अगर आपको स्कूल की मॉर्निंग असेंबली या किसी प्रतियोगिता में Holi Speech in Hindi for Students देनी है, तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं।
स्टेज पर जाना और सबके सामने बोलना थोड़ा डरावना लग सकता है, लेकिन एक अच्छी ‘स्क्रिप्ट’ आपका आधा डर खत्म कर देती है।
स्टेज पर जाने से पहले 3 टिप्स याद रखें:
- आई कॉन्टैक्ट (Eye Contact): सिर्फ कागज में देखकर न पढ़ें। बीच-बीच में अपने टीचर्स और दोस्तों की तरफ मुस्कुरा कर देखें।
- आवाज़ में जोश (Energy): होली खुशियों का त्योहार है, इसलिए आपकी आवाज़ में उदासी नहीं, बल्कि उत्साह होना चाहिए।
- ठहराव (Pause): जब आप कोई अच्छी लाइन या शायरी बोलें, तो 2 सेकंड के लिए रुकें, ताकि लोगों को ताली बजाने का मौका मिल सके।
नीचे हमने आपकी जरूरत के हिसाब से दो अलग-अलग भाषण तैयार किए हैं—एक छोटी असेंबली के लिए (2 मिनट) और एक विस्तृत प्रतियोगिता के लिए (5 मिनट)। आपको जो सही लगे, उसे चुनें।
Format 1: 2-Minute Holi Speech for Morning Assembly (छोटी और असरदार स्पीच)
यह 2 Minute Holi Speech in Hindi विशेष रूप से स्कूल की मॉर्निंग असेंबली के लिए तैयार की गई है। इसमें कम शब्दों में होली का महत्व, प्रह्लाद की कथा और एक मजबूत ईको-फ्रेंडली संदेश (Eco-friendly Holi Speech) शामिल है, जो छात्रों को आसानी से याद हो जाएगा।
(भाषण यहाँ से शुरू करें 👇)
“आदरणीय प्रिंसिपल सर/मैम, सभी शिक्षकगण और मेरे प्यारे साथियों, आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार!
आज मैं [आपका नाम], कक्षा [आपकी कक्षा] का छात्र/छात्रा, आप सभी के सामने होली के इस पावन पर्व पर अपने विचार रखने जा रहा हूँ।
साथियों, होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, यह दिलों को जोड़ने का दिन है। भारत में इसे फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह त्योहार हमें सिखाता है कि बुराई चाहे कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, सच्चाई के सामने उसे घुटने टेकने ही पड़ते हैं। होलिका दहन के दिन जब अहंकारी होलिका आग में जल गई और भगवान विष्णु के भक्त प्रह्लाद सुरक्षित बच गए, तो वह सत्य की ही जीत थी।
अगले दिन जब हम एक-दूसरे को रंग लगाते हैं, तो हम ऊंच-नीच, अमीर-गरीब और जाति-पाति के सारे भेद मिटा देते हैं। ‘बुरा न मानो होली है’ कहकर हम अपने दुश्मनों को भी गले लगा लेते हैं।
लेकिन दोस्तों, आज के समय में हमें एक बात का खास ध्यान रखना है। हमें अपनी होली को केमिकल वाले रंगों से नहीं, बल्कि फूलों और प्राकृतिक (Herbal) रंगों से खेलना है ताकि हमारी त्वचा और पर्यावरण दोनों सुरक्षित रहें। साथ ही, हमें पानी की बर्बादी भी रोकनी है।
आइए, इस होली पर हम सब यह प्रतिज्ञा लें कि हम अपनी बुराइयों को होलिका की आग में जलाएंगे और अपने जीवन को प्यार और सफलता के रंगों से भरेंगे।
आप सभी को होली की ढेरों शुभकामनाएं!
धन्यवाद! जय हिंद!”
Holi Essay in Hindi 10 Lines: बच्चों के लिए होली पर सबसे प्यारा निबंध
Format 2: Long Holi Speech for Competitions (प्रतियोगिता के लिए विस्तृत भाषण)
अगर आप किसी भाषण प्रतियोगिता (Speech Competition) में हिस्सा ले रहे हैं, तो आपको Best speech on Holi in Hindi की जरूरत होगी, जिसमें गहराई और साहित्य दोनों हों।
(भाषण यहाँ से शुरू करें 👇)
“रंगों का त्योहार है होली, खुशी की बौछार है होली,
लाल-गुलाबी रंग उड़े, और भाईचारे की पुकार है होली।”
परम आदरणीय मुख्य अतिथि महोदय, आदरणीय प्रधानाचार्य जी, विद्वान शिक्षकगण और मेरे युवा साथियों… आप सभी को रंगों और उमंगों के इस महापर्व ‘होली’ की हार्दिक शुभकामनाएं!
आज मैं [आपका नाम], इस शुभ अवसर पर होली के सांस्कृतिक, पौराणिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालने के लिए यहाँ उपस्थित हूँ।
साथियों, हमारा देश भारत त्योहारों का देश है, और होली यहाँ का सबसे जीवंत उत्सव है। यह पर्व जाड़े की विदाई और वसंत ऋतु के स्वागत का प्रतीक है। प्रकृति भी इस समय पुराने पत्तों को त्यागकर नए फूलों और रंगों से सज जाती है।
होली का ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व बहुत गहरा है। सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने वाले भक्त प्रह्लाद को मारने के लिए जब हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका को आग में बिठाया, तो होलिका का वरदान और अहंकार दोनों जलकर राख हो गए, लेकिन प्रह्लाद का बाल भी बांका नहीं हुआ। इसलिए होली के एक दिन पहले ‘होलिका दहन’ किया जाता है। यह आग सिर्फ लकड़ियों की नहीं होती, यह हमारे अंदर छुपे अहंकार, घृणा और ईर्ष्या को जलाने की प्रतीक होती है।
मथुरा और वृंदावन में राधा-कृष्ण की ‘फूलों वाली होली’ और ‘लठमार होली’ पूरी दुनिया में मशहूर है, जो हमें प्रेम और समानता का पाठ पढ़ाती है। होली का सबसे बड़ा सामाजिक संदेश है— ‘समरसता’। इस दिन समाज का हर वर्ग, हर इंसान एक ही रंग में रंगा नजर आता है। लाल या हरे रंग के पीछे छिपे इंसान की न कोई जाति होती है और न कोई धर्म।
लेकिन मेरे दोस्तों, आज मुझे यह कहते हुए दुख होता है कि हमने इस पवित्र त्योहार को कुछ हद तक प्रदूषित कर दिया है। आज प्राकृतिक रंगों की जगह जहरीले केमिकल, कांच मिले हुए पक्के रंगों और कीचड़ ने ले ली है। इसके अलावा, जिस देश में गर्मियों में पीने के पानी का संकट होता है, वहां हम होली के नाम पर लाखों लीटर पानी नालियों में बहा देते हैं।
एक जिम्मेदार छात्र और नागरिक होने के नाते यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम ‘इको-फ्रेंडली होली’ (Eco-Friendly Holi) मनाएं। हमें हर्बल रंगों (Herbal Colors) का इस्तेमाल करना चाहिए और पानी बचाने के लिए ‘सूखी होली’ (Dry Holi) खेलनी चाहिए। बेज़ुबान जानवरों पर रंग डालना एक क्रूरता है, जिससे हमें बचना होगा।
अंत में, मैं बस इतना ही कहना चाहूंगा कि असली होली वह है जो सिर्फ चेहरों पर नहीं, बल्कि दिलों पर रंग चढ़ाए। आइए, गिले-शिकवे मिटाकर एक नई शुरुआत करें।
“दिलों की नफरत को आज मिटाएं,
चलो सब मिलकर प्यार के रंग लगाएं।”
धन्यवाद! आप सभी को होली की अनंत शुभकामनाएं!
होली पर निबंध: रंगों का महापर्व (सभी कक्षाओं के लिए)
भाषण को दमदार बनाने वाले 5 ‘Holi Quotes’
आप इन कोट्स का इस्तेमाल अपनी स्पीच की शुरुआत, बीच में या अंत में कर सकते हैं:
- “राधा का रंग और कान्हा की पिचकारी, प्यार के रंग से रंग दो दुनिया सारी।”
- “ईर्ष्या और नफरत को होलिका में जलाएं, प्रेम के रंगों से दुनिया को सजाएं।”
- “नफरतों के बाज़ार में मोहब्बत का रंग बिखेर दो, आज होली है, हर दुश्मन को गले लगा लो।”
- “रंगों में वो जादू हो जो दिलों की दूरियां मिटा दे, एक ऐसी होली खेलें जो सारा जग महका दे।”
- “पानी बचाएं, पर्यावरण बचाएं, इस बार हर्बल रंगों से सुरक्षित होली मनाएं।”
Frequently Asked Questions (FAQ)
Ans: सीधे पॉइंट पर आएं। सबसे पहले शिक्षकों का अभिवादन करें, फिर 2-3 वाक्यों में भक्त प्रह्लाद की कथा का जिक्र करें और अंत में पानी बचाने व इको-फ्रेंडली होली (Herbal Colors) खेलने का एक मजबूत सामाजिक संदेश देकर अपनी स्पीच समाप्त करें।
Ans: अपनी स्पीच की शुरुआत किसी प्रभावशाली दोहे या कविता (Poetic Hook) से करें, जैसे— “रंगों का त्योहार है होली…”। इससे श्रोताओं का ध्यान तुरंत आपकी तरफ आकर्षित हो जाएगा और आप आत्मविश्वास से भरे हुए दिखेंगे।
स्टेज पर छा जाने की तैयारी
Holi Speech in Hindi for Students की यह स्क्रिप्ट अब आपके पास है। अब आपको बस इसे 3-4 बार शीशे के सामने खड़े होकर ज़ोर-ज़ोर से पढ़ना है।
याद रखें, स्पीच रटकर बोलने से ज्यादा भावनाओं (Emotions) के साथ बोलने में अच्छी लगती है। जब आप “बुरा न मानो होली है” बोलें, तो आपके चेहरे पर मुस्कान होनी चाहिए।
पूरे आत्मविश्वास के साथ स्टेज पर जाएं और अपनी आवाज़ का जादू बिखेरें। आपको हमारी तरफ से ढेर सारी शुभकामनाएं और Happy Holi!
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