International Women’s Day dr Naman

International Women’s Day: घर की सबसे मजबूत महिला की हड्डियाँ सबसे कमज़ोर क्यों?

— डॉ. नमन वहल, Senior Consultant Orthopaedics, Fortis Escorts Hospital, New Delhi | Director, StepUp Joints | MS (Orthopaedics), AIIMS Delhi

भारतीय परिवारों में अक्सर सबसे मजबूत व्यक्ति वह महिला होती है जो सुबह से रात तक पूरे घर की जिम्मेदारी निभाती है। वह सभी का ख्याल रखती है, लेकिन कई बार अपनी सेहत को सबसे आखिर में रख देती है।

इसी कारण भारत में बड़ी संख्या में महिलाएँ कैल्शियम और विटामिन D की कमी, ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डियों की कमजोरी जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं — और अक्सर उन्हें इसका पता तब चलता है जब दर्द बढ़ जाता है या कोई फ्रैक्चर हो जाता है।

घर की सबसे मज़बूत महिला की हड्डियाँ सबसे कमज़ोर क्यों होती हैं?

हमारे अधिकांश भारतीय घरों में अगर सबसे मज़बूत व्यक्ति की बात की जाए, तो जवाब अक्सर एक ही होता है — घर की महिला।

वह सुबह सबसे पहले उठती है, घर संभालती है, परिवार के हर सदस्य का ध्यान रखती है और अक्सर अपनी ज़रूरतों को सबसे अंत में रखती है।

लेकिन एक Orthopaedic Surgeon के रूप में अपनी clinic में मैं बार-बार एक अजीब सच्चाई देखता हूँ — घर की सबसे मज़बूत महिला की हड्डियाँ अक्सर सबसे कमज़ोर होती हैं।

यह बात सुनने में थोड़ी आश्चर्यजनक लग सकती है, लेकिन हकीकत यही है कि भारत में बड़ी संख्या में महिलाएँ Osteoporosis, कैल्शियम की कमी और Vitamin D की कमी से जूझ रही हैं।

महिलाएँ अपनी सेहत को क्यों नजरअंदाज़ कर देती हैं?

हमारे समाज में महिलाओं को बचपन से यह सिखाया जाता है कि परिवार सबसे पहले आता है। वह सबको खिलाती हैं, सबका ध्यान रखती हैं — लेकिन अक्सर खुद की सेहत पीछे रह जाती है।

कई घरों में आज भी यह आम दृश्य है कि महिला सबको खाना परोसने के बाद खुद खाती है। कभी-कभी पोषण की कमी यहीं से शुरू हो जाती है।

हड्डियों की सेहत प्रभावित होने के मुख्य कारण:

  • कैल्शियम और प्रोटीन का पर्याप्त सेवन न होना
  • Vitamin D की कमी (धूप कम मिलना)
  • नियमित व्यायाम का अभाव
  • गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान शरीर पर अतिरिक्त दबाव
  • Menopause के बाद हड्डियों का तेजी से कमजोर होना

ऑस्टियोपोरोसिस — महिलाओं में एक “Silent Disease”

Osteoporosis को अक्सर “silent disease” कहा जाता है, क्योंकि यह धीरे-धीरे हड्डियों को कमजोर करता है और शुरुआत में कोई खास लक्षण नहीं दिखते। समय के साथ ये समस्याएं सामने आती हैं — घुटनों और कमर में दर्द, पीठ में झुकाव, बार-बार fracture का खतरा।

Menopause के बाद हार्मोनल बदलाव के कारण हड्डियों की density तेजी से कम होने लगती है। इसीलिए 40-45 वर्ष की उम्र के बाद हर महिला के लिए Bone Density Test और नियमित स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी है।

महिलाओं को हड्डियों की सेहत के लिए क्या करना चाहिए?

अच्छी बात यह है कि सही जीवनशैली अपनाकर हड्डियों को लंबे समय तक मजबूत रखा जा सकता है:

1. पर्याप्त कैल्शियम लें — दूध, दही, पनीर, हरी सब्जियाँ रोज खाएं।

2. Vitamin D का ध्यान रखें — सुबह की धूप में समय बिताना शरीर में Vitamin D बनाने में मदद करता है।

3. नियमित व्यायाम करें — चलना, योग और हल्की strength training हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाती है।

4. पर्याप्त प्रोटीन लें — मांसपेशियों की मजबूती गिरने से बचाती है और हड्डियों की सुरक्षा करती है।

5. दर्द को नजरअंदाज़ न करें — घुटने, कमर या कंधे का लगातार दर्द होने पर Orthopaedic Doctor से सलाह जरूर लें।

मजबूत महिलाएँ ही मजबूत परिवार और मजबूत समाज की नींव होती हैं और मजबूत रहने के लिए मजबूत हड्डियाँ बेहद जरूरी हैं।

इस Women’s Day पर विश्वभर की महिलाओं से यही कहना है — सबसे पहले खुद का ध्यान रखें।


📝 Exam Corner: Women’s Day से जुड़े जरूरी GK प्रश्न

Q. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कब मनाया जाता है? ✅ 8 मार्च को

Q. International Women’s Day की शुरुआत कब और किसने की? ✅ 1910 में क्लारा जेटकिन (Clara Zetkin) ने | UN ने 1975 में मान्यता दी

Q. “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते…” श्लोक का अर्थ क्या है? ✅ जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहाँ देवताओं का वास होता है

Q. वैदिक काल की किन दो विदुषियों का नाम UPSC में अक्सर आता है?गार्गी और मैत्रेयी

Q. ऑपरेशन सिंदूर की मीडिया ब्रीफिंग किसने की?कर्नल सोफिया कुरैशी (Indian Army) और Wing Commander व्योमिका सिंह (Indian Air Force) — 7 मई 2025

Q. ऑस्टियोपोरोसिस को ‘Silent Disease’ क्यों कहते हैं? ✅ क्योंकि शुरुआत में कोई लक्षण नहीं होते — fracture होने पर ही पता चलता है

Q. ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की शुरुआत कब और कहाँ हुई? ✅ 22 जनवरी 2015, पानीपत, हरियाणा

Q. IWD 2026 की UN Official थीम क्या है? ✅ “Rights. Justice. Action. For ALL Women and Girls”

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