Beating Retreat Ceremony 2026

Beating Retreat Ceremony 2026: गणतंत्र दिवस का शानदार समापन और ड्रोन शो

Beating Retreat Ceremony 2026: क्या आपको लगता है कि गणतंत्र दिवस का उत्सव 26 जनवरी को खत्म हो जाता है? जी नहीं! भारतीय परंपरा के अनुसार, इस राष्ट्रीय पर्व का समापन 29 जनवरी को एक भव्य समारोह के साथ होता है, जिसे ‘बीटिंग रिट्रीट’ (Beating Retreat) कहते हैं।

दिल्ली के ऐतिहासिक विजय चौक (Vijay Chowk) पर होने वाला यह समारोह दुनिया के सबसे अनुशासित और सुंदर सैन्य समारोहों में से एक है। 2026 में यह और भी खास होने वाला है क्योंकि इस बार मेड-इन-इंडिया ड्रोन शो और नई स्वदेशी धुनों का जादू देखने को मिलेगा।

आइए जानते हैं इसका इतिहास, समय और टिकट बुक करने का तरीका।


1. बीटिंग रिट्रीट क्या है? (What is Beating Retreat?)

‘बीटिंग रिट्रीट’ एक सदियों पुरानी सैन्य परंपरा है।

  • इतिहास: पुराने समय में जब युद्ध होता था, तो सूर्यास्त के समय बिगुल बजता था, जिसका मतलब होता था— “लड़ाई रोक दो, हथियार म्यान में रख लो और अपने कैंप में वापस आ जाओ।”
  • भारत में शुरुआत: भारत में इसकी शुरुआत 1950 के दशक में हुई थी। इसे मेजर रॉबर्ट्स ने भारतीय सेना के लिए तैयार किया था।
  • महत्व: यह आधिकारिक रूप से गणतंत्र दिवस समारोह (Republic Day Celebrations) के समापन (End) का प्रतीक है।

2. समारोह का समय और स्थान (Date, Time & Venue)

अगर आप इसे लाइव देखना चाहते हैं, तो यह जानकारी नोट कर लें:

विवरणजानकारी
तारीख29 जनवरी 2026
समयशाम 5:00 बजे से 6:30 बजे तक (सूर्यास्त के समय)
स्थानविजय चौक, रायसीना हिल्स, नई दिल्ली
मुख्य अतिथिराष्ट्रपति (President of India) – श्रीमती द्रौपदी मुर्मू
आयोजकरक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence)

3. 2026 के मुख्य आकर्षण (Key Highlights)

इस साल बीटिंग रिट्रीट में क्या खास होने वाला है?

A. भारत का सबसे बड़ा ड्रोन शो (Drone Show)

पिछले कुछ सालों से यह सबसे बड़ा आकर्षण बन गया है। 2026 में लगभग 3,500 स्वदेशी ड्रोन (Indigenously Made Drones) आसमान में जगमगाएंगे। ये ड्रोन हवा में अशोक चक्र, महात्मा गांधी और ‘विकसित भारत’ जैसी आकृतियां बनाएंगे।

B. भारतीय धुनें (Indian Tunes)

पहले इसमें अंग्रेजों की धुनें (जैसे ‘Abide With Me’) बजाई जाती थीं। लेकिन अब मोदी सरकार ने इसे पूरी तरह ‘स्वदेशी’ कर दिया है।

  • 2026 में आप “सारे जहां से अच्छा”, “ऐ मेरे वतन के लोगों” और “कदम कदम बढ़ाए जा” जैसी धुनें सुनेंगे।
  • ‘Abide With Me’ को आधिकारिक रूप से हटा दिया गया है।

C. नॉर्थ और साउथ ब्लॉक की लाइटिंग

समारोह के अंत में राष्ट्रपति भवन, नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक को तिरंगे की रोशनी में नहला दिया जाता है। यह नज़ारा देखने लायक होता है।


4. समारोह का फ्लो (Sequence of Events)

  1. राष्ट्रपति का आगमन: राष्ट्रपति अपनी विशेष बग्घी या कार में आते हैं। उनके आते ही ‘President’s Bodyguard’ (PBG) उन्हें एस्कॉर्ट करते हैं।
  2. राष्ट्रगान: तिरंगा फहराया जाता है और राष्ट्रगान होता है।
  3. बैंड परफॉरमेंस: थल सेना, वायु सेना, नौसेना और पुलिस के बैंड मार्च करते हुए अपनी धुनें बजाते हैं।
  4. रिट्रीट का बिगुल: ठीक सूर्यास्त के समय बिगुल बजता है और झंडा सम्मान के साथ उतार लिया जाता है।
  5. Sare Jahan Se Acha: अंत में सारे बैंड मिलकर ‘सारे जहां से अच्छा’ बजाते हुए रायसीना हिल्स की चढ़ाई चढ़ते हैं और वापस चले जाते हैं।

5. टिकट कैसे बुक करें? (Ticket Booking 2026)

बीटिंग रिट्रीट देखने के लिए टिकट की जरूरत होती है।

  • ऑफिशियल पोर्टल: आप रक्षा मंत्रालय के ‘Aamantran Portal’ (aamantran.mod.gov.in) पर जाकर ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं।
  • ऑफलाइन: दिल्ली में प्रगति मैदान, सेना भवन और जंतर-मंतर पर भी टिकट काउंटर लगते हैं।
  • कीमत: टिकट की कीमत आमतौर पर ₹20, ₹100 और ₹500 होती है।
  • जरूरी दस्तावेज: टिकट बुक करने के लिए आधार कार्ड या कोई भी सरकारी ID अनिवार्य है।

6. घर बैठे कैसे देखें? (Live Telecast)

अगर आप दिल्ली नहीं जा सकते, तो चिंता न करें।

  • टीवी पर: DD National और DD News पर इसका सीधा प्रसारण (Live) शाम 4:50 से शुरू हो जाता है।
  • YouTube: ‘Doordarshan National’ और ‘President of India’ के यूट्यूब चैनल पर भी इसे लाइव देखा जा सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

बीटिंग रिट्रीट सिर्फ एक सेरेमनी नहीं है, यह भारतीय सेना के अनुशासन और संगीत का अद्भुत संगम है। जब हजारों वाद्ययंत्र एक साथ बजते हैं और रायसीना हिल्स रोशनी से नहा उठती है, तो हर भारतीय का मन गर्व से भर जाता है।

अगर मौका मिले, तो 29 जनवरी को विजय चौक जरूर जाएं।


FAQ: Beating Retreat Ceremony

Q1. बीटिंग रिट्रीट किस तारीख को होती है?

Ans: यह हर साल 29 जनवरी को होती है। तारीख कभी नहीं बदलती।

Q2. क्या इसमें आम जनता जा सकती है?

Ans: हाँ, लेकिन इसके लिए आपको पहले से टिकट खरीदना होगा। सुरक्षा कारणों से बिना टिकट प्रवेश नहीं मिलता।

Q3. ‘Abide With Me’ धुन क्यों हटाई गई?

Ans: सरकार का उद्देश्य औपनिवेशिक (अंग्रेजों के जमाने की) निशानियों को हटाकर भारतीय संस्कृति और धुनों को बढ़ावा देना है। इसलिए इसकी जगह ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ को शामिल किया गया।

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गणतंत्र के इस महापर्व का गवाह बनें। 29 जनवरी को शाम 5 बजे टीवी या विजय चौक पर अपनी उपस्थिति जरूर दर्ज कराएं। Siksha Tak की ओर से जय हिन्द!

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