Swami Vivekananda Jayanti Essay

Swami Vivekananda Jayanti Essay in Hindi 2026: राष्ट्रीय युवा दिवस पर निबंध

Swami Vivekananda Jayanti Essay: भारत की धरती ने कई महापुरुषों को जन्म दिया है, लेकिन युवाओं के दिलों में जो जगह स्वामी विवेकानंद जी ने बनाई है, वह अद्वितीय है। उनके विचार आज भी करोड़ों युवाओं को प्रेरणा देते हैं।

उनके जन्मदिन यानी 12 जनवरी को पूरा भारतवर्ष ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ (National Youth Day) के रूप में मनाता है। आज हम इस महान संत के जीवन और उनके विचारों पर निबंध प्रस्तुत कर रहे हैं।

स्वामी विवेकानंद पर विस्तृत निबंध (Long Essay – 500 शब्द)

परिचय (Introduction)

स्वामी विवेकानंद केवल एक संत नहीं, बल्कि एक महान विचारक, देशभक्त और युवाओं के प्रेरणास्रोत थे। उन्होंने भारतीय संस्कृति और वेदांत के ज्ञान को पूरी दुनिया में फैलाया। उनका व्यक्तित्व इतना प्रभावशाली था कि जो भी उनसे एक बार मिलता, वह उनका भक्त हो जाता था। उनका जन्मदिन ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में मनाना हम सभी के लिए गर्व की बात है।

जन्म और प्रारंभिक जीवन

स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता (तब कलकत्ता) में हुआ था। उनके बचपन का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था। वे बचपन से ही बहुत कुशाग्र बुद्धि के और निडर थे। उनके पिता का नाम विश्वनाथ दत्त और माता का नाम भुवनेश्वरी देवी था।

बचपन से ही उनके मन में ईश्वर को जानने की तीव्र जिज्ञासा थी। इसी खोज में उनकी मुलाकात श्री रामकृष्ण परमहंस से हुई, जिन्हें उन्होंने अपना गुरु बना लिया। गुरु से ज्ञान प्राप्त करने के बाद नरेंद्र, ‘स्वामी विवेकानंद’ बन गए।

शिकागो धर्म सम्मलेन (ऐतिहासिक भाषण)

स्वामी विवेकानंद के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पल 1893 में आया, जब वे अमेरिका के शिकागो (Chicago) शहर में आयोजित ‘विश्व धर्म सम्मलेन’ में भाग लेने गए। वहाँ जब उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत “अमेरिका के मेरे भाइयों और बहनों” (Sisters and Brothers of America) कहकर की, तो पूरा हॉल 2 मिनट तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। उन्होंने दुनिया को बताया कि हिंदू धर्म सभी धर्मों का सम्मान करना सिखाता है।

राष्ट्रीय युवा दिवस का महत्व

स्वामी जी का मानना था कि “देश का भविष्य उसके युवाओं के हाथ में है।” वे चाहते थे कि भारत का युवा लोहे की मांसपेशियों और फौलादी नसों वाला हो। उनके इसी विश्वास को सम्मान देने के लिए, भारत सरकार ने 1984 में उनके जन्मदिन (12 जनवरी) को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ घोषित किया।

निष्कर्ष (Conclusion)

स्वामी विवेकानंद ने बहुत कम उम्र (39 वर्ष) में ही अपने शरीर का त्याग कर दिया, लेकिन उनके विचार आज भी अमर हैं। आज हमें उनके दिखाए रास्ते पर चलने की जरूरत है। अगर भारत का हर युवा उनके आदर्शों को अपना ले, तो भारत को फिर से ‘विश्वगुरु’ बनने से कोई नहीं रोक सकता।

राष्ट्रीय युवा दिवस पर छोटा निबंध (Short Essay – 250 शब्द)

स्वामी विवेकानंद: युवाओं के प्रेरणास्रोत

भूमिका:

स्वामी विवेकानंद भारत के एक महान संत और समाज सुधारक थे। उनका जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था। उनके बचपन का नाम नरेन्द्रनाथ था। वे बचपन से ही बहुत होशियार और दयालु स्वभाव के थे।

गुरु और ज्ञान:

नरेन्द्रनाथ को पढ़ने-लिखने का बहुत शौक था, लेकिन उनका मन हमेशा ईश्वर को खोजने में लगा रहता था। उनकी मुलाकात रामकृष्ण परमहंस जी से हुई, जो उनके गुरु बने। गुरु ने ही उन्हें सिखाया कि “मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है” (Nar Seva Narayan Seva)। इसके बाद उन्होंने संन्यास ले लिया और पूरे भारत का भ्रमण किया।

शिकागो भाषण:

स्वामी जी ने 1893 में अमेरिका के शिकागो में जाकर पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया। उन्होंने दुनिया को भारतीय संस्कृति की महानता के बारे में बताया। उन्होंने ‘रामकृष्ण मिशन’ की स्थापना की, जो आज भी गरीबों और बीमारों की सेवा करता है।

हमारा कर्तव्य:

स्वामी विवेकानंद कहते थे कि युवाओं के पास अपार शक्ति होती है। उनके जन्मदिन को हम ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में मनाते हैं। हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

10 Lines on Swami Vivekananda in Hindi

  1. स्वामी विवेकानंद भारत के एक महान महान पुरुष और संत थे।
  2. उनका जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था।
  3. उनके बचपन का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था।
  4. उनके गुरु का नाम श्री रामकृष्ण परमहंस था।
  5. स्वामी जी के जन्मदिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
  6. उन्होंने 1893 में अमेरिका के शिकागो में ऐतिहासिक भाषण दिया था।
  7. उन्होंने ‘रामकृष्ण मिशन’ की स्थापना की थी।
  8. उनका प्रसिद्ध नारा था— “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको।”
  9. वे युवाओं को निडर और शक्तिशाली बनने की सीख देते थे।
  10. हमें स्वामी विवेकानंद जी के जीवन पर गर्व है।

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