5 March History

5 March History: जब एक ‘समझौते’ ने बदला भारत का इतिहास और दुनिया ने देखा ‘शीत युद्ध’ का आगाज़

5 March History in hindi : जब एक ‘समझौते’ ने बदला भारत का इतिहास और दुनिया ने देखा ‘शीत युद्ध’ का आगाज़ 5 मार्च का दिन भारत और दुनिया के इतिहास की दिशा बदलने वाला दिन माना जाता है। 1931 में आज ही के दिन महात्मा गांधी और तत्कालीन वायसराय लॉर्ड इरविन के बीच वह ऐतिहासिक समझौता हुआ था, जिसने भारत के स्वतंत्रता संग्राम की रूपरेखा बदल दी थी। वहीं विश्व इतिहास (World History) के पन्नों में यह दिन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ‘शीत युद्ध’ (Cold War) की शुरुआत और सोवियत तानाशाह स्टालिन के अंत के लिए जाना जाता है।

प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC/SSC) की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए 5 March historical events GK का यह लेख बहुत ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज के दिन इतिहास में कई ऐसी कूटनीतिक और राजनीतिक घटनाएं घटी थीं, जिनका असर आज भी दुनिया पर देखा जा सकता है। चलिए, इन ऐतिहासिक पन्नों को पलटते हैं।


1931: ऐतिहासिक ‘गांधी-इरविन समझौता’ (Gandhi-Irwin Pact)

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में कई आंदोलन हुए, लेकिन ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ (Civil Disobedience Movement) ने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी। इसी आंदोलन को रोकने के लिए अंग्रेजों को गांधीजी के साथ एक मेज पर बैठना पड़ा था।

5 मार्च 1931 को लंदन के ‘द्वितीय गोलमेज सम्मेलन’ (Second Round Table Conference) से ठीक पहले महात्मा गांधी और भारत के तत्कालीन वायसराय लॉर्ड इरविन (Lord Irwin) के बीच एक राजनीतिक समझौता (Political Agreement) हुआ था। भारतीय इतिहास में इसे ही ‘गांधी-इरविन समझौता’ (Gandhi Irwin Pact) कहा जाता है।

समझौते की शर्तें और महत्व (Gandhi Irwin Pact 1931 UPSC Notes in Hindi):

  • दिल्ली समझौता: इस ऐतिहासिक बैठक को ‘दिल्ली समझौता’ (Delhi Pact) भी कहा जाता है। इस समझौते के लिए गांधीजी और लॉर्ड इरविन के बीच कई बैठकों का दौर चला था।
  • आंदोलन की समाप्ति: इस पैक्ट की सबसे बड़ी शर्त यह थी कि गांधीजी अपने ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ (नमक सत्याग्रह) को रोक देंगे और लंदन में होने वाले द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में कांग्रेस की ओर से हिस्सा लेंगे।
  • अंग्रेजों की रियायतें: इसके बदले में ब्रिटिश सरकार इस बात पर राजी हुई कि वह हिंसा के आरोपियों को छोड़कर बाकी सभी राजनीतिक कैदियों को रिहा कर देगी। इसके साथ ही, भारतीयों को समुद्र के किनारे अपने निजी उपयोग के लिए नमक बनाने (Salt Production) का अधिकार भी दे दिया गया।
  • राजनीतिक जीत: यह पहली बार था जब ब्रिटिश सरकार ने किसी भारतीय नेता (गांधीजी) को अपने ‘समान स्तर’ (Equal) पर बिठाकर बातचीत की थी, जो भारत की एक बहुत बड़ी राजनीतिक और नैतिक जीत थी।

1953: सोवियत तानाशाह ‘जोसेफ स्टालिन’ का निधन (Death of Joseph Stalin)

विश्व इतिहास में 5 मार्च की तारीख एक ऐसे तानाशाह के अंत की गवाह है, जिसने अपने देश को सुपरपावर तो बनाया, लेकिन उसकी कीमत लाखों बेगुनाह लोगों की जान से चुकाई गई।

5 मार्च 1953 को सोवियत संघ (USSR) पर लगभग तीन दशकों (25 साल) तक खौफ और क्रूरता से राज करने वाले जोसेफ स्टालिन (Joseph Stalin) का 74 वर्ष की उम्र में ब्रेन हैमरेज (स्ट्रोक) से निधन हो गया था।

स्टालिन का युग और उसके बाद का प्रभाव:

  • तानाशाही का दौर: स्टालिन ने एक पिछड़े हुए कृषि प्रधान देश को दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक और सैन्य महाशक्ति (Superpower) में बदल दिया था। लेकिन इस विकास के पीछे उनके ‘पर्ज’ (Purges) और लेबर कैंप (Gulag) की क्रूर सच्चाई छिपी थी।
  • विश्व राजनीति में बदलाव (Joseph Stalin death world history): उनके निधन के बाद विश्व राजनीति में एक बहुत बड़ा बदलाव आया। रूस की सत्ता में नए युग की शुरुआत हुई और बाद में निकिता ख्रुश्चेव (Nikita Khrushchev) ने सत्ता संभाली, जिन्होंने स्टालिन की कई कठोर नीतियों को बदल दिया।

1946: चर्चिल का ‘आयरन कर्टेन’ भाषण (Iron Curtain Speech)

स्टालिन के दौर में ही दुनिया ने एक नए तरह का युद्ध देखा, जिसे ‘शीत युद्ध’ (Cold War) कहा गया। इसकी शुरुआत एक बहुत ही मशहूर भाषण से मानी जाती है।

5 मार्च 1946 को ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल (Winston Churchill) ने अमेरिका के मिसौरी (Missouri) स्थित वेस्टमिंस्टर कॉलेज में अपना प्रसिद्ध ‘आयरन कर्टेन’ (Iron Curtain) भाषण दिया था। इसी भाषण को दुनिया में अमेरिका और सोवियत संघ के बीच ‘शीत युद्ध’ (Cold War) का औपचारिक आगाज़ माना जाता है।

भाषण का मुख्य संदेश:

चर्चिल ने अपने भाषण में चेतावनी दी थी कि सोवियत संघ (रूस) पूरे पूर्वी और मध्य यूरोप पर अपना कम्युनिस्ट प्रभाव बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि बाल्टिक में स्टेटिन से लेकर एड्रियाटिक में ट्राइस्टे तक, यूरोप के आर-पार एक “लोहे का पर्दा” (Iron Curtain) गिर चुका है। यह शब्द (Winston Churchill Iron curtain speech) बाद में पश्चिमी लोकतंत्र और सोवियत कम्युनिज्म के बीच विभाजन का सबसे बड़ा प्रतीक बन गया।


5 March: प्रमुख व्यक्तियों का जन्म (Famous Birthdays)

भारतीय राजनीति और कला जगत के लिए 5 मार्च का दिन कुछ महान विभूतियों के जन्म के लिए भी जाना जाता है:

वर्षनामपहचान और महत्व
1916बीजू पटनायक (Biju Patnaik)ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत के महान राजनेता। उनकी पहचान सिर्फ एक नेता की नहीं थी, बल्कि वे एक बेहद साहसी पायलट (Aviator) भी थे। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान और बाद में, उन्होंने अपने विमान से कई साहसिक उड़ानें भरीं और डच सेना से बचाकर इंडोनेशियाई नेताओं (जैसे सुहार्तो) को सुरक्षित निकाला था। इंडोनेशिया ने उन्हें अपने सर्वोच्च सम्मान ‘भूमि पुत्र’ से नवाजा था।
1959शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan)मध्य प्रदेश के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले दिग्गज राजनेता और वर्तमान में भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री।
1913गंगूबाई हंगल (Gangubai Hangal)भारत की महान हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायिका। ख्याल गायकी की इस दिग्गज कलाकार को भारत सरकार द्वारा ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया गया था।

5 March: प्रमुख व्यक्तियों का निधन (Famous Deaths)

आज ही के दिन विश्व के कुछ बड़े नेताओं ने दुनिया को अलविदा कहा था:

  • 1953 – जोसेफ स्टालिन (Joseph Stalin): सोवियत संघ (USSR) का क्रूर और ताकतवर तानाशाह।
  • 2013 – ह्यूगो शावेज (Hugo Chavez): वेनेजुएला के समाजवादी राष्ट्रपति, जिन्होंने 14 साल तक सत्ता संभाली। वे अमेरिका के कट्टर आलोचक रहे और लैटिन अमेरिका में वामपंथी राजनीति के सबसे बड़े चेहरे माने जाते थे।

Exam Corner: ज्ञान की बात (GK Questions For Students)

प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, SSC, State PCS) की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए आज के इतिहास से जुड़े कुछ बेहद महत्वपूर्ण प्रश्न:

Q: ऐतिहासिक ‘गांधी-इरविन समझौता’ (Gandhi-Irwin Pact) कब और किसके बीच हुआ था?

Ans: 5 मार्च 1931 को, महात्मा गांधी और तत्कालीन वायसराय लॉर्ड इरविन के बीच।

Q: किस समझौते के बाद महात्मा गांधी ने ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ (Civil Disobedience Movement) रोक दिया था?

Ans: गांधी-इरविन समझौते के बाद।

Q: प्रसिद्ध ‘आयरन कर्टेन’ (Iron Curtain) भाषण किसने और कब दिया था?

Ans: 5 मार्च 1946 को ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल ने।

Q: ‘शीत युद्ध’ (Cold War) की शुरुआत का प्रतीक किस भाषण को माना जाता है?

Ans: विंस्टन चर्चिल के ‘आयरन कर्टेन’ भाषण को।

Q: बीजू पटनायक (Biju Patnaik) का जन्म कब हुआ था और वे किस राज्य के मुख्यमंत्री थे?

Ans: 5 मार्च 1916 को जन्म हुआ था और वे ओडिशा के मुख्यमंत्री थे।

शक्ति और कूटनीति का दिन

5 March History का यह पन्ना हमें कूटनीति (Diplomacy) और शक्ति (Power) का एक बहुत बड़ा पाठ पढ़ाता है।

चाहे वह 1931 में महात्मा गांधी का वह शांतिपूर्ण ‘गांधी-इरविन समझौता’ हो जिसने बिना हथियार उठाए ब्रिटिश साम्राज्य को एक मेज पर ला खड़ा किया, या फिर स्टालिन की उस क्रूर सत्ता का अंत हो जिसने दुनिया को खौफ में रखा था। विंस्टन चर्चिल का भाषण भी हमें यही याद दिलाता है कि दुनिया में विचारधाराओं की लड़ाई हमेशा एक ‘लोहे का पर्दा’ खींच देती है। इतिहास का हर पन्ना हमें अपने वर्तमान को सुधारने और एक बेहतर कल बनाने की सीख देता है।


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