें एवं संदर्भ सामग्री

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📌 संबंधित महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री

6 नवंबर के इतिहास पर आधारित महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (Practice MCQs)

प्रश्न 1: महात्मा गांधी द्वारा 6 नवंबर 1913 को दक्षिण अफ्रीका में निकाले गए ‘ग्रेट मार्च’ का मुख्य तात्कालिक कारण निम्नलिखित में से कौन-सा था?

(A) एशियाटिक रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत अंगुलियों के निशान अनिवार्य करना
(B) गिरमिटिया मजदूरों पर लगाया गया 3 पाउंड का वार्षिक कर तथा गैर-ईसाई विवाहों की अमान्यता
(C) भारतीयों के रेलगाड़ी के प्रथम श्रेणी के डिब्बों में यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध
(D) भारतीय व्यापारियों के व्यापारिक लाइसेंसों का सामूहिक निरस्तीकरण

उत्तर एवं व्याख्या देखें

उत्तर: (B)
व्याख्या: 1913 में दक्षिण अफ्रीका की सर्वोच्च अदालत ने एक फैसले में गैर-ईसाई रीति-रिवाजों से संपन्न भारतीय विवाहों को अमान्य घोषित कर दिया था। इसके साथ ही अनुबंध पूरा कर चुके मजदूरों पर दमनकारी 3 पाउंड का पोल टैक्स लागू था। इसके विरोध में गांधी जी ने न्यूकैसल से ट्रांसवाल तक खनिकों के साथ ‘ग्रेट मार्च’ का नेतृत्व किया था।

प्रश्न 2: 6 नवंबर 1763 को ब्रिटिश सेना द्वारा पटना पर अधिकार स्थापित करने के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस समय बंगाल का नवाब मीर कासिम था, जिसने मुंगेर में तोपों का कारखाना स्थापित किया था।
2. इस घटना के परिणामस्वरूप अवध के नवाब, मुगल बादशाह और मीर कासिम के बीच 1764 के बक्सर युद्ध का गठबंधन बना।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(A) केवल 1    (B) केवल 2    (C) 1 और 2 दोनों    (D) न तो 1, न ही 2

उत्तर एवं व्याख्या देखें

उत्तर: (C)
व्याख्या: दोनों कथन सही हैं। मीर कासिम ने कंपनी के हस्तक्षेप से बचने के लिए राजधानी मुर्शिदाबाद से मुंगेर स्थानांतरित की थी और आंतरिक कर हटाकर सभी व्यापारियों को समान अवसर दिए थे। पटना पर अंग्रेजों का नियंत्रण होने के बाद मीर कासिम अवध गया, जहां बक्सर के युद्ध की पृष्ठभूमि तैयार हुई।

प्रश्न 3: संयुक्त राज्य अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति के रूप में अब्राहम लिंकन के 1860 के निर्वाचन के संबंध में कौन-सा कथन सत्य है?

(A) वे डेमोक्रेटिक पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार थे।
(B) उनके निर्वाचन के तुरंत बाद कैलिफोर्निया संघ से अलग होने वाला पहला राज्य बना।
(C) उनका चुनाव अमेरिकी गृहयुद्ध (Civil War) और 13वें संविधान संशोधन की प्रत्यक्ष पृष्ठभूमि बना।
(D) उन्होंने पदभार ग्रहण करते ही दास प्रथा को तत्काल प्रभाव से पूरे विश्व में समाप्त घोषित किया।

उत्तर एवं व्याख्या देखें

उत्तर: (C)
व्याख्या: अब्राहम लिंकन रिपब्लिकन पार्टी से चुने गए थे। उनके चुनाव के बाद साउथ कैरोलिना सबसे पहले संघ से अलग हुआ और गृहयुद्ध छिड़ा। युद्ध के अंत में 1865 में 13वें संवैधानिक संशोधन द्वारा अमेरिका में दासता को वैधानिक रूप से समाप्त कर दिया गया।

प्रश्न 4: ‘युद्ध और सशस्त्र संघर्ष में पर्यावरण के शोषण की रोकथाम के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस’ प्रतिवर्ष 6 नवंबर को मनाया जाता है। इस दिवस को किस वैश्विक संस्था द्वारा आधिकारिक रूप से घोषित किया गया था?

(A) संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP)
(B) संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA)
(C) अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN)
(D) विश्व वन्यजीव कोष (WWF)

उत्तर एवं व्याख्या देखें

उत्तर: (B)
व्याख्या: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN General Assembly) ने 5 नवंबर 2001 को अपने संकल्प 56/4 के माध्यम से प्रतिवर्ष 6 नवंबर को इस अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी, ताकि युद्ध के दौरान प्राकृतिक पारिस्थितिकी को होने वाले नुकसान के प्रति वैश्विक चेतना जागृत की जा सके।

प्रश्न 5: वर्ष 1962 में भारत-चीन सीमा संघर्ष के दौरान 6 नवंबर को गठित ‘राष्ट्रीय रक्षा परिषद’ (National Defence Council) की अध्यक्षता किसके द्वारा की गई थी?

(A) राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन
(B) तत्कालीन रक्षा मंत्री वी.के. कृष्ण मेनन
(C) प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू
(D) गृह मंत्री लाल बहादुर शास्त्री

उत्तर एवं व्याख्या देखें

उत्तर: (C)
व्याख्या: 1962 के युद्ध के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा और आपातकालीन रणनीतियों के समन्वय के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में 31 सदस्यीय राष्ट्रीय रक्षा परिषद का गठन 6 नवंबर 1962 को किया गया था।

📌 संपादकीय परामर्श एवं प्रामाणिक संदर्भ (Editorial Disclaimer): शिक्षातक (sikshatak.com) की संपादकीय टीम द्वारा इस आलेख को तैयार करते समय आधिकारिक स्रोतों, सरकारी गजट, ऐतिहासिक अभिलेखों एवं मानक संदर्भ ग्रंथों के आधार पर पूर्णतः सटीक एवं त्रुटिरहित रखने की पूरी सावधानी बरती गई है। तथापि, किसी भी मानवीय भूल, तकनीकी विसंगति अथवा ऐतिहासिक व्याख्या के संशय की स्थिति में विद्यार्थियों व अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे मानक संदर्भ पुस्तकों से विवरण का मिलान अवश्य कर लें। किसी भी प्रश्न के समाधान हेतु पाठक नीचे टिप्पणी बॉक्स में अपना प्रश्न पूछ सकते हैं। शिक्षातक सदैव आपकी उज्ज्वल सफलता की कामना करता है।

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