History of Indian Army Day in Hindi: भारत में हर साल 15 जनवरी को ‘सेना दिवस’ (Army Day) बहुत धूमधाम और गर्व के साथ मनाया जाता है।
अक्सर लोगों को लगता है कि शायद इसी दिन भारतीय सेना की स्थापना हुई होगी, या शायद भारत ने कोई बड़ा युद्ध जीता होगा। लेकिन सच कुछ और है। भारतीय सेना की स्थापना तो 1895 में ही हो गई थी, तो फिर हम 15 जनवरी को सेना दिवस क्यों मनाते हैं?
इसके पीछे एक ऐतिहासिक घटना है, जिसने गुलाम भारत की सेना को ‘आज़ाद भारत की सेना’ में बदल दिया। आइए जानते हैं इस दिन का पूरा इतिहास।
वो ऐतिहासिक दिन: 15 जनवरी 1949
15 अगस्त 1947 को भारत को आज़ादी मिल गई थी, लेकिन देश की सुरक्षा की कमान (Command) तब भी एक ब्रिटिश अधिकारी के हाथ में थी। उस समय भारतीय सेना के प्रमुख जनरल सर फ्रांसिस बुचर (General Sir Francis Butcher) थे, जो भारत के अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ थे।
आज़ादी के लगभग डेढ़ साल बाद, 15 जनवरी 1949 को वह ऐतिहासिक पल आया जब भारतीय सेना की कमान पूरी तरह से एक भारतीय के हाथों में सौंपी गई।
इस दिन लेफ्टिनेंट जनरल के.एम. करियप्पा (Lt Gen K.M. Cariappa) ने जनरल सर फ्रांसिस बुचर से भारतीय सेना के कमांडर-इन-चीफ का पदभार संभाला।
यह पल भारत के लिए बहुत गर्व का था क्योंकि:
- पहली बार भारतीय सेना का नेतृत्व एक भारतीय कर रहा था।
- इसी दिन ब्रिटिश राज का सेना से पूरी तरह अंत हुआ था।
इसी ऐतिहासिक घटना को याद रखने के लिए हर साल 15 जनवरी को ‘सेना दिवस’ मनाया जाता है।
कौन थे के.एम. करियप्पा? (About Field Marshal K.M. Cariappa)
के.एम. करियप्पा का पूरा नाम कोडंडेरा मडप्पा करियप्पा था। वे कर्नाटक के रहने वाले थे।
- उन्होंने 1947 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय सेना का नेतृत्व किया और कश्मीर को बचाने में अहम भूमिका निभाई।
- सेना के इतिहास में केवल दो अधिकारियों को ‘फील्ड मार्शल’ (Field Marshal) की 5-स्टार रैंक दी गई है— पहले सैम मानेकशॉ और दूसरे के.एम. करियप्पा (1986 में)।
- जवानों के बीच वे ‘किप्पर’ (Kipper) नाम से मशहूर थे।
- उनका नारा था— “जय हिन्द”, जिसे बाद में पूरी सेना ने अपना लिया।
कैसे मनाया जाता है सेना दिवस? (Celebration)
इस दिन देश भर की छावनियों (Cantonments) में परेड होती है, लेकिन मुख्य कार्यक्रम नई दिल्ली में होता है।
- अमर जवान ज्योति (अब नेशनल वॉर मेमोरियल): सुबह सबसे पहले सेना प्रमुख और प्रधानमंत्री शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं।
- परेड: दिल्ली के करियप्पा परेड ग्राउंड में भव्य परेड होती है, जहाँ सेना अपनी ताकत (टैंक, मिसाइल, और आधुनिक हथियार) का प्रदर्शन करती है।
- वीरता पुरस्कार: इस दिन बहादुर सैनिकों को ‘सेना मेडल’ और अन्य वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता है।
भारतीय सेना के बारे में 5 रोचक तथ्य (Interesting Facts)
- सबसे ऊँचा युद्धक्षेत्र: भारतीय सेना दुनिया के सबसे ऊँचे युद्धक्षेत्र ‘सियाचिन ग्लेशियर’ (Siachen) को नियंत्रित करती है, जो समुद्र तल से 5000 मीटर ऊपर है।
- स्थापना: भारतीय सेना की स्थापना 1 अप्रैल 1895 को अंग्रेजों ने की थी।
- सबसे बड़ी सेना: भारतीय सेना दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी स्थायी सेना (Standing Army) है।
- बेली ब्रिज: भारतीय सेना ने दुनिया का सबसे ऊँचा पुल ‘बेली ब्रिज’ (लद्दाख में) बनाया है।
- स्वैच्छिक सेवा: भारतीय सेना में भर्ती पूरी तरह से स्वैच्छिक (Voluntary) है, यहाँ कोई जबरदस्ती भर्ती (Conscription) नहीं होती।
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15 जनवरी का दिन सिर्फ़ एक तारीख नहीं, बल्कि भारतीय सेना के आत्मसम्मान और स्वतंत्रता का प्रतीक है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि कैसे के.एम. करियप्पा ने भारतीय सेना की कमान संभालकर उसे एक नई पहचान दी।
आज हमें उन सभी वीर सैनिकों को नमन करना चाहिए जो सरहद पर जागते हैं, ताकि हम चैन से सो सकें।
भारतीय सेना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!

