Samvidhan Diwas Essay in Hindi: भारतीय संविधान देश का सर्वोच्च कानून है, जो देश के आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक जीवन का आधार माना जाता है। संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ, जिससे भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य बन गया। यह देश के प्रत्येक नागरिक को मौलिक अधिकार प्रदान करता है और उनके कर्तव्यों को भी निर्धारित करता है। भारत का संविधान न केवल नियमों का संग्रह है, बल्कि एक जीवंत दस्तावेज है, जो भारत के प्रत्येक नागरिक को जीवन की दिशा देता है। यह देश के प्रत्येक वर्ग को सम्मान, सुरक्षा और न्याय प्रदान करता है।
संविधान के अनुसार भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है, जो देश के प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता प्रदान करता हैं। इसके साथ ही यह शिक्षा, अभिव्यक्ति की आजादी और संवैधानिक उपचार एक अधिकार भी प्रदान करता है।
Essay on constitution Day in Hindi 100 Words: संविधान दिवस पर 100 शब्दों में निबंध
भारतीय संविधान देश का सर्वोच्च कानून है, जो देश की कानून, कर्तव्य, राजनीति और अधिकारों को तय करता है। 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने भारत के संविधान को अपनाया था, तब से हर साल 26 नवंबर संविधान दिवस के रूप में देश भर में मनाया जाता है। इसके साथ ही 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ, इसलिए यह दिन भारत में गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।
संविधान सभा का गठन संविधान निर्माण के लिए किया गया, जिसकी अध्यक्षता डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने की और संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर को प्रारूप समिति का अध्यक्ष बनाया गया।
संविधान में 22 भाग, 12 अनुसूचियां और 470 से भी अधिक अनुच्छेद हैं। जो इसे दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान बनाता है।इसमें भारतीय नागरिकों के लिए 6 मौलिक अधिकारों को शामिल किया है-
- समानता का अधिकार
- स्वतंत्रता का अधिकार
- शोषण के विरुद्ध अधिकार
- संस्कृति एवं शिक्षा का अधिकार
- धार्मिक स्वतंत्रता
- संवैधानिक उपचार का अधिकार
न्यायपालिका की स्वतंत्रता, धर्मनिरपेक्षता, सार्वभौमिक मताधिकार और संघीय ढांचा जैसी संविधान की विशेषताएं इसे अन्य देशों के संविधान से अलग और विशेष बनाती हैं।
Essay on constitution Day in Hindi 500 Words: संविधान दिवस पर 500 शब्दों में निबंध
भारतीय संविधान देश का सर्वोच्च कानून दस्तावेज है, हो देश को धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और गणराज्य के रूप में परिभाषित करता है। यह न केवल शासन प्रणाली का ढांचा है बल्कि देश के प्रत्येक व्यक्ति के कर्तव्यों और अधिकारों की व्याख्या करता है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं-
संविधान क्या है?
संविधान देश का मूल और सर्वोच्च कानून है, जो भारत को समतावादी, संगठित और लोकतांत्रिक गणराज्य बनाने से उद्देश्य से बनाया गया था। इसे संविधान सभा द्वारा 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू कर दिया गया।
देश भर से संविधान सभा के प्रतिनिधि चुन गए और संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में डॉ. भीमराव अंबेडकर में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह भारत का सबसे लंबा लिखित संविधान है, जिसमें 22 भाग, 12 अनुसूचियों और 470 से भी अधिक अनुच्छेद है। इसका उद्देश्य देश के प्रत्येक नागरिक को स्वतंत्रता, समानता, न्याय और बंधुत्व की भावना देना है।
संविधान दिवस मनाने की शुरुआत कैसे हुई?
डॉ. बी. आर. अंबेडकर की स्टेच्यू ऑफ इक्वैलिटी स्मारक की आधारशिला रखते हुए मुंबई में 11 अक्टूबर 2015 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 नवंबर को हर साल संविधान दिवास के रूप में मनाने की घोषणा की। इस तरह से 26 नवंबर 2015 को संविधान दिवस मनाने की शुरुआत हुई। पहले यह दिन विधि दिवस के रूप में मनाया जाता है।
संविधान दिवस मानने का उद्देश्य संविधान निर्माताओं को सम्मान देना और देश के नागरिकों में संवैधानिक मूल्यों को बढ़ाना था। डॉ. बी. आर. अंबेडकर को भारतीय संविधान का पिता (Father of Indian Constitution) माना जाता है। डॉ. बी. आर. अंबेडकर की 125वीं जयंती 2015 में सरकार में एक बड़े पैमाने पर मनाने का निर्णय लिया।
उस दिवस पर देश भर में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम, फोटो प्रदर्शनियां, डिजिटल प्रदर्शनियां, निबंध प्रतियोगिता और कई जागरूकता रैलियां आयोजित की जाती हैं। इस कार्यक्रमों का उद्देश्य देश के नागरिकों में संविधान के सम्मान और जागरूकता फैलाना है।
भारतीय संविधान कब और कैसे बना?
भारत का संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है। संविधान सभा द्वारा इसे 26 जनवरी 1949 को अंगीकृत किया गया और 26 जनवरी 1950 को पूर्ण रूप से उसे लागू कर दिया गया। भारतीय संविधान देश की सांस्कृतिक, राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक को ध्यान में रखते हुए इसको तैयार किया गया है।
15 अगस्त 1947 को जब देश आजाद हुआ तो देश में शासन व्यवस्था को सुचारू रूप से चलने के लिए संविधान सभा की घोषणा की गई। 9 दिसंबर 1947 से संविधान सभा अपना कार्य प्रारंभ कर दिया। संविधान सभा के प्रमुख सदस्यों में डॉ. भीमराव अंबेडकर, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और मौलाना अबुल कलाम आजाद शामिल थे। संविधान सभा के पहले अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद सिंहा थे और बाद में डॉ. राजेंद्र प्रसाद को संविधान सभा का अध्यक्ष चुना गया।
संविधान सभा की मसौदा समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे। संविधान सभा ने इस पर 2 वर्ष ,11 महीने, 18 दिन में कुल 114 बहस और कुल 12 अधिवेशन हुए और अंत में 284 सदस्यों
ने इस पर हस्ताक्षर किया। संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को इसे पारित कर दिया और 26 जनवरी 1950 को पूर्ण रूप से इसे देश भर में लागू कर दिया गया
संविधान की विशेषताएं
- धर्मनिरपेक्षता: भारत में किसी भी राज्य का कोई आधिकारिक धर्म नहीं है।
- लिखित संविधान: भारतीय संविधान दुनिया एक सबसे मानव लिखित संविधान है।
- संघीय ढांचा: केंद्र और राज्य के बीच शक्तियों का बटवारा।
- लोकतांत्रिक व्यवस्था: देश के प्रत्येक नागरिक को मतदान का अधिकार प्राप्त है।
- संशोधन की प्रक्रिया: संविधान को समय के अनुसार संशोधित किया जा सकता है।
- न्यायपालिका की स्वतंत्रता: भारतीय न्याय व्यवस्था निष्पक्ष और स्वतंत्र है।
- मौलिक अधिकार: जैसे स्वतंत्रता, समानता, धर्म की स्वतंत्रता, शोषण से मुक्ति आदि।
निष्कर्ष
भारतीय संविधान देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, एकता और अखंडता का स्तंभ है। यह देश के नागरिकों को मौलिक अधिकार तो प्रदान करता ही है साथ ही उनके कर्तव्यों को भी राह दिखाता है। धर्मनिरपेक्षता, स्वतंत्रता, समानता और न्याय जैसी संविधान की विशेषताएं भारत को एक सशक्त राष्ट्र बनाती हैं।
देश के सभी नागरिकों को संविधान का समान करना चाहिए और इनमें निहित आदर्शों का पालन करना चाहिए। यह हमें एक जिम्मेदार नागरिक बनने की राह दिखाता हैं। भारत का संविधान न सिर्फ एक कानूनी दस्तावेज है, बल्कि यह हमारे देश के लोकतंत्र की आत्मा है, जो देश के प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और गौरव का अवसर प्रदान करती है।
FAQs
उत्तर: 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन 1949 में भारत के संविधान को अपनाया गया था।
उत्तर: संविधान के पिता डॉ. भीमराव अम्बेडकर थे।
उत्तर: संविधान बनाने वाली संविधान सभा में 299 सदस्य थे।
उत्तर: संविधान में कुल 448 अनुच्छेद हैं।
उत्तर: संविधान पर हस्ताक्षर करने वाली प्रथम महिला राजकुमारी अमृत कौर थीं।
संबंधित अर्टिकल
उम्मीद है आप सभी पाठकों को Samvidhan Diwas Essay in Hindi से संबंधित जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही और अधिक निबंध के ब्लॉग्स पढ़ने के लिए Shikshatak.com पर विजिट करें।

