Internet Cable Facts in Hindi: जब हम अपने फ़ोन पर ‘4G’ या ‘5G’ का टावर देखते हैं, या ‘Cloud Storage’ की बात करते हैं, तो हमें लगता है कि इंटरनेट हवा में तैर रहा है।
लेकिन सच्चाई आपको चौंका देगी। दुनिया का इंटरनेट आसमान से नहीं, बल्कि समुद्र की गहरी तलहटी (Ocean Floor) से आता है।
अगर समुद्र के नीचे बिछी इन तारों (Cables) को काट दिया जाए, तो दुनिया भर का फेसबुक, इंस्टाग्राम और बैंकिंग सिस्टम ठप्प हो जाएगा। आज हम आपको Submarine Optical Fiber Cables से जुड़े ऐसे 8 हैरान करने वाले फैक्ट्स बताएंगे, जो आधिकारिक रिपोर्ट्स (Official Reports) पर आधारित हैं।
1. 99% इंटरनेट पानी के नीचे है (The 99% Rule)
- मिथक: इंटरनेट सैटेलाइट से चलता है।
- सच्चाई: TeleGeography की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया का 99% अंतर्राष्ट्रीय डेटा ट्रैफिक (International Data Traffic) समुद्र के नीचे बिछी ‘सबमरीन केबल्स’ के जरिए सफर करता है।
- सैटेलाइट्स (जैसे Elon Musk का Starlink) अभी भी कुल ट्रैफिक का 1% से भी कम हिस्सा संभालते हैं।
2. कितनी मोटी होती है ये केबल? (Garden Hose Size)
- फैक्ट: लोगों को लगता है कि समुद्र के नीचे बहुत मोटी पाइपलाइन होगी।
- सच्चाई: समुद्र के बीच में (Deep Sea) यह केबल सिर्फ़ एक बगीचे के पाइप (Garden Hose) जितनी मोटी होती है (लगभग 1 इंच)।
- इसके अंदर जो कांच के रेशे (Optical Fibers) होते हैं, वे इंसान के बालों से भी पतले होते हैं।
- लेकिन तट (Shore) के पास, जहाँ जहाजों का खतरा होता है, वहां इसे लोहे के कवच (Armour) से ढका जाता है, जिससे यह मोटी हो जाती है।
3. शार्क के हमले: सच या झूठ? (Sharks vs Google)
- फैक्ट: कहा जाता है कि शार्क इन तारों को चबा जाती हैं।
- सच्चाई: यह पूरी तरह सच नहीं है। 1980 के दशक में कुछ घटनाएं हुई थीं जब शार्क ने इलेक्ट्रिक फील्ड के कारण तारों को काटा था।
- लेकिन अब Google और अन्य कंपनियां अपनी केबल्स पर Kevlar (बुलेटप्रूफ जैकेट वाला मटीरियल) की कोटिंग चढ़ाती हैं। ICPC (International Cable Protection Committee) की रिपोर्ट के अनुसार, अब शार्क के काटने की घटनाएं न के बराबर होती हैं।
4. इंटरनेट का असली मालिक कौन? (Big Tech Dominance)
- फैक्ट: पहले ये तारें सिर्फ सरकारी टेलीकॉम कंपनियां (जैसे BSNL, AT&T) बिछाती थीं।
- सच्चाई: पिछले 10 सालों में खेल बदल गया है। आज दुनिया की सबसे बड़ी केबल्स के मालिक Google, Meta (Facebook), Microsoft और Amazon हैं।
- उदाहरण: अटलांटिक महासागर में बिछी 100% नई केबल्स में इन टेक दिग्गजों का पैसा लगा है।
5. दुनिया में कितनी केबल्स हैं? (Length & Map)
- फैक्ट: यह जाल कितना बड़ा है?
- सच्चाई: 2026 तक, दुनिया भर में लगभग 570 से ज्यादा सक्रिय सबमरीन केबल्स हैं।इनकी कुल लंबाई 1.4 मिलियन किलोमीटर से ज्यादा है। इतनी लंबाई में हम पृथ्वी को 30 बार लपेट सकते हैं।
6. मरम्मत कैसे होती है? (The Repair Ships)
- फैक्ट: अगर समुद्र के बीच में तार टूट जाए तो क्या गोताखोर (Divers) उसे ठीक करते हैं?
- सच्चाई: नहीं, समुद्र बहुत गहरा (कहीं-कहीं माउंट एवरेस्ट जितना गहरा) है।
- तार टूटने पर विशेष ‘Cable Repair Ships’ भेजे जाते हैं। वे समुद्र तल से रोबोट (ROV) की मदद से तार को ऊपर खींचते हैं, जहाज पर उसे जोड़ते (Splice) हैं और वापस पानी में डाल देते हैं। इसमें करोड़ों का खर्च और हफ्तों का समय लगता है।
7. भारत की भूमिका (Landing Stations)
- फैक्ट: भारत में इंटरनेट कहाँ से घुसता है?
- सच्चाई: भारत में इंटरनेट मुख्य रूप से मुंबई (Mumbai) और चेन्नई (Chennai) के तटों से आता है। इन्हें ‘Landing Stations’ कहते हैं।
- मुंबई भारत का सबसे व्यस्त इंटरनेट गेटवे है। रिलायंस जियो और एयरटेल ने यहाँ अपनी विशाल सबमरीन केबल्स (जैसे I-ME-WE, SEA-ME-WE) लैंड कराई हैं।
8. इनकी उम्र कितनी होती है? (Lifespan)
- फैक्ट: क्या ये हमेशा के लिए होती हैं?
- सच्चाई: एक सबमरीन केबल की औसत उम्र 25 साल होती है। इसके बाद तकनीक पुरानी हो जाती है या रखरखाव महंगा हो जाता है, और उन्हें रिटायर (Decommission) कर दिया जाता है।
FAQ: Internet Cables से जुड़े सवाल
Ans: पूरी दुनिया का बैंकिंग सिस्टम, शेयर बाज़ार और कम्युनिकेशन ठप्प हो जाएगा। देश एक-दूसरे से डिजिटल रूप से कट जाएंगे। यह किसी परमाणु हमले से कम नहीं होगा।
Ans: केबल्स स्पीड और स्थिरता (Stability) में स्टारलिंक से बहुत आगे हैं। स्टारलिंक दूरदराज के इलाकों (पहाड़ों/जंगलों) के लिए अच्छा है, लेकिन शहरों और देशों का डेटा आज भी केबल्स से ही चलता है।
Ans: एक ट्रान्स-ओशनिक (महासागर पार करने वाली) केबल बिछाने में $300 मिलियन से $500 मिलियन (लगभग 2500-4000 करोड़ रुपये) का खर्च आता है।
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अगली बार जब आप Netflix पर कोई मूवी देखें या WhatsApp पर वीडियो कॉल करें, तो याद रखें कि आपका डेटा हवा में नहीं उड़ रहा, बल्कि समुद्र के नीचे अंधेरे में, शार्क और व्हेल के बीच से, प्रकाश की गति (Speed of Light) से सफर कर रहा है।

