भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का वह मूल मंत्र, जिसने लाखों क्रांतिकारियों को हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमने की शक्ति दी, वह है— ‘वंदे मातरम्’। यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि हर भारतीय का गर्व और अस्मिता है।
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित और उनके प्रसिद्ध उपन्यास ‘आनंदमठ’ (1882) से लिया गया यह गीत भारत का ‘राष्ट्रीय गीत’ (National Song) है।
इस लेख में हम आपको ‘वंदे मातरम्’ के शुद्ध संस्कृत लिरिक्स, उसका हिंदी अर्थ और इससे जुड़े ऐसे ऐतिहासिक तथ्य बताएंगे जो 2026 में हर छात्र और नागरिक को पता होने चाहिए।
Vande Mataram Lyrics in Hindi (Original Text)
(नोट: भारत सरकार द्वारा राष्ट्रगीत के रूप में केवल पहले दो अंतरों को ही अपनाया गया है। यहाँ शुद्ध वर्तनी दी गई है।)
वन्दे मातरम्!
सुजलाम् सुफलाम्, मलयजशीतलाम्,
शस्यश्यामलाम्, मातरम्!
वन्दे मातरम्!
शुभ्रज्योत्स्ना-पुलकितयामिनीम्,
फुल्लकुसुमित-द्रुमदलशोभिनीम्,
सुहासिनीम् सुमधुरभाषिणीम्,
सुखदाम् वरदाम्, मातरम्!
वन्दे मातरम्!
Vande Mataram Meaning in Hindi (शब्दार्थ और भावार्थ)
अक्सर हम गीत तो गाते हैं, लेकिन इसके संस्कृत शब्दों का गहरा अर्थ नहीं समझ पाते। यहाँ एक-एक शब्द का अर्थ और पूरे गीत का भावार्थ दिया गया है:
कठिन शब्दों के अर्थ:
- वन्दे: मैं वंदना (प्रार्थना/नमन) करता हूँ।
- मातरम्: माँ (भारत माता) की।
- सुजलाम्: अच्छे/मीठे जल वाली (नदियों से परिपूर्ण)।
- सुफलाम्: अच्छे फलों वाली (उपजाऊ)।
- मलयजशीतलाम्: मलय पर्वत से आने वाली चंदन की शीतल हवाओं वाली।
- शस्यश्यामलाम्: हरे-भरे खेतों (फसलों) से सांवली (हरी) दिखने वाली।
- शुभ्रज्योत्स्ना: उज्जवल चांदनी।
- पुलकितयामिनीम्: आनंदित रातों वाली।
- द्रुमदल: वृक्षों के समूह।
भावार्थ (Hindi Translation):
“हे माँ! मैं आपकी वंदना करता हूँ।
आप मीठे जल से परिपूर्ण हैं, फलों से लदी हुई हैं, और मलय पर्वत (चंदन) की शीतल हवाएं आपको ठंडक पहुंचाती हैं।
हरे-भरे खेतों और फसलों से आपकी छटा सांवली और सुंदर है। हे माँ! मैं आपको नमन करता हूँ।
आपकी रातें उज्जवल चांदनी से खिली हुई और आनंदित हैं।
खिले हुए फूलों और घने वृक्षों से आप सुशोभित हैं।
आपकी हंसी सुंदर है, आपकी वाणी (भाषा) मधुर है।
आप ही सुख देने वाली और वरदान देने वाली माता हैं।
मैं आपकी वंदना करता हूँ, वन्दे मातरम्!”
पूरा वंदे मातरम् गीत
बहुत कम लोग जानते हैं कि मूल ‘वंदे मातरम्’ गीत काफी लंबा है। इसमें दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती देवी का भी वर्णन है। हालांकि, राष्ट्रगीत के तौर पर ऊपर दिए गए पहले दो पद ही मान्य हैं, लेकिन जानकारी के लिए मूल गीत के शेष पद यहाँ दिए जा रहे हैं:
सप्तकोटिकण्ठ-कलकल-निनाद-कराले,
द्विसप्तकोटि-भुजैधृत-खरकरवाले,
अबला केन मा एत बले।
बहुबलधारिणीम् नमामि तारिणीम्,
रिपुदलवारिणीम् मातरम् ॥
तुमि विद्या, तुमि धर्म,
तुमि हृदि, तुमि मर्म,
त्वम् हि प्राणा: शरीरे,
बाहुते तुमि मा शक्ति,
हृदये तुमि मा भक्ति,
तोमारई प्रतिमा गड़ि मन्दिरे-मन्दिरे ॥
त्वम् हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी,
कमला कमलदलविहारिणी,
वाणी विद्यादायिनी, नमामि त्वाम्,
नमामि कमलाम् अमलाम् अतुलाम्,
सुजलाम् सुफलाम् मातरम् ॥
वन्दे मातरम्,
श्यामलाम् सरलाम् सुस्मिताम् भूषिताम्,
धरणीम् भरणीम् मातरम् ॥
National Anthem vs National Song
अक्सर छात्र ‘राष्ट्रगान’ (National Anthem) और ‘राष्ट्रगीत’ (National Song) में कन्फ्यूज हो जाते हैं। 2026 की परीक्षाओं के लिए यह टेबल बहुत महत्वपूर्ण है:
| विशेषता (Feature) | राष्ट्रगान (National Anthem) | राष्ट्रगीत (National Song) |
| गीत का नाम | जन गण मन (Jana Gana Mana) | वंदे मातरम् (Vande Mataram) |
| रचयिता | रवींद्रनाथ टैगोर | बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय |
| मूल भाषा | बांग्ला (साधु भाषा) | संस्कृत और बांग्ला मिश्रित |
| गायन समय | 52 सेकंड (अनिवार्य) | कोई निश्चित समय सीमा नहीं (आमतौर पर 65 सेकंड) |
| पहली बार गाया गया | 1911 (कलकत्ता अधिवेशन) | 1896 (कलकत्ता अधिवेशन) |
| दर्जा (Status) | सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान | राष्ट्रगान के ‘समकक्ष’ सम्मान |
वंदे मातरम् से जुड़े ऐतिहासिक तथ्य (Historical Facts)
ये फैक्ट्स आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ाएंगे और स्कूल प्रोजेक्ट्स में काम आएंगे:
- रचना काल: बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने इसे 1870 के दशक (संभवतः 1875) में लिखा था। बाद में 1882 में इसे उनके उपन्यास ‘आनंदमठ’ में शामिल किया गया।
- पहली प्रस्तुति: इस गीत को पहली बार 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में स्वयं रवींद्रनाथ टैगोर ने गाया था। उन्होंने ही इसकी धुन (Tune) भी तैयार की थी।
- आज़ादी का नारा: 1905 में जब अंग्रेजों ने बंगाल का विभाजन किया, तो ‘वंदे मातरम्’ आज़ादी का मुख्य नारा बन गया। अंग्रेजों ने इस गाने पर प्रतिबंध (Ban) भी लगा दिया था।
- संवैधानिक दर्जा: 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा की अंतिम बैठक में डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने घोषणा की कि ‘वंदे मातरम्’ को ‘जन गण मन’ के बराबर ही राष्ट्रगीत का दर्जा और सम्मान मिलेगा।
- BBC सर्वे: 2003 में BBC वर्ल्ड सर्विस के एक अंतर्राष्ट्रीय सर्वेक्षण में ‘वंदे मातरम्’ को दुनिया के Top 10 गीतों में दूसरा स्थान मिला था।
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Frequently Asked Questions (FAQ)
Ans: इस गीत की रचना प्रसिद्ध बंगाली साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय (चटर्जी) ने की थी। यह उनके उपन्यास ‘आनंदमठ’ का हिस्सा है।
Ans: राष्ट्रगान (52 सेकंड) की तरह राष्ट्रगीत के लिए कोई संवैधानिक समय सीमा तय नहीं है। फिर भी, इसे लयबद्ध तरीके से गाने में लगभग 65 सेकंड (1 मिनट 5 सेकंड) का समय लगता है।
Ans: संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 को इसे आधिकारिक रूप से भारत का राष्ट्रगीत (National Song) घोषित किया था।
Ans: इसका शाब्दिक अर्थ है— “माँ, मैं आपकी वंदना करता हूँ” या “मैं भारत माता को नमन करता हूँ।”
‘वंदे मातरम्’ केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम की धड़कन है। एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते, हमें अपने राष्ट्रगीत का पूर्ण सम्मान करना चाहिए।
उम्मीद है कि Vande Mataram Lyrics in Hindi और इसके इतिहास से जुड़ी यह जानकारी आपके लिए ज्ञानवर्धक रही होगी।

