पंडित जवाहरलाल नेहरू पर निबंध

Essay on Pandit Jawaharlal Nehru in Hindi: स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू पर यह निबंध है बेहद महत्वपूर्ण

Essay on Pandit Jawaharlal Nehru in Hindi: स्वतंत्र और आधुनरक भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का यह निबंध छोटी कक्षाओं से लेकर बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इस निबंध से सम्बन्धित कई सवाल पूछे जाते हैं। आइए इस लेख में नेहरू जी पर 100 शब्दों में और 500 शब्दों में निबंध पर चर्चा करते है –

पंडित जवाहरलाल नेहरू पर निबंध 100 शब्दों में:

पंडित जवाहरलाल नेहरू जिन्हें प्यार से ‘चाचा नेहरू‘ के नाम से भी जाना जाता है भारतीय इतिहास के एक बहुत महान व्यक्तियों में एक हैं। जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद (प्रयागराज) में एक धनी कश्मीरी पंडित परिवार ने हुआ। चाचा नेहरू नव स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री तो थे ही साथ में ही वे एक महान नेता, लोकतंत्र के प्रबल समर्थक और सामाजिक न्याय के बहुत अच्छे प्रणेता भी थे। उन्होंने अपना सारा जीवन देश की जनता की सेवा में समर्पित कर दिया था इनके योगदान ने देश में एक अमिट छाप छोड़ी है।

चाचा नेहरू एक बहुत ही प्रतिष्ठित परिवार से थे उनके पिता जी का नाम मोतीलाल नेहरू था जोकि एक बहुत प्रतिष्ठित वकील थे और माता का नाम स्वरूपरानी था। नेहरू जी का निधन 27 मई 1964 को दिल का दौरा पड़ने से हो गई।

Essay on Pandit Jawaharlal Nehru in 500 words:  जवाहरलाल नेहरू पर निबंध विस्तार से: 

निबंध हमें सोचने, आत्मविश्वास और स्वतंत्रता से अपनी बात रखने की क्षमता प्रदान करता है इसके माध्यम से हम विचारों को साझा करके समाज में बदलाव लाने और मस्तिष्क को विकसित करने में मदद करता है।  जवाहरलाल नेहरू के इस निबंध में हम नेहरू जी के कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे-

प्रस्तावना:

पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा घर पर ही निजी शिक्षकों से प्राप्त की, 15 वर्ष की आयु में वे इंग्लैंड चले गए 2 साल हैरो में रहने के बाद कैंब्रिज विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया जहाँ से प्राकृतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री ली।

1912 में वापस भारत लौटने के बाद वे सीधे राजनीति से जुड़ गए।  इस वर्ष ही वे एक प्रतिनिधि के रूप में बांकीपुर सम्मेलन में सम्मिलित हुए एवं 1919 में इलाहाबाद के होम रूल लीग के सचिव बने गए।

 जवाहरलाल नेहरू का इतिहास:

जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्र भारत (1889-1964) के पहले प्रधानमंत्री बने उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महात्मा गांधी का साथ दिया और कई बार जेल भी गए। 1947 में देश आजाद होने के बाद वो प्रधानमंत्री बने और भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, आधुनिकीकरण और गुटनिरपेक्ष विदेश नीति भी अपनाई। जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन 14 नवम्बर को बाल दिवस के रूप में पूरे देश में मनाया जाता है।

जवाहरलाल नेहरू 1916 में गांधी जी से मिले उसके बाद वो भी गांधी जी के साथ भारत की स्वतंत्रता के संघर्ष में शामिल हो गए और कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। जवाहरलाल नेहरू ने भारत की आजादी के संघर्ष में अंग्रेजों को नाराज़ किया जिसकी वजह से उन्हें (1921-1945) के बीच करीब 9 बार जेल भी भेजा गया।

नेहरू जी भारत के आधुनिकीकरण और विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बहुत बढ़ावा देते थे। इन्होंने योजना आयोग का गठन भी किया और देश में कृषि और उद्योग के लिए पंचवर्षी योजनाओं को लागू किया।

परिवार:

मोतीलाल नेहरू जवाहरलाल नेहरू के पिता थे जो एक प्रसिद्ध वकील और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता भी थे। इनकी माता का नाम स्वरूपरानी नेहरू था वह एक कश्मीरी ब्राह्मण परिवार से थी और इन्होंने भी स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रूप से भाग लिया था। इनकी पत्नी का नाम कमला नेहरू था जो एक समाज सुधारक और अखिल भारतीय कमिटी की सदस्य भी थी। जवाहरलाल नेहरू और कमला नेहरू की इकलौती पुत्री का नाम इंदिरा गांधी था। इंदिरा गांधी का विवाह फिरोज़ गांधी से हुआ, इंदिरा गांधी और फिरोज़ गांधी के पुत्र का नाम राजीव गांधी था, जो भारत के प्रधानमंत्री भी बने। 

प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल:

जवाहरलाल नेहरू का प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964 तक रहा, जो देश में सबसे लंबा कार्यकाल 16 वर्ष 286 दिन रहा। पंडित नेहरू आधुनिक भारत के संस्थापक और प्रथम प्रधानमंत्री थे। भारत चीन युद्ध के दौरान पद पर रहते हुए उनकी मृत्यु 27 मई 1964 को दिल का दौरा पड़ने से हो गई।

मृत्यु कब और कैसे हुई?

भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु 74 वर्ष की आयु में 27 मई 1964 को हुई थी। निधन के एक रात पहले उनकी तबियत खराब हुई और दिल का दौरा पड़ने से उनकी मृत्यु हो गई। जवाहरलाल नेहरू के निधन की घोषणा दोपहर 2:05 पर रेडियो से की गई, जिसके बाद लाखों की संख्या में लोग प्रधानमंत्री आवास पर इकट्ठा हो गए। उनके निधन के बाद देश में 12 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई। 29 मई 1964 को उनका अंतिम संस्कार किया गया जिसमें देश विदेश के कई नेता शामिल हुए।

जवाहरलाल नेहरू की महत्वपूर्ण उपलब्धियां एवं गतिविधियां:

जवाहरलाल नेहरू उत्कृष्ट कोटि के नेता थे जिन्होंने स्वतन्त्रता, लोकतन्त्र और आधुनिकीकरण को बढ़ावा दिया और राष्ट्र की प्रगति और एकता को बनाए रखने में बहुत योगदान दिया। आइए जवाहरलाल नेहरू की कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियों और गतिविधियों की चर्चा करते हैं –

  • जवाहरलाल नेहरू को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में 5 बार चयनित किया गया।
  • प्रधानमंत्री के पद पर कार्यरत होते हुए भी, भारत के विभाजन की देख रेख की।
  • भारत के चुनाव आयोग की स्थापना में जवाहरलाल नेहरू का अहम योगदान रहा है।
  • प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के बीच सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर हुए।
  • जवाहरलाल नेहरू ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन की सदस्यता और समर्थन के माध्यम से भारत की स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
  • नेहरू जी ने योजना आयोग का गठन किया और तीन पंचवर्षीय योजनाओं को लागू किया, जिसने कृषि और उद्योग को एक नई दिशा प्रदान की।
  • बच्चों की शिक्षा और विकास में इनका बहुत योगदान रहा है इसलिए इनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।

उपसंहार:

नेहरू जी को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके जन्मदिन (14 नवंबर) को पूरे देश में बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। चाचा नेहरू बच्चों के बहुत प्रिय नेता थे क्योंकि वे बच्चों के अधिकारों का समर्थन करते थे और उनको समाज की नींव और असली ताकत समझते थे।

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