31 January History in Hindi: साल के पहले महीने (जनवरी) का आज आखिरी दिन है। भारतीय इतिहास में 31 जनवरी की तारीख सुनहरे अक्षरों में दर्ज है। यह दिन प्रकृति प्रेमियों और देशभक्तों दोनों के लिए खास है।
आज ही के दिन 1963 में भारत सरकार ने मोर (Peacock) की अद्भुत सुंदरता को देखते हुए उसे ‘राष्ट्रीय पक्षी’ का दर्जा दिया था। वहीं, भारतीय सेना के इतिहास में आज का दिन मेजर सोमनाथ शर्मा के जन्म के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देकर पहला परमवीर चक्र हासिल किया।
आइए, विस्तार से जानते हैं कि इतिहास में 31 जनवरी को देश और दुनिया में क्या-क्या हुआ था।
एक नज़र में: 31 जनवरी की महत्वपूर्ण घटनाएं
| वर्ष (Year) | घटना (Event) | विवरण (Details) |
| 1963 | मोर (Peacock) | भारत सरकार ने मोर को राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया। |
| 1923 | मेजर सोमनाथ शर्मा | भारत के पहले परमवीर चक्र विजेता का जन्म। |
| 1958 | Explorer 1 | अमेरिका ने अपना पहला उपग्रह (Satellite) लॉन्च किया। |
| 1561 | बैरम खान | मुगल बादशाह अकबर के संरक्षक की हत्या। |
| 2010 | अवतार (Avatar) | 2 बिलियन डॉलर कमाने वाली दुनिया की पहली फिल्म बनी। |
| दिवस | Zebra Day | अंतर्राष्ट्रीय ज़ेबरा दिवस (संरक्षण जागरूकता)। |
💡 GK Trick (याद रखें):
26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के ठीक 5 दिन बाद यानी 31 जनवरी को मोर को राष्ट्रीय पक्षी का ताज मिला था। इस तरह आप तारीख कभी नहीं भूलेंगे।
31 January History One Liners (आज का इतिहास: मुख्य घटनाएं)
प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC/SSC) के लिए आज की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं बिंदुवार (Bullet Points) नीचे दी गई हैं:
- 1561: मुगल बादशाह अकबर के संरक्षक और सेनापति बैरम खान की गुजरात के पाटन में धोखे से हत्या कर दी गई थी, जब वे हज यात्रा पर जा रहे थे।
- 1893: दुनिया की सबसे मशहूर सॉफ्ट ड्रिंक कोका-कोला (Coca-Cola) के ट्रेडमार्क को अमेरिका में पहली बार पेटेंट कराया गया।
- 1958: अमेरिका ने अंतरिक्ष की दौड़ (Space Race) में शामिल होते हुए अपना पहला अंतरिक्ष यान Explorer 1 लॉन्च किया। इसी मिशन ने पृथ्वी के चारों ओर ‘वैन एलन रेडिएशन बेल्ट’ की खोज की थी।
- 1996: श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में सेंट्रल बैंक के पास एक भीषण आत्मघाती बम धमाका हुआ, जिसमें 86 लोगों की मौत हुई।
- 2020: यूनाइटेड किंगडम (UK) ने औपचारिक रूप से 47 वर्षों की सदस्यता के बाद यूरोपीय संघ (EU) को छोड़ दिया, जिसे ‘ब्रेग्जिट’ (Brexit) कहा गया।
Peacock Declared National Bird of India (1963)
31 जनवरी का दिन भारत की सांस्कृतिक पहचान के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
31 जनवरी 1963 को भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर ‘मोर’ (Indian Peafowl) को भारत का ‘राष्ट्रीय पक्षी’ (National Bird) घोषित किया। मोर को यह सम्मान उसकी अद्भुत सुंदरता, भारतीय संस्कृति में उसके महत्व और देश के लगभग हर हिस्से में पाए जाने के कारण दिया गया। इसका वैज्ञानिक नाम Pavo cristatus है।
मोर को ही क्यों चुना गया?
- सांस्कृतिक महत्व: हिंदू पौराणिक कथाओं में मोर भगवान कार्तिकेय का वाहन है और भगवान कृष्ण इसे अपने मुकुट में धारण करते हैं।
- पहचान: मोर के रंग (नीला और हरा) और उसका नृत्य उसे अन्य पक्षियों से अलग और शाही बनाते हैं।
- विस्तार: यह उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक पूरे भारत में पाया जाता है, जो ‘विविधता में एकता’ का प्रतीक है।
कानूनी सुरक्षा (Protection)
मोर को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 (Wildlife Protection Act 1972) की अनुसूची-I के तहत पूर्ण सुरक्षा प्राप्त है। इसका शिकार करना या इसे नुकसान पहुंचाना एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
Major Somnath Sharma Birth Anniversary
आज भारतीय सेना के उस शेर का जन्मदिन है, जिसकी वीरता की कहानियां हर सैनिक को प्रेरित करती हैं।
31 जनवरी 1923 को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में मेजर सोमनाथ शर्मा का जन्म हुआ था। वे भारतीय सेना की ‘चौथी कुमाऊं रेजिमेंट’ (4th Kumaon Regiment) के ऑफिसर थे। 1947 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अदम्य साहस दिखाने के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान ‘परमवीर चक्र’ (Param Vir Chakra) से सम्मानित किया गया। वे यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय थे।
बडगाम की लड़ाई (Battle of Badgam 1947)
3 नवंबर 1947 को मेजर सोमनाथ शर्मा की कंपनी को श्रीनगर हवाई अड्डे की रक्षा का जिम्मा मिला था। पाकिस्तानी घुसपैठियों की संख्या 700 से ज्यादा थी, जबकि सोमनाथ शर्मा के पास बहुत कम सैनिक थे।
बावजूद इसके, वे पीछे नहीं हटे। उनका हाथ प्लास्टर में था (हॉकी खेलते समय चोट लगी थी), फिर भी वे खुद अपने सैनिकों को मैगजीन भरकर देते रहे।
उनके आखिरी शब्द (Last Message to Brigade HQ):
“दुश्मन हमसे केवल 50 गज दूर है। उनकी संख्या हमसे बहुत ज्यादा है। हम विनाशकारी आग की चपेट में हैं। लेकिन मैं एक इंच भी पीछे नहीं हटूंगा और अपनी आखिरी गोली और आखिरी सांस तक लड़ूंगा।”
International Zebra Day (आज का विशेष दिवस)
आज ‘अंतर्राष्ट्रीय ज़ेबरा दिवस’ (International Zebra Day) है।
- उद्देश्य: इस दिवस का मुख्य उद्देश्य अफ्रीकी ज़ेबरा के संरक्षण (Conservation) के प्रति जागरूकता फैलाना है।
- स्थिति: ज़ेबरा की तीन प्रजातियां होती हैं— ग्रेवी ज़ेबरा (Grevy’s), मैदानी ज़ेबरा (Plains) और पर्वतीय ज़ेबरा (Mountain)। इनमें से ‘ग्रेवी ज़ेबरा’ लुप्तप्राय (Endangered) की श्रेणी में आता है।
- खतरा: इनके आवास का नष्ट होना और इनकी खाल (Skin) के लिए शिकार करना इनके अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
31 January Famous Birthdays (आज जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति)
- 1923 – मेजर सोमनाथ शर्मा: भारत के पहले परमवीर चक्र विजेता।
- 1975 – प्रीति जिंटा: प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री और आईपीएल टीम (Punjab Kings) की सह-मालकिन।
- 1981 – अमृता अरोड़ा: बॉलीवुड अभिनेत्री।
- 1985 – मनोज तिवारी: भारतीय क्रिकेटर (बंगाल रणजी टीम)।
Famous Deaths (आज हुए निधन)
- 1561 – बैरम खान: मुग़ल साम्राज्य के सेनापति और अकबर के संरक्षक।
- 1961 – श्री कृष्ण सिंह: आधुनिक बिहार के निर्माता और बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री। उन्हें ‘बिहार केसरी’ के नाम से भी जाना जाता है।
- 1969 – मेहर बाबा: प्रसिद्ध भारतीय आध्यात्मिक गुरु, जिन्होंने 44 वर्षों तक मौन रखा था।
- 2004 – सुरैया: 1940 और 50 के दशक की मशहूर गायिका और अभिनेत्री।
History GK Questions
सरकारी नौकरी (UPSC/SSC/Railway) की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए आज के इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न:
| प्रश्न (Question) | उत्तर (Answer) |
| भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर कब घोषित हुआ? | 31 जनवरी 1963 |
| पहला परमवीर चक्र किसे मिला था? | मेजर सोमनाथ शर्मा |
| मेजर सोमनाथ शर्मा किस रेजिमेंट से थे? | 4th Kumaon Regiment (चौथी कुमाऊं) |
| Explorer 1 किस देश का सैटेलाइट था? | अमेरिका (USA) – 1958 में लॉन्च |
| ‘बिहार केसरी’ किसे कहा जाता है? | श्री कृष्ण सिंह (बिहार के पहले CM) |
| मुगल शासक अकबर के संरक्षक कौन थे? | बैरम खान (निधन: 31 Jan 1561) |
31 जनवरी का इतिहास हमें गर्व और प्रेरणा दोनों देता है। एक तरफ हमें मोर जैसा सुंदर राष्ट्रीय प्रतीक मिला, तो दूसरी तरफ मेजर सोमनाथ शर्मा जैसा वीर सपूत, जिसने सिखाया कि देश की रक्षा के लिए आखिरी सांस तक कैसे लड़ा जाता है।
आज के दिन हमें अपनी प्राकृतिक धरोहर (वन्यजीव) और राष्ट्रीय सुरक्षा (सेना) दोनों के प्रति सम्मान व्यक्त करना चाहिए।
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