Mahatma Gandhi Punyatithi Speech in Hindi: “दे दी हमें आज़ादी बिना खड्ग बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल।”
30 जनवरी का दिन भारतीय इतिहास का सबसे काला दिन माना जाता है। इसी दिन, 1948 में, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अपने प्राण त्यागे थे। इस दिन को हम ‘शहीद दिवस’ (Martyrs’ Day) के रूप में मनाते हैं।
अगर आप स्कूल या कॉलेज में बापू को श्रद्धांजलि देने के लिए भाषण देना चाहते हैं, तो यहाँ आपके लिए सबसे बेहतरीन और दिल को छू लेने वाले भाषण तैयार हैं।
जरूरी जानकारी (Quick Facts for Speech)
भाषण में इन तथ्यों का इस्तेमाल करें, इससे आपका भाषण प्रभावशाली बनेगा:
- पुण्यतिथि: 30 जनवरी (1948)
- समय: शाम 5:17 बजे (जब गोली मारी गई)
- स्थान: बिड़ला हाउस, नई दिल्ली (अब गांधी स्मृति)
- अंतिम शब्द: “हे राम”
- परंपरा: इस दिन सुबह 11:00 बजे पूरे देश में 2 मिनट का मौन (Silence) रखा जाता है।
1. Speech for Students & Teachers (Long Speech)
(मंच पर जाएं, माइक को adjust करें और गंभीर स्वर में शुरुआत करें)
शुरुआती पंक्तियाँ:
“अहिंसा का पुजारी, सत्य की राह दिखाने वाला,
बापू था वो हमारा, सबसे सीधा, सबसे निराला।”
संबोधन:
आदरणीय प्रधानाचार्य जी, सम्मानित शिक्षक गण और मेरे प्यारे देशवासियों। आज 30 जनवरी है, एक ऐसा दिन जब भारत की आत्मा रो पड़ी थी। आज हम सब यहाँ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 78वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्रित हुए हैं।
मुख्य भाग:
साथियों, 30 जनवरी 1948 की शाम, जब गांधी जी प्रार्थना सभा के लिए जा रहे थे, तब नथूराम गोडसे ने तीन गोलियां मारकर उनकी हत्या कर दी थी। वह अहिंसा के पुजारी थे, लेकिन उनका अंत हिंसा से हुआ।
गांधी जी सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, एक विचारधारा थे। उन्होंने दुनिया को सिखाया कि बिना हथियार उठाए भी बड़ी से बड़ी लड़ाई जीती जा सकती है। चाहे ‘चंपारण’ हो या ‘दांडी मार्च’, उन्होंने हमेशा सत्य और अहिंसा (Truth and Non-Violence) का रास्ता चुना।
आज शहीद दिवस पर हमें सिर्फ़ उनकी मूर्ति पर फूल नहीं चढ़ाने चाहिए, बल्कि उनके विचारों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। क्या हम सच बोलते हैं? क्या हम हिंसा से दूर रहते हैं? यही बापू को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
निष्कर्ष:
अंत में, मैं उन सभी ज्ञात और अज्ञात शहीदों को नमन करता हूँ जिन्होंने देश के लिए जान दी।
“रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता राम।”
जय हिन्द! जय भारत!
2. Short Speech for Kids (छोटे बच्चों के लिए)
(कक्षा 1 से 5 के लिए)
सुप्रभात टीचर्स और मेरे प्यारे दोस्तों,
मेरा नाम [अपना नाम बोलें] है।
आज 30 जनवरी है। आज हम गांधी जी की पुण्यतिथि मना रहे हैं।
हम प्यार से उन्हें ‘बापू’ कहते हैं।
उन्होंने हमें अंग्रेज़ों से आज़ादी दिलाई।
उनका हथियार ‘सत्य’ और ‘अहिंसा’ था।
आज के दिन बापू हमें छोड़कर चले गए थे।
हमें उनके बताए रास्ते पर चलना चाहिए और कभी झूठ नहीं बोलना चाहिए।
बापू अमर रहें! जय हिन्द!
3. Anchoring Script for Shaheed Diwas (मंच संचालन)
अगर आप कार्यक्रम को होस्ट कर रहे हैं, तो यह स्क्रिप्ट आपके काम आएगी:
शुरुआत (Opening):
“सत्य अहिंसा का था वो पुजारी, कभी न उसने हिम्मत हारी।
सांस दी अपनी हमें आज़ादी के लिए, जन-जन का था वो दुलारी।”
आप सभी का शहीद दिवस के इस विशेष कार्यक्रम में स्वागत है।
मौन रखना (Two Minute Silence – 11:00 AM):
(यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है)
“साथियों, घड़ी में 11 बजने वाले हैं। यह वो समय है जब पूरा देश थम जाता है। मैं आप सभी से अनुरोध करता हूँ कि अपने स्थान पर खड़े हो जाएं और देश के शहीदों के सम्मान में 2 मिनट का मौन रखें।”
(2 मिनट बाद)
“ओम शांति! आप बैठ सकते हैं।”
समापन (Closing):
“बापू के विचार हमेशा हमारे दिलों में ज़िंदा रहेंगे। इसी के साथ हम आज की सभा समाप्त करते हैं। जय हिन्द!”
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4. गांधी जी के अनमोल विचार (Quotes for Speech)
आप अपने भाषण के बीच में इन कोट्स का इस्तेमाल कर सकते हैं:
- “मेरा जीवन ही मेरा सन्देश है।” (My life is my message).
- “पाप से घृणा करो, पापी से नहीं।”
- “आंख के बदले आंख पूरी दुनिया को अंधा बना देगी।”
- “खुद वो बदलाव बनिए जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं।”
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30 जनवरी का दिन हमें याद दिलाता है कि आज़ादी की कीमत क्या है। महात्मा गांधी का शरीर चला गया, लेकिन उनके विचार आज भी पूरी दुनिया (नेल्सन मंडेला से लेकर मार्टिन लूथर किंग तक) को प्रेरित करते हैं।
FAQ: Mahatma Gandhi Punyatithi
Ans: भारत में मुख्य रूप से दो बार शहीद दिवस मनाया जाता है:
30 जनवरी: महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर।
23 मार्च: भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान दिवस पर।
Ans: सुबह 10:59 बजे चेतावनी सायरन बजता है और ठीक 11:00 बजे 2 मिनट का मौन शुरू होता है। यह परंपरा गृह मंत्रालय के आदेशानुसार शहीदों को सम्मान देने के लिए है।
Ans: गांधी जी की समाधि दिल्ली में यमुना नदी के किनारे स्थित है, जिसे ‘राजघाट’ (Rajghat) कहते हैं।
बापू को नमन करते हुए इस भाषण को पूरे आत्मविश्वास के साथ बोलें। देश और महापुरुषों से जुड़ी ऐसी ही सटीक जानकारी के लिए Siksha Tak के साथ बने रहें।

